जैसलमेर में पुलिस ने 39 साल के चोर तेजाराम सुथार को गिरफ्तार किया, जो चोरी से पहले घर में 2-3 घंटे रुककर खाना-पीना करता था और लिपस्टिक से मजेदार मैसेज लिखकर जाता था, जैसे “दारू रखते हो तो चिप्स भी रखो।” उसके खिलाफ 18 से ज्यादा केस हैं और वह कोर्ट में खुद ही अपना जुर्म कबूल कर लेता था ताकि सीधे जेल चला जाए। पुलिस ने उसे जोधपुर से पकड़ा और उसके पास से चोरी का सामान बरामद किया।
राजस्थान के जैसलमेर में पुलिस ने एक ऐसे चोर को गिरफ्तार किया है, जिसका तरीका काफी अलग और चौंकाने वाला था। यह चोर चोरी करने से पहले घर में आराम से 2-3 घंटे बिताता था, खाना-पीना करता था और फिर सामान लेकर निकल जाता था। 🔹 चोर का अनोखा अंदाज़ आरोपी की पहचान 39 साल के तेजाराम सुथार के रूप में हुई है, जो जैसलमेर के बाबर मगरा इलाके का रहने वाला है। वह चोरी के दौरान घर में रखी चीजें जैसे खाना और शराब इस्तेमाल करता था। करीब दो महीने पहले उसने एक असिस्टेंट इंजीनियर के घर चोरी की थी, जो काफी चर्चा में रही। इस दौरान उसने लिपस्टिक से दीवार पर मजाकिया मैसेज लिखा— “दारू रखते हो तो चिप्स भी रखो” साथ ही उसने यह भी लिखा— “पुलिस के पास मत जाना, टाइम खराब होगा” और खुद को “बिहारी बाबू” नाम से पेश किया ताकि पुलिस को गुमराह कर सके। 🔹 कोर्ट में भी अजीब व्यवहार तेजाराम का व्यवहार कोर्ट में भी अलग था। वह हर बार बिना हिचकिचाहट के अपने जुर्म कबूल कर लेता था और कहता था— “मैंने चोरी की है” पुलिस के मुताबिक, वह जानबूझकर ऐसा करता था ताकि उसे पुलिस रिमांड में न रखा जाए और सीधे जेल भेज दिया जाए। 🔹 पुराना अपराधी, कई केस दर्ज तेजाराम एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में 18 से ज्यादा केस दर्ज हैं। वह जेल से बाहर आते ही फिर से चोरी शुरू कर देता था। 🔹 कैसे करता था चोरी 31 जनवरी को IGNP कॉलोनी में असिस्टेंट इंजीनियर सोहन जांगिड़ के खाली घर में उसने चोरी की थी। लैपटॉप और टीवी जैसे सामान चुराए घर में रखी शराब पी फ्रिज से खाना खाया और जाते-जाते दीवार पर मैसेज लिख दिया 🔹 पुलिस के लिए पकड़ना क्यों था मुश्किल तेजाराम मोबाइल या कोई डिजिटल डिवाइस इस्तेमाल नहीं करता था, जिससे उसे ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था। आखिरकार पुलिस ने मुखबिर और तकनीकी जानकारी के आधार पर उसे जोधपुर से गिरफ्तार किया और उसके पास से चोरी का लैपटॉप भी बरामद किया। 🔹 आगे की जांच पुलिस अब यह पता लगा रही है कि वह अकेले काम करता था या किसी गैंग का हिस्सा था। 🔚 निष्कर्ष तेजाराम का तरीका भले ही अलग और अजीब हो, लेकिन वह एक शातिर अपराधी है। पुलिस का कहना है कि चाहे अपराधी कितना भी चालाक क्यों न हो, कानून से ज्यादा समय तक नहीं बच सकता।
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28 अप्रैल 2026
30 अप्रैल 2026