अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपने बहुचर्चित प्रायोगिक एक्स-प्लेन कार्यक्रम के तहत नए मानवयुक्त विमान 'X-70 फ्रैक्टल' (X-70 Fractal) का अनावरण किया है। फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर में आयोजित यूपी.समिट में पेश किया गया यह विमान उन्नत फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम और विमान संचालन क्षमता (मैनूवरेबिलिटी) के परीक्षण के लिए तैयार किया गया है। नासा के अनुसार यह विमान अगले दो वर्षों के भीतर अपनी पहली उड़ान भरेगा।
वॉशिंगटन / फ्लोरिडा: विमानन क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देने के उद्देश्य से अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने एक नया प्रायोगिक विमान पेश किया है। 'X-70 फ्रैक्टल' नाम का यह मानवयुक्त (crewed) अनुसंधान विमान उन्नत फ्लाइट-कंट्रोल प्रणालियों और अगली पीढ़ी की एविएशन तकनीकों के परीक्षण के लिए डिजाइन किया गया है।
इसका अनावरण फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर में आयोजित 'यूपी.समिट' (UP.Summit) के दौरान किया गया।
नासा का अनुमान है कि यह अत्याधुनिक अनुसंधान विमान अगले दो वर्षों के भीतर अपनी पहली आधिकारिक परीक्षण उड़ान भरेगा।
X-70 फ्रैक्टल को तेजी से पुनर्गठित (reconfigurable) होने वाली फ्लाइट-कंट्रोल तकनीक के साथ विकसित किया गया है। इसकी मदद से शोधकर्ता हवा में ऐसे जटिल करतबों और पैंतरेबाजी (manoeuvres) का परीक्षण कर सकेंगे, जिन्हें पहले कभी किसी मानवयुक्त विमान में प्रदर्शित नहीं किया गया है।
नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने विमान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि X-70 फ्रैक्टल नासा को एक ऐसा उच्च-प्रदर्शन मानवयुक्त मंच प्रदान करता है, जहां वास्तविक उड़ान परिस्थितियों में आधुनिक फ्लाइट-कंट्रोल और अत्याधुनिक तकनीकों का गहन परीक्षण किया जा सकेगा।
इस विमान की सबसे बड़ी खासियत इसका मॉड्यूलर ढांचा है:
तकनीकी विशिष्टताओं के अनुसार, X-70 का अधिकतम टेक-ऑफ वजन 10,000 पाउंड है। यह विमान 0.75 मैक (ध्वनि की गति का लगभग 75 प्रतिशत) की क्रूज़ गति पर उड़ान भरने के लिए तैयार किया गया है। इसके अलावा, यह विमान अधिकतम 45,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है और इसकी परिचालन रेंज लगभग 1,726 मील (1,500 समुद्री मील / नॉटिकल माइल्स) है। इन क्षमताओं की बदौलत विभिन्न वायुमंडलीय परिस्थितियों में इसका परीक्षण संभव होगा।
X-70 नासा के उस प्रतिष्ठित एक्स-प्लेन (X-plane) कार्यक्रम की कड़ी है, जिसने दशकों से वैश्विक विमानन तकनीक की दिशा बदली है। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 1947 में पहली बार ध्वनि की गति को पार करने वाला बेल X-1, हाइपरसोनिक अनुसंधान विमान X-15 और शांत सुपरसोनिक उड़ान के लिए विकसित किया जा रहा X-59 शामिल हैं।
नासा के एयरोनॉटिक्स डिवीजन की निदेशक लॉरी ग्रिंडल के अनुसार, एक्स-प्लेन का इस्तेमाल दशकों से ऐसी तकनीकों के विकास के लिए किया जाता रहा है जो विमानन को आगे ले जाती हैं।
Q1. नासा के X-70 फ्रैक्टल विमान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: X-70 फ्रैक्टल का मुख्य उद्देश्य वास्तविक उड़ान स्थितियों में उन्नत फ्लाइट-कंट्रोल प्रणालियों, विमान पैंतरेबाजी (manoeuvrability) और भविष्य की एविएशन तकनीकों का परीक्षण करना है।
Q2. यह विमान पहली उड़ान कब भरेगा?
उत्तर: नासा के अनुसार यह प्रायोगिक विमान अगले दो वर्षों के भीतर अपनी पहली परीक्षण उड़ान भरने के लिए तैयार हो जाएगा।
Q3. X-70 फ्रैक्टल की पेलोड और उड़ान क्षमता कितनी है?
उत्तर: यह विमान 2,000 पाउंड (900 किग्रा से अधिक) पेलोड ले जा सकता है, 45,000 फीट की ऊंचाई तक जा सकता है, 0.75 मैक की गति से उड़ सकता है और इसकी रेंज 1,726 मील है।
Q4. नासा के एक्स-प्लेन (X-plane) कार्यक्रम में कौन-से अन्य प्रमुख विमान शामिल रहे हैं?
उत्तर: इस कार्यक्रम में ध्वनि अवरोधक तोड़ने वाला ऐतिहासिक बेल X-1 (Bell X-1), हाइपरसोनिक X-15 और सुपरसोनिक रिसर्च के लिए बना X-59 शामिल हैं।
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