केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'अग्निपथ' योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के सेवाकाल को दो साल बढ़ाने का बड़ा फैसला किया है। पहले बैच के जिन 75 फीसदी अग्निवीरों को चार साल बाद सेवामुक्त होना था, उन्हें अब दो साल का अतिरिक्त सेवाकाल ('सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी') दिया जाएगा। इसके बाद चयन मानदंडों और योग्यता के आधार पर उन्हें नियमित सेना में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा।
भारतीय सेना में 'अग्निपथ' योजना के तहत शामिल हुए युवाओं (अग्निवीरों) के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक और राहत भरा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को अग्निवीरों की सेवा अवधि (टेन्योर) को दो साल और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के तहत, पहले चार साल के कार्यकाल के बाद बाहर होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों को अब दो अतिरिक्त वर्षों के लिए सेवा जारी रखने का विकल्प मिलेगा।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस निर्णय की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल अब पूरा होने के करीब है। पुरानी व्यवस्था के अनुसार, 25 फीसदी अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित बलों में शामिल किया जाना था, जबकि शेष 75 फीसदी को चार साल बाद सेवामुक्त कर समाज में लौटना था।
सीडीएस ने स्पष्ट किया कि संशोधित नीति के तहत अब शेष 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवाकाल (एंगेजमेंट पीरियड) पेश किया जाएगा। इस दो साल की विस्तारित अवधि के पूरा होने के बाद, जो भी अग्निवीर सेना में बने रहने के इच्छुक होंगे, उन्हें एक निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ चयन प्रक्रिया (ऑब्जेक्टिव सिलेक्शन क्राइटेरिया) के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में सेना में स्थायी होने का मौका दिया जाएगा।
सीडीएस जनरल सुब्रमणि ने कहा