जोधपुर में अप्रैल के बीच में ही तापमान 39°C तक पहुंचने से जून जैसी गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने 17 अप्रैल से हीटवेव की शुरुआत के संकेत दिए हैं, जिससे आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। प्रशासन पानी, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारी में जुटा है, जबकि लोगों को दोपहर में धूप से बचने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी गई है।
जोधपुर में अप्रैल के बीच में ही गर्मी ने जून जैसा एहसास कराना शुरू कर दिया है। आज न्यूनतम तापमान करीब 29 डिग्री और अधिकतम 39 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर तापमान 29 डिग्री के आसपास बना रह सकता है और हल्की हवा चलने की संभावना है, लेकिन दोपहर में लू जैसे हालात लोगों को काफी परेशान कर सकते हैं। राजस्थान मौसम केंद्र, जयपुर ने 17 अप्रैल से राज्य के कई हिस्सों में हीटवेव की औपचारिक शुरुआत के संकेत दिए हैं, जिसमें जोधपुर और आसपास का मारवाड़ क्षेत्र भी शामिल है। ताजा अपडेट के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, और दोपहर से शाम तक गर्म हवाएं चलने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन के लिए पानी, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं की लगातार उपलब्धता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन सकता है। पिछले कुछ सालों के आंकड़े बताते हैं कि मारवाड़ क्षेत्र में अप्रैल के बाद हीटवेव के दिनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसका सीधा असर बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले मजदूरों पर पड़ता है। नगर निगम और जलदाय विभाग ने इस बार पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है, जिसमें टैंकरों की अतिरिक्त व्यवस्था, सार्वजनिक जगहों पर पेयजल उपलब्ध कराना और खराब हैंडपंपों की मरम्मत को प्राथमिकता देना शामिल है। हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक विस्तृत बुलेटिन जारी नहीं हुआ है। स्वास्थ्य के लिहाज से शहर के सरकारी अस्पतालों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को हीट स्ट्रोक के संभावित मामलों के लिए अलर्ट रहने की सलाह दी गई है। पिछले वर्षों में तेज धूप के दौरान चक्कर आना, डिहाइड्रेशन और ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं में बढ़ोतरी देखी गई थी। डॉक्टर आमतौर पर सलाह देते हैं कि दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक सीधी धूप में कम निकलें, हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें और लगातार पानी पीते रहें, खासकर बुजुर्ग, बच्चे और दिल या सांस के मरीज। गर्मी का असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखने लगा है। दिन चढ़ते ही बाजारों में रौनक कम हो जाती है और लोग अपने जरूरी काम सुबह या शाम को निपटाने की कोशिश कर रहे हैं। निर्माण मजदूरों, डिलीवरी कर्मियों और रिक्शा या ऑटो चालकों जैसे आउटडोर वर्कर्स के लिए हालात और मुश्किल हो जाते हैं, क्योंकि उनकी कमाई काम के घंटों पर निर्भर करती है। गर्मी बढ़ने के साथ काम के घंटे घटते हैं, जिससे आय पर भी असर पड़ता है। स्कूलों के समय में बदलाव को लेकर अभी कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन अगर तापमान 40–42 डिग्री से ऊपर जाता है तो समय में बदलाव या गर्मी की छुट्टियों को आगे बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। वहीं, पेयजल संकट को लेकर लोगों की चिंता बनी हुई है, और उम्मीद है कि इस बार प्रशासन टैंकर सप्लाई और पाइपलाइन लॉस पर समय रहते नियंत्रण रखेगा। कुल मिलाकर, जोधपुर इस समय एक ऐसे मौसमीय दौर से गुजर रहा है जहां आने वाले दो हफ्ते तय करेंगे कि गर्मी कितनी तेज होगी और प्रशासन इसे कितनी अच्छी तरह संभाल पाता है। अगर समय रहते छायादार स्थानों, पेयजल पॉइंट्स और जनजागरूकता पर ध्यान दिया गया, तो हीटवेव के स्वास्थ्य और आर्थिक असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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1 मई 2026