राजस्थान सरकार ने काली फिल्म, प्रेशर हॉर्न और अन्य अवैध वाहन मॉडिफिकेशन के खिलाफ राज्यव्यापी ‘जीरो-टॉलरेंस’ अभियान शुरू करने का फैसला किया है। परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को तीन दिन के भीतर नियमों के अनुरूप वाहन करने की चेतावनी दी है।
राजस्थान में अवैध रूप से मॉडिफाई किए गए वाहनों के खिलाफ जल्द ही बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू हो सकती है। राज्य सरकार ने सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ‘जीरो-टॉलरेंस’ अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत ऐसे वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी जिनमें नियमों के विपरीत बदलाव किए गए हैं।
सरकार के निर्देशों के बाद परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियों को अभियान की तैयारी शुरू करने को कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार काली फिल्म लगे शीशे, तेज आवाज वाले प्रेशर हॉर्न, अनधिकृत नीली और पीली लाइटें तथा अन्य गैरकानूनी मॉडिफिकेशन इस कार्रवाई के दायरे में रहेंगे। राज्य सरकार का मानना है कि ऐसे बदलाव न केवल मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन करते हैं बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी चुनौती बनते हैं।
इस अभियान के तहत वाहन मालिकों को तीन दिन का समय दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के भीतर यदि वाहन नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसमें चालान, वाहन जब्त करना और फिटनेस प्रमाणपत्र रद्द करने जैसी कार्रवाई शामिल हो सकती है।
Continue Reading4 जून 2026
पिछले कुछ वर्षों में देशभर में वाहनों को आकर्षक बनाने के नाम पर कई तरह के मॉडिफिकेशन का चलन बढ़ा है। कारों और बाइकों में अत्यधिक काली फिल्म, मानक से अधिक आवाज वाले हॉर्न, फ्लैशर लाइट और बदले हुए एग्जॉस्ट सिस्टम लगाए जाने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। नियमों के विपरीत किए गए ऐसे बदलावों को लेकर विभिन्न राज्यों में समय-समय पर अभियान भी चलाए गए हैं।
राजस्थान के शहरों और कस्बों में भी इस तरह के वाहनों की संख्या बढ़ने की बात सामने आई है। प्रशासन का मानना है कि कई मामलों में वाहन की पहचान छिपाने या विशेष प्रभाव पैदा करने के लिए किए गए बदलाव कानून-व्यवस्था की दृष्टि से भी चिंता का विषय बन सकते हैं। इसी कारण सड़क सुरक्षा के साथ-साथ निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
Continue Reading4 जून 2026
अभियान का असर सीधे तौर पर वाहन मालिकों पर पड़ेगा। जिन लोगों ने अपने वाहनों में गैर-मानक बदलाव कराए हैं, उन्हें जल्द से जल्द उन्हें हटाना होगा। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से मोटर वाहन नियमों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है ताकि कार्रवाई से बचा जा सके।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू ध्वनि प्रदूषण को कम करना भी माना जा रहा है। प्रेशर हॉर्न और अत्यधिक शोर करने वाले एग्जॉस्ट सिस्टम को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल से आवासीय क्षेत्रों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को परेशानी होती है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन से इस समस्या में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
Continue Reading3 जून 2026
परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से अपने वाहनों की जांच कराने और सभी बदलावों को नियमों के अनुरूप रखने की सलाह दी है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद राज्यभर में जांच और प्रवर्तन कार्रवाई तेज की जा सकती है। सरकार का कहना है कि सड़कों पर सुरक्षित और नियमसम्मत यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
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