बेन राइली के पिता ने कैंसर के इलाज के बजाय AI पर भरोसा किया और गलत जानकारी के कारण इलाज टालते रहे। डॉक्टरों और परिवार के समझाने के बावजूद उन्होंने AI की बात मानी। जब तक इलाज शुरू किया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और उनकी मौत हो गई। यह घटना दिखाती है कि बिना सही जांच के AI पर भरोसा खतरनाक हो सकता है।
यह कहानी है बेन राइली और उनके पिता जो राइली की, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भरोसा एक गंभीर फैसले में बदल गया। बेन को एक दिन अचानक पता चला कि उनके पिता अपनी बीमारी के बारे में सच नहीं बता रहे थे। जब उन्होंने अपने पिता के मेडिकल रिकॉर्ड (MyChart) देखे, तो उन्हें डॉक्टर की एक नोट में पता चला कि इलाज में देरी खतरनाक हो सकती है और जान का खतरा भी है। बेन जानते थे कि उनके 75 साल के पिता को एक तरह का ब्लड कैंसर (CLL) है, जो आमतौर पर धीरे बढ़ता है। लेकिन उनके पिता ने परिवार को बताया था कि इलाज की कोई जल्दी नहीं है, जबकि डॉक्टर पिछले 10 महीनों से इलाज शुरू करने की सलाह दे रहे थे। असल में, उनके पिता AI की मदद से खुद रिसर्च कर रहे थे और उन्हें लगता था कि दवाइयों से फायदा नहीं बल्कि नुकसान होगा। उन्होंने अपने डॉक्टर की बात मानने से साफ मना कर दिया था। बेन के लिए यह बहुत बड़ा झटका था, क्योंकि वह खुद AI के खतरों के बारे में लिखते थे। उन्होंने पहले भी बताया था कि AI लोगों को गलत दिशा में ले जा सकता है। अब वही चीज उनके अपने घर में हो रही थी। उनके पिता जो राइली एक रिटायर्ड न्यूरोसाइंटिस्ट थे और नई टेक्नोलॉजी में हमेशा आगे रहते थे। वह कई AI टूल्स, खासकर Perplexity, का इस्तेमाल करते थे। वह AI से अपने कैंसर के बारे में सवाल पूछते, रिपोर्ट समझते और खुद फैसले लेते थे। धीरे-धीरे उन्हें यकीन हो गया कि उन्हें एक गंभीर बीमारी (Richter’s Transformation) हो गई है, जबकि डॉक्टर बार-बार कह रहे थे कि ऐसा नहीं है। AI से मिली जानकारी ने उनके विश्वास को और मजबूत कर दिया। डॉक्टर ने हर तरीके से उन्हें समझाने की कोशिश की, अलग-अलग इलाज बताए, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी। समय के साथ उनकी हालत खराब होती गई। उनका वजन बढ़ गया, शरीर में सूजन आ गई और कैंसर तेजी से फैल गया। अब इलाज का सही समय निकलता जा रहा था। बेन और उनके भाई ने उन्हें समझाने की बहुत कोशिश की। बेन ने गुस्से में आकर AI रिपोर्ट को गलत बताया और असली डॉक्टरों से भी संपर्क किया। डॉक्टरों ने साफ कहा कि AI रिपोर्ट में गलत और भ्रामक जानकारी है। फिर भी उनके पिता नहीं माने। आखिरकार जब हालत बहुत बिगड़ गई, तब उन्होंने इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। शरीर इतना कमजोर हो चुका था कि वह इलाज सहन नहीं कर पाए। कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई। बेन अपने पिता से आखिरी बार मिलने गए। उस समय उन्होंने AI की बात नहीं की, बस साथ समय बिताया। कुछ दिनों बाद उन्हें खबर मिली कि उनके पिता नहीं रहे। बेन इस घटना से बहुत दुखी और निराश हो गए। उन्हें लगा कि AI के खतरे के बारे में लोगों को समझाना बहुत मुश्किल है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि सिर्फ AI ही जिम्मेदार नहीं था। उनके पिता पहले से ही डॉक्टरों पर कम भरोसा करते थे। लेकिन AI ने गलत जानकारी को सही जैसा दिखाकर फैसले को और खतरनाक बना दिया। बेन ने बाद में इस पूरी घटना के बारे में लिखा ताकि लोग समझ सकें कि AI का इस्तेमाल सोच-समझकर करना जरूरी है। उनका कहना है कि अब वह और ज्यादा लोगों को जागरूक करने की कोशिश करेंगे, ताकि कोई और ऐसी गलती न करे।
Continue Reading1 मई 2026
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Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
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28 अप्रैल 2026