क्रिकेट से संन्यास के बाद कई भारतीय खिलाड़ियों ने राजनीति में कदम रखा। नवजोत सिंह सिद्धू, अजहरुद्दीन, कीर्ति आजाद और गौतम गंभीर जैसे खिलाड़ियों को सफलता मिली, जबकि मोहम्मद कैफ को हार का सामना करना पड़ा। यह साफ है कि क्रिकेट की लोकप्रियता के बावजूद राजनीति में सफलता आसान नहीं होती।
क्रिकेट के मैदान पर अपनी शानदार पहचान बनाने के बाद कई भारतीय दिग्गज खिलाड़ियों ने राजनीति के मैदान में भी कदम रखा। जब कोई क्रिकेटर मैदान पर उतरता है तो वह करोड़ों लोगों की उम्मीदों का केंद्र बन जाता है, और यही वजह है कि जब ये खिलाड़ी राजनीति में आते हैं तो उनका सफर भी चर्चा में रहता है। ऐसे ही कुछ भारतीय क्रिकेटर्स ने अपने खेल करियर के बाद सियासत में नई पारी शुरू की। इनमें से कुछ ने बड़ी सफलता हासिल की, तो कुछ को हार का सामना करना पड़ा। 1.
नवजोत सिंह सिद्धू पूर्व भारतीय क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने 1999 में क्रिकेट से संन्यास लिया और 2004 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) जॉइन की। सिद्धू अमृतसर से लोकसभा सांसद चुने गए और कई बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि 2017 में उन्होंने बड़ा फैसला लेते हुए कांग्रेस (INC) जॉइन कर ली। इसके बाद वे पंजाब सरकार में स्थानीय निकाय, पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री भी बने और कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। 2.
Continue Reading1 मई 2026
मोहम्मद अजहरुद्दीन भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन की राजनीति में एंट्री काफी चर्चा में रही। मैच फिक्सिंग के आरोपों के चलते उन्हें लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी, लेकिन बाद में उन्हें अदालत से क्लीन चिट मिल गई। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 2009 के आम चुनाव से पहले कांग्रेस जॉइन की। अजहरुद्दीन ने उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर संसद पहुंचे। 3.
कीर्ति आजाद 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य कीर्ति आजाद, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के बेटे हैं। उन्होंने भाजपा के टिकट पर दरभंगा से चुनाव जीतकर राजनीति में अपनी शुरुआत की। बाद में उन्होंने पार्टी बदली और तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़ गए। वर्तमान में वे पश्चिम बंगाल की बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट से सांसद हैं। 4.
Continue Reading30 अप्रैल 2026
गौतम गंभीर भारत को 2007 और 2011 वर्ल्ड कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले गौतम गंभीर ने 2018 में क्रिकेट को अलविदा कहा और तुरंत राजनीति में एंट्री कर ली। 2019 में उन्होंने भाजपा जॉइन की और पूर्वी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उन्होंने बड़ी जीत हासिल की। हालांकि 2024 में उन्होंने क्रिकेट से जुड़े कामों (कोचिंग और मेंटरशिप) पर ध्यान देने के लिए सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने का फैसला किया। 5.
चेतन चौहान पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज चेतन चौहान का राजनीतिक करियर काफी संतुलित और सफल रहा। उन्होंने भाजपा जॉइन की और उत्तर प्रदेश से दो बार सांसद चुने गए। इसके अलावा वे उत्तर प्रदेश सरकार में युवा और खेल मंत्री भी रहे। उन्होंने राज्य के खेल ढांचे को बेहतर बनाने में अहम योगदान दिया। उनकी सादगी और दृढ़ता उनके राजनीतिक जीवन में भी नजर आई। 6.
Continue Reading27 अप्रैल 2026
मोहम्मद कैफ भारत के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ, जो अपनी शानदार फील्डिंग के लिए जाने जाते हैं, राजनीति में ज्यादा सफल नहीं हो सके। उन्होंने 2014 में कांग्रेस के टिकट पर उत्तर प्रदेश की फूलपुर सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा के केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें हराया। मौर्य को 5 लाख से ज्यादा वोट मिले, जबकि कैफ को केवल 58,127 वोट (लगभग 6%) ही मिल सके। निष्कर्ष इन उदाहरणों से साफ है कि क्रिकेट में सफल होने के बाद भी राजनीति में सफलता की कोई गारंटी नहीं होती। कुछ खिलाड़ियों ने यहां भी शानदार प्रदर्शन किया, जबकि कुछ को जनता का समर्थन नहीं मिल पाया।
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27 अप्रैल 2026