अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब नीति मामले में राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ साज़िश या आपराधिक मंशा साबित नहीं हो पाई। फैसले के बाद केजरीवाल ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर राजनीतिक साज़िश का आरोप लगाया और कहा कि सच की जीत हुई है। सिसोदिया ने भी फैसले का स्वागत करते हुए इसे संविधान और न्याय व्यवस्था की जीत बताया।
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने आज़ाद भारत में एक अभूतपूर्व राजनीतिक साज़िश रची। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को मीडिया के सामने भावुक हो गए, जब दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें और पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को दिल्ली शराब नीति मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने एक ऐसी राजनीतिक साज़िश रची, जैसी आज़ाद भारत में पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी की रणनीति AAP के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाकर पार्टी को खत्म करने की थी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि सच हमेशा जीतता है। उन्होंने कहा, “मैं भ्रष्ट नहीं हूं। अदालत ने कहा है कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं। आज अदालत ने इस मामले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया। हम हमेशा कहते थे कि सच की जीत होती है। हमें भारतीय न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। अमित शाह और मोदी जी ने मिलकर AAP को खत्म करने की सबसे बड़ी राजनीतिक साज़िश रची और पार्टी के 5 बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया। एक बैठे हुए मुख्यमंत्री को घर से घसीटकर जेल भेज दिया गया। केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है। मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है। आज अदालत ने कहा है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और AAP कट्टर ईमानदार हैं।” मनीष सिसोदिया ने भी अदालत के फैसले का स्वागत किया और कहा कि सच की जीत हुई है। उन्होंने कहा, “सत्यमेव जयते। आज एक बार फिर मुझे बाबा साहेब अंबेडकर जी की दूरदर्शी सोच और उनके बनाए संविधान पर गर्व महसूस हो रहा है। मोदी जी की पूरी पार्टी और उनकी सभी एजेंसियों ने हमें बेईमान साबित करने की कोशिश की, लेकिन आज साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं।” राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को दिल्ली आबकारी नीति मामले में बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि कथित केंद्रीय साज़िश में उनकी भूमिका साबित नहीं हो पाई। कोर्ट ने माना कि आरोप “न्यायिक जांच की कसौटी पर खरे नहीं उतरे” और मनीष सिसोदिया के खिलाफ “कोई आपराधिक मंशा” नहीं पाई गई। अदालत ने यह भी कहा कि साज़िश की थ्योरी “किसी एक संवैधानिक पदाधिकारी के खिलाफ टिक नहीं सकती।”
Continue Reading1 मई 2026
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29 अप्रैल 2026