केंद्र सरकार ने PM-Viksit Bharat Rozgar Yojana (PM-VBRY) के लिए 2026-27 के बजट में 20,082 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस योजना का उद्देश्य निजी कंपनियों को नई भर्तियां करने के लिए प्रोत्साहित करना और पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता देना है। योजना के तहत नए कर्मचारियों को अधिकतम 15,000 रुपये तक का लाभ मिलेगा, जबकि अतिरिक्त भर्ती करने वाली कंपनियों को प्रति कर्मचारी हर महीने 3,000 रुपये तक की मदद दी जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि अगस्त 2025 से जुलाई 2027 के बीच इस योजना से 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
देश में रोजगार बढ़ाने और युवाओं को नौकरी के ज्यादा मौके देने के लिए केंद्र सरकार ने PM-Viksit Bharat Rozgar Yojana (PM-VBRY) शुरू की है। इस योजना के लिए सरकार ने 2026-27 के बजट में 20,082 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद निजी कंपनियों को ज्यादा लोगों को नौकरी देने के लिए प्रोत्साहित करना और पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं की मदद करना है।
सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से अगले कुछ वर्षों में करोड़ों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। खास बात यह है कि इस योजना का फायदा नौकरी ढूंढ रहे युवाओं और भर्ती करने वाली कंपनियों, दोनों को मिलेगा।
क्या है PM-Viksit Bharat Rozgar Yojana? PM-Viksit Bharat Rozgar Yojana को आसान भाषा में समझें तो यह ऐसी योजना है जिसमें सरकार नई नौकरी देने वाली कंपनियों और पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को आर्थिक मदद देगी।
सरकार का लक्ष्य अगस्त 2025 से जुलाई 2027 के बीच 3.5 करोड़ से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा करना है। इसके लिए कुल 99,446 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 1.92 करोड़ ऐसे लोगों को इसका फायदा मिल सकता है जो पहली बार नौकरी शुरू करेंगे।
सरकार यह योजना क्यों लाई? भारत में हर साल लाखों युवा पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तलाश शुरू करते हैं। लेकिन कई बार कंपनियां खर्च बढ़ने या बाजार की अनिश्चितता के कारण नई भर्ती करने से बचती हैं। सरकार चाहती है कि कंपनियां ज्यादा लोगों को नौकरी दें। इसी वजह से यह योजना बनाई गई है ताकि भर्ती का कुछ खर्च सरकार उठाए और कंपनियां नए लोगों को काम पर रखने के लिए आगे आएं।
सरकार का मानना है कि जब ज्यादा लोगों को नौकरी मिलेगी तो उनकी आमदनी बढ़ेगी और इसका फायदा पूरी अर्थव्यवस्था को मिलेगा। योजना दो हिस्सों में काम करेगी
PM-VBRY योजना को दो भागों में बांटा गया है। पहला भाग कर्मचारियों के लिए है और दूसरा भाग कंपनियों के लिए।
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13 जून 2026
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यानी एक तरफ नौकरी पाने वाले युवाओं को फायदा मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ भर्ती करने वाली कंपनियों को भी आर्थिक मदद मिलेगी। पहली बार नौकरी पाने वालों को क्या मिलेगा? इस योजना का सबसे बड़ा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जो पहली बार नौकरी शुरू करेंगे। सरकार ऐसे कर्मचारियों को आर्थिक सहायता देगी। यह राशि उनके EPF वेतन के आधार पर तय होगी।
सरकार अधिकतम 15,000 रुपये तक का लाभ दे सकती है। यह पैसा दो किस्तों में दिया जाएगा। पहली किस्त छह महीने तक लगातार नौकरी करने के बाद मिलेगी। दूसरी किस्त एक साल पूरा होने पर दी जाएगी।
इसका मकसद युवाओं को नौकरी में टिके रहने के लिए प्रोत्साहित करना है। पैसा कब मिलेगा? सरकार के नियमों के अनुसार पहली किस्त 7,500 रुपये तक हो सकती है। यह तब मिलेगी जब कर्मचारी लगातार छह महीने तक नौकरी करेगा।
दूसरी किस्त 12 महीने पूरे होने पर मिलेगी। इसके लिए कर्मचारी को एक वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम भी पूरा करना होगा। सरकार चाहती है कि युवा केवल नौकरी ही न करें, बल्कि पैसे के सही प्रबंधन की जानकारी भी हासिल करें।
कंपनियों को क्या फायदा मिलेगा? योजना का दूसरा हिस्सा कंपनियों के लिए है। अगर कोई कंपनी नए कर्मचारियों की भर्ती करती है और वे कम से कम छह महीने तक नौकरी में बने रहते हैं, तो कंपनी को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि मिलेगी। कंपनी को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर हर महीने 3,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
