मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के कारण ईंधन सप्लाई पर असर पड़ा है, जिससे भारत में कमर्शियल LPG सिलेंडरों की अचानक कमी हो गई है। इसका सीधा असर होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर पड़ रहा है।
कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कमी से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में चिंता बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए ऑयल मंत्रालय ने सप्लाई से जुड़ी समस्याओं की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। रेस्टोरेंट एसोसिएशनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी सप्लाई बहाल नहीं हुई तो कई खाने-पीने की दुकानें कुछ ही दिनों में बंद हो सकती हैं। जैसे-जैसे मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ रहा है, ईंधन की सप्लाई लाइन प्रभावित हो रही है, जिसमें भारत की LPG सप्लाई भी शामिल है। सरकार ने ऐसे समय में घरेलू रसोई गैस को प्राथमिकता दी है ताकि घरों में गैस की कमी न हो। लेकिन इससे होटल और रेस्टोरेंट जैसे कमर्शियल सेक्टर में गैस की कमी हो गई है, क्योंकि वे बाजार कीमत पर मिलने वाली कमर्शियल LPG पर निर्भर रहते हैं। मंत्रालय ने X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य उद्योगों को LPG सप्लाई से जुड़ी मांगों की समीक्षा के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के तीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की कमेटी बनाई गई है। भारत हर साल करीब 31.3 मिलियन टन LPG का इस्तेमाल करता है। इसमें से लगभग 87% घरेलू रसोई में इस्तेमाल होती है, जबकि बाकी हिस्सा होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कमर्शियल जगहों पर उपयोग होता है। इस कुल जरूरत का करीब 62% हिस्सा आयात (इम्पोर्ट) से आता है। अमेरिका और इज़राइल के ईरान पर हमले और उसके जवाब में ईरान की कार्रवाई के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो गया है। इसी रास्ते से भारत को 85–90% LPG आयात सऊदी अरब जैसे देशों से मिलता था। अब जब सरकार नए सप्लाई स्रोत खोज रही है, तब सीमित उपलब्ध गैस के कारण घरेलू सेक्टर को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी वजह से होटल और रेस्टोरेंट को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार यह समस्या मुंबई और बेंगलुरु में पहले से ही दिखने लगी है, जहां कई होटल और रेस्टोरेंट को कुकिंग गैस मिलना मुश्किल हो रहा है। इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने कहा कि गैस की कमी तेजी से फैल रही है और अगर जल्दी समाधान नहीं निकला तो पूरा सेक्टर ठप हो सकता है। मंत्रालय का कहना है कि देश में कुल ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हाल ही में सरकार ने रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के लिए कहा है और कुछ पेट्रोकेमिकल उत्पादन को कम करने का निर्देश दिया है ताकि ज्यादा LPG तैयार की जा सके। इसके साथ ही LPG सिलेंडर बुकिंग के बीच का समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है ताकि जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को रोका जा सके। मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए रिफाइनरियों को ज्यादा LPG बनाने और उसे घरेलू इस्तेमाल के लिए देने का आदेश दिया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू LPG सप्लाई को प्राथमिकता दी गई है। वहीं आयातित LPG से मिलने वाली सीमित गैर-घरेलू सप्लाई को अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता दी जा रही है।
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
#LPGCrisis #MiddleEastCrisis #IndiaNews #OilMinistry #LPGShortage #EnergyCrisis #HospitalityIndustry #FuelSupply #IndiaUpdate #NetGramNews
30 अप्रैल 2026
29 अप्रैल 2026
29 अप्रैल 2026
1 मई 2026