Canvas ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म पर हुए बड़े साइबरअटैक से दुनियाभर के लाखों छात्रों और शिक्षकों की पढ़ाई प्रभावित हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक हैकर्स ने हजारों स्कूलों और कॉलेजों के सिस्टम से संवेदनशील डेटा तक पहुंच बनाने का दावा किया है। इस घटना ने डिजिटल शिक्षा की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों ने छात्रों और संस्थानों को मजबूत पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और साइबर सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी है।
दुनियाभर के स्कूलों और कॉलेजों में इस्तेमाल होने वाला लोकप्रिय ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म Canvas हाल ही में बड़े साइबरअटैक का शिकार हो गया, जिससे लाखों छात्रों और शिक्षकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह हमला ऐसे समय हुआ जब कई यूनिवर्सिटीज़ में फाइनल एग्जाम, असाइनमेंट सबमिशन और ऑनलाइन क्लासेज़ का सबसे व्यस्त दौर चल रहा था। कई घंटों तक प्लेटफॉर्म बंद रहने से छात्रों की पढ़ाई और कॉलेजों का डिजिटल सिस्टम प्रभावित हो गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक Canvas की पैरेंट कंपनी Instructure पर एक हैकिंग ग्रुप ने डेटा ब्रीच का दावा किया है। हैकर्स का कहना है कि उन्होंने लगभग 9,000 स्कूलों और कॉलेजों से जुड़े सिस्टम तक पहुंच बनाई और करोड़ों यूज़र्स के निजी रिकॉर्ड, मैसेज और अन्य संवेदनशील डेटा हासिल कर लिया। हालांकि कंपनी और जांच एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं कि वास्तव में कितना डेटा लीक हुआ है और उसमें कौन-कौन सी जानकारी शामिल है।
Continue Reading8 मई 2026
Canvas प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कोर्स मैनेजमेंट, ऑनलाइन असाइनमेंट, ग्रेडिंग और टीचर-स्टूडेंट कम्युनिकेशन के लिए किया जाता है। ऐसे में इसके अचानक बंद होने से कई संस्थानों को अस्थायी रूप से डेडलाइन बढ़ानी पड़ी और वैकल्पिक सिस्टम का सहारा लेना पड़ा। कई छात्रों को घंटों तक यह समझ नहीं आया कि वे अपनी पढ़ाई और सबमिशन कैसे जारी रखें। सबसे बड़ी चिंता डेटा प्राइवेसी को लेकर सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे प्लेटफॉर्म्स में छात्रों की मार्कशीट, निजी चैट, डिस्कशन पोस्ट, हेल्थ रिकॉर्ड और कभी-कभी फाइनेंशियल जानकारी भी सेव रहती है। अगर यह डेटा गलत हाथों में पहुंचता है, तो पहचान चोरी, फिशिंग और ऑनलाइन स्कैम के मामले तेजी से बढ़ सकते हैं।
Continue Reading9 मई 2026
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल शिक्षा पर बढ़ती निर्भरता के साथ स्कूलों और कॉलेजों को अपनी साइबर सुरक्षा भी मजबूत करनी होगी। सिर्फ पासवर्ड सुरक्षा काफी नहीं है, बल्कि टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के लिए अलग पासवर्ड और संदिग्ध ईमेल से सतर्क रहना अब बेहद जरूरी हो गया है। यह घटना एक बड़ा संकेत मानी जा रही है कि आने वाले समय में शिक्षा क्षेत्र को केवल डिजिटल बनने पर नहीं, बल्कि सुरक्षित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर भी बराबर ध्यान देना होगा।
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9 मई 2026