Meta अपने AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए कर्मचारियों की कीबोर्ड और माउस एक्टिविटी ट्रैक कर रही है, इसके लिए MCI नाम का टूल इस्तेमाल हो रहा है। यह Google, LinkedIn जैसी साइट्स पर यूज़र बिहेवियर रिकॉर्ड करता है। कंपनी का कहना है कि इससे AI बेहतर बनेगा, लेकिन कर्मचारियों ने प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
टेक कंपनी Meta अपने AI मॉडल को बेहतर बनाने के लिए एक नया कदम उठा रही है, जिसमें वह कर्मचारियों की ऑनलाइन एक्टिविटी ट्रैक कर रही है। CNBC की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी एक खास टूल के जरिए कर्मचारियों के कीबोर्ड स्ट्रोक (keystrokes) और माउस क्लिक को रिकॉर्ड कर रही है। क्या है पूरा मामला?
Meta ने एक नया टूल लॉन्च किया है, जिसका नाम Model Capability Initiative (MCI) है। यह टूल कर्मचारियों के वर्क कंप्यूटर पर उनकी एक्टिविटी को मॉनिटर करता है, जैसे: कौन-सी वेबसाइट्स खोली जा रही हैं माउस कैसे मूव हो रहा है कौन-से बटन क्लिक किए जा रहे हैं इस डेटा का इस्तेमाल AI मॉडल को ट्रेन करने के लिए किया जा रहा है, ताकि AI यह समझ सके कि लोग कंप्यूटर पर काम कैसे करते हैं। किन प्लेटफॉर्म्स पर नजर?
Continue Reading30 अप्रैल 2026
रिपोर्ट के मुताबिक, Meta कई पॉपुलर प्लेटफॉर्म्स पर कर्मचारियों की एक्टिविटी ट्रैक कर रही है, जैसे: Google LinkedIn Wikipedia GitHub Slack Atlassian इसके अलावा Meta के अपने प्लेटफॉर्म जैसे Threads और Manus भी इस लिस्ट में शामिल हैं। AI रेस में आगे बढ़ने की कोशिश Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग AI के क्षेत्र में OpenAI, Google और Anthropic जैसी कंपनियों से पीछे रह गए थे। अब कंपनी तेजी से AI डेवलपमेंट पर काम कर रही है। हाल ही में Meta ने अपना नया AI मॉडल Muse Spark लॉन्च किया है, जो “Muse” सीरीज का हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट को Meta Superintelligence Labs (MSL) संभाल रही है। कंपनी का क्या कहना है?
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Meta के अनुसार, अगर AI को इंसानों की तरह कंप्यूटर चलाना सिखाना है, तो उसे असली यूज़र बिहेवियर के उदाहरण चाहिए। इसलिए यह टूल सिर्फ जरूरी डेटा कैप्चर करता है और संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा के लिए उपाय किए गए हैं। कर्मचारियों की चिंता कई कर्मचारियों ने इस प्रोजेक्ट को “डिस्टोपियन” यानी डरावना बताया है। उनका कहना है कि इससे: पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी लीक हो सकती है पर्सनल डेटा (जैसे हेल्थ, परिवार या इमिग्रेशन डिटेल्स) एक्सपोज हो सकता है नए प्रोडक्ट्स की गोपनीय जानकारी बाहर आ सकती है हालांकि कंपनी का कहना है कि यह टूल सिर्फ स्क्रीन पर दिख रही चीजों को ही देखता है और फाइल्स या अटैचमेंट्स को एक्सेस नहीं करता। प्राइवेसी को लेकर सलाह कंपनी ने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे अपने वर्क कंप्यूटर पर पर्सनल काम न करें, ताकि उनकी निजी जानकारी सुरक्षित रहे। निष्कर्ष Meta का यह कदम AI को ज्यादा स्मार्ट बनाने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है, लेकिन इससे प्राइवेसी और डेटा सिक्योरिटी को लेकर गंभीर सवाल भी उठ रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनियां AI डेवलपमेंट और यूज़र प्राइवेसी के बीच संतुलन कैसे बनाती हैं।
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30 अप्रैल 2026