जापान की कुमामोटो यूनिवर्सिटी की स्टडी में पाया गया कि एडवांस कार्डियक CT स्कैन से दिल की छुपी हुई खराबी और भविष्य में हार्ट फेलियर या मौत के खतरे का पता लगाया जा सकता है। LIE और ECV नाम के दो मार्कर मिलाकर देखने से जोखिम की सटीक पहचान होती है। यह तरीका MRI का आसान और तेज विकल्प बन सकता है और समय रहते इलाज में मदद करेगा।
जापान की कुमामोटो यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने एक अहम खोज की है, जिससे हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का पहले ही पता लगाया जा सकता है। इस नई स्टडी के अनुसार, अगर कार्डियक CT स्कैन में दो खास तकनीकों को मिलाकर इस्तेमाल किया जाए, तो यह भविष्य में हार्ट फेलियर और मौत के खतरे का काफी सटीक अनुमान लगा सकता है। क्या है नई खोज?
अब तक कार्डियक CT स्कैन का इस्तेमाल मुख्य रूप से दिल की धमनियों (coronary arteries) में ब्लॉकेज पता करने के लिए किया जाता था। लेकिन इस नई रिसर्च में पाया गया कि यह स्कैन दिल की मांसपेशियों में छुपे हुए नुकसान (invisible damage) को भी पहचान सकता है। इसके लिए स्कैन में एक “delayed phase” जोड़ा गया, जिससे दो अहम संकेत (markers) मापे गए: Late Iodine Enhancement (LIE): यह दिल के किसी खास हिस्से में हुए दाग या स्कार को दिखाता है। Extracellular Volume (ECV): यह दिल की मांसपेशियों में फैले हुए सूक्ष्म नुकसान को पहचानता है। स्टडी में क्या सामने आया?
Continue Reading1 मई 2026
इस रिसर्च में 1,207 मरीजों को शामिल किया गया और करीब 26 महीने तक उनकी निगरानी की गई। नतीजों में पाया गया कि जिन मरीजों में LIE और ECV दोनों में गड़बड़ी थी, उनमें भविष्य में अचानक अस्पताल में भर्ती होने या मौत का खतरा काफी ज्यादा था। रिसर्चर्स का कहना है कि ये दोनों मार्कर अलग-अलग तरह की जानकारी देते हैं, लेकिन इन्हें साथ में देखने पर दिल के नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आ जाती है, जो पहले छूट सकती थी। क्या होगा फायदा?
Continue Reading25 अप्रैल 2026
इस नई तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि: एक ही नॉन-इनवेसिव CT स्कैन से दिल की पूरी स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है यह महंगे और समय लेने वाले MRI स्कैन का आसान विकल्प बन सकता है डॉक्टर समय रहते इलाज शुरू कर सकते हैं, जिससे जान बचाई जा सकती है भविष्य के लिए बड़ी उम्मीद अब कार्डियक CT स्कैन सिर्फ बीमारी पहचानने का टूल नहीं रहेगा, बल्कि यह लंबे समय तक हार्ट हेल्थ को मैनेज करने का एक मजबूत तरीका बन सकता है। इससे “छुपे हुए” खतरे पहले ही सामने आ जाएंगे और इमरजेंसी की स्थिति बनने से पहले ही इलाज संभव होगा। रिसर्च डिटेल्स: यह स्टडी यूरोपियन हार्ट जर्नल – कार्डियोवैस्कुलर इमेजिंग में प्रकाशित हुई है। रिसर्च में मुख्य भूमिका प्रोफेसर यासुहिरो इजुमिया और केनिची त्सुजिता की रही। निष्कर्ष यह खोज मेडिकल टेक्नोलॉजी में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारियों को पहले ही पहचानकर बेहतर इलाज और जान बचाने की संभावना बढ़ जाएगी।
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
#HeartHealth #CTScan #MedicalTech #HealthUpdate #CardiacCare #HealthAwareness #MedicalResearch #StayHealthy #HeartCare #HealthNews #NetGramNews