AI से बने deepfake वीडियो के जरिए फर्जी निवेश स्कीम चलाई जा रही है, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नाम और चेहरा गलत तरीके से इस्तेमाल हुआ। PIB FactCheck ने साफ किया कि यह वीडियो पूरी तरह फेक है और सरकार ने ऐसी कोई स्कीम लॉन्च नहीं की। लोगों को सलाह दी गई है कि ऐसे वीडियो पर भरोसा न करें, QR कोड स्कैन या पर्सनल जानकारी शेयर न करें, और सिर्फ आधिकारिक स्रोत से ही जानकारी लें।
आजकल ऑनलाइन ठगी के तरीके और ज्यादा एडवांस हो गए हैं, खासकर AI तकनीक के इस्तेमाल से। हाल ही में PIB FactCheck ने एक ऐसे वायरल वीडियो को लेकर अलर्ट जारी किया है, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आवाज़ और चेहरा इस्तेमाल करके एक फर्जी निवेश योजना को प्रमोट किया जा रहा था। जांच में साफ हुआ कि यह वीडियो पूरी तरह AI से बनाया गया deepfake है। सरकार ने ऐसी किसी भी स्कीम को मंजूरी नहीं दी है और न ही वित्त मंत्री ने इसका समर्थन किया है। वीडियो में लोगों को जल्दी मुनाफा देने का लालच देकर QR कोड स्कैन करने, ऐप डाउनलोड करने और अपनी पर्सनल जानकारी देने के लिए कहा जा रहा था, जो बेहद खतरनाक है। PIB ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी वीडियो या मैसेज पर भरोसा न करें। अगर कुछ संदिग्ध लगे तो उसे तुरंत रिपोर्ट करें। इसके लिए WhatsApp नंबर (+91-8799711259) और ईमेल (factcheck@pib.
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in) भी जारी किया गया है। इससे पहले भी “PM Digital Laptop Yojana” और LPG बुकिंग से जुड़े कई फर्जी दावे सामने आ चुके हैं, जिन्हें PIB ने गलत बताया था। इस पूरे मामले से आम लोगों के लिए एक साफ संदेश है—किसी भी सरकारी स्कीम या निवेश ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी जानकारी आधिकारिक स्रोत से जरूर जांचें। आज के समय में केवल चेहरा या आवाज़ देखकर किसी चीज़ को असली मान लेना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि AI के जरिए सब कुछ नकली बनाया जा सकता है।
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
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