इससे कंपनियों का खर्च कुछ हद तक कम होगा और वे ज्यादा लोगों को नौकरी देने के लिए तैयार हो सकती हैं। भर्ती बढ़ाने में कैसे मदद मिलेगी? मान लीजिए किसी कंपनी को 100 नए कर्मचारियों की जरूरत है।
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कई बार कंपनी अतिरिक्त खर्च की वजह से भर्ती टाल देती है। लेकिन अगर सरकार कुछ आर्थिक मदद देती है तो कंपनी के लिए भर्ती करना आसान हो सकता है।
यही वजह है कि इस योजना को रोजगार बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। किन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है? विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना का असर कई क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को इससे सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा ऑटोमोबाइल, ऑटो पार्ट्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी सर्विसेज और अन्य संगठित क्षेत्रों में भी नई भर्तियां बढ़ सकती हैं। जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं, वहां इस योजना का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।
छोटे कारोबारियों को भी राहत केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों को भी इस योजना से मदद मिल सकती है। कई छोटे कारोबार अतिरिक्त खर्च के कारण नई भर्ती नहीं कर पाते।
ऐसे कारोबारों को अगर सरकार से आर्थिक सहायता मिलेगी तो वे भी नए लोगों को नौकरी पर रखने के बारे में सोच सकते हैं। इससे छोटे शहरों और कस्बों में भी रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। युवाओं के लिए क्या मतलब है? कई लोगों को लगता है कि ऐसी योजनाओं में सरकार सीधे नौकरी देती है।
लेकिन इस योजना में ऐसा नहीं है। सरकार किसी को सीधे नौकरी नहीं देगी। सरकार केवल कंपनियों को प्रोत्साहन देगी ताकि वे ज्यादा लोगों को नौकरी दें। इसका मतलब है कि युवाओं को पहले की तरह नौकरी के लिए आवेदन करना होगा, इंटरव्यू देना होगा और अपनी योग्यता साबित करनी होगी।
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क्या नौकरी मिलना आसान हो जाएगा? इस योजना से नौकरी के अवसर बढ़ सकते हैं, लेकिन नौकरी मिलना अभी भी उम्मीदवार की योग्यता और कंपनी की जरूरत पर निर्भर करेगा। अगर कंपनियां ज्यादा भर्ती करती हैं तो युवाओं के लिए अवसर बढ़ सकते हैं।
खासकर फ्रेशर्स यानी पहली बार नौकरी ढूंढ रहे उम्मीदवारों को इसका फायदा मिल सकता है। EPF वाली नौकरियों पर जोर यह योजना खासतौर पर उन नौकरियों के लिए बनाई गई है जो EPF से जुड़ी हैं। EPF यानी कर्मचारी भविष्य निधि। इसका मतलब है कि सरकार संगठित क्षेत्र में रोजगार बढ़ाना चाहती है।
ऐसी नौकरियों में कर्मचारियों को भविष्य निधि और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ भी मिलते हैं। अर्थव्यवस्था को कैसे फायदा होगा? जब ज्यादा लोगों को नौकरी मिलेगी तो उनकी आय बढ़ेगी। जब लोगों के पास ज्यादा पैसा होगा तो वे ज्यादा खर्च करेंगे।
इससे बाजार में मांग बढ़ेगी और कारोबार को फायदा होगा। कारोबार बढ़ने पर कंपनियां और ज्यादा लोगों को नौकरी दे सकती हैं। इस तरह रोजगार और आर्थिक विकास दोनों को बढ़ावा मिल सकता है। युवाओं को क्या करना चाहिए? अगर आप 2025 से 2027 के बीच नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो इस योजना की जानकारी रखना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि सबसे जरूरी बात अभी भी आपकी पढ़ाई, कौशल और अनुभव ही रहेंगे। नई तकनीक सीखना, इंटरव्यू की तैयारी करना और अपने कौशल को बेहतर बनाना नौकरी पाने में सबसे ज्यादा मदद करेगा।
रोजगार बढ़ाने की बड़ी कोशिश PM-Viksit Bharat Rozgar Yojana को सरकार रोजगार बढ़ाने की बड़ी पहल के रूप में देख रही है। 20,082 करोड़ रुपये के बजट और 99,446 करोड़ रुपये के कुल प्रावधान वाली यह योजना आने वाले वर्षों में लाखों युवाओं को रोजगार से जोड़ने में मदद कर सकती है।
सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को पहली नौकरी मिले और कंपनियां भी नई भर्ती करने के लिए आगे आएं। अगर योजना का सही तरीके से इस्तेमाल हुआ तो आने वाले समय में रोजगार बाजार में इसका असर दिखाई दे सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे निजी क्षेत्र में भर्ती बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
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13 जून 2026