Thales की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में इंटरनेट ट्रैफिक का 53% हिस्सा बॉट्स का था और AI की वजह से बॉट अटैक 12.5 गुना बढ़ गए। रिपोर्ट में कहा गया कि AI बॉट्स अब इंसानों की तरह व्यवहार कर रहे हैं, जिससे साइबर हमलों और डेटा चोरी का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
दुनिया तेजी से AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की तरफ बढ़ रही है, लेकिन अब इसका असर इंटरनेट पर भी साफ दिखाई देने लगा है। फ्रांस की साइबर सिक्योरिटी कंपनी Thales की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब इंटरनेट पर इंसानों से ज्यादा बॉट्स सक्रिय हैं। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में इंटरनेट ट्रैफिक का 53% हिस्सा बॉट्स का था, जबकि इंसानी ट्रैफिक सिर्फ 47% रह गया।
AI से 12. 5 गुना बढ़े बॉट अटैक “2026 Bad Bot Report: Bad Bots in the Agentic Age” नाम की इस रिपोर्ट में बताया गया कि AI की वजह से बॉट अटैक में 12.
5 गुना की बढ़ोतरी हुई है। इनमें से करीब 40% बॉट्स को “मैलिशियस” यानी खतरनाक माना गया है, जो साइबर हमले, डेटा चोरी और अकाउंट हैकिंग जैसे काम कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, AI अब सिर्फ बॉट्स की संख्या नहीं बढ़ा रहा, बल्कि उनके काम करने का तरीका भी पूरी तरह बदल रहा है। AI बॉट्स अब इंसानों की तरह व्यवहार कर सकते हैं और कई बार यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि सामने असली यूजर है या बॉट।
Continue Reading13 मई 2026
इंटरनेट पर उभरी तीसरी कैटेगरी रिपोर्ट में बताया गया कि अब इंटरनेट पर सिर्फ “अच्छे” और “बुरे” बॉट्स ही नहीं हैं, बल्कि AI एजेंट्स नाम की एक नई कैटेगरी भी सामने आ गई है। ये AI एजेंट्स ऐप्स और APIs के जरिए सीधे सिस्टम से जुड़कर डेटा निकालते हैं और कई काम खुद से कर सकते हैं। इस वजह से कंपनियों के लिए यह समझना मुश्किल हो रहा है कि कौन-सा ट्रैफिक सही है और कौन नुकसान पहुंचाने वाला।
APIs और लॉगिन सिस्टम सबसे बड़ा निशाना Thales की रिपोर्ट के अनुसार, साइबर अपराधी अब APIs और पहचान सिस्टम्स को सबसे ज्यादा निशाना बना रहे हैं। APIs के जरिए बॉट्स सीधे बैकएंड सिस्टम तक पहुंच जाते हैं और बिना वेबसाइट इंटरफेस के ही डेटा निकाल सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि 27% बॉट अटैक APIs पर हुए। ये हमले देखने में सामान्य लगते हैं क्योंकि इनमें असली लॉगिन और वैध रिक्वेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन असल में इनका मकसद डेटा चोरी या सिस्टम का गलत इस्तेमाल करना होता है।
Continue Reading13 मई 2026
फाइनेंशियल सेक्टर पर सबसे ज्यादा खतरा रिपोर्ट में बताया गया कि फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। कुल बॉट अटैक में 24% हमले इसी सेक्टर पर हुए, जबकि अकाउंट टेकओवर यानी अकाउंट हैकिंग के 46% मामले वित्तीय संस्थानों से जुड़े थे। इसका मतलब है कि साइबर अपराधी अब AI और ऑटोमेशन का इस्तेमाल सीधे पैसे कमाने के लिए कर रहे हैं।
क्या बोले Thales के अधिकारी? Thales में Application Security के Global Vice President Tim Chang ने कहा कि अब चुनौती सिर्फ बॉट्स को पहचानने की नहीं रही, बल्कि यह समझना जरूरी हो गया है कि वे क्या कर रहे हैं और उनका इरादा क्या है। उन्होंने कहा कि AI ने ऑटोमेशन को पूरी तरह बदल दिया है। अब कंपनियों को सिर्फ बॉट्स को ब्लॉक करने के बजाय उन्हें सही तरीके से मैनेज भी करना होगा।
Continue Reading12 मई 2026
इंटरनेट की दुनिया बदल रही है रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी है। पहले बॉट्स खास मौकों पर एक्टिव होते थे, लेकिन अब वे इंटरनेट का लगातार हिस्सा बन चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI आधारित बॉट्स और ज्यादा एडवांस होंगे, जिससे साइबर सुरक्षा कंपनियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी होंगी।
निष्कर्ष AI और ऑटोमेशन ने इंटरनेट की तस्वीर बदल दी है। अब ऑनलाइन दुनिया में इंसानों से ज्यादा बॉट्स मौजूद हैं और साइबर हमले पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं। ऐसे में कंपनियों और यूजर्स दोनों को अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
Disclaimer:
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12 मई 2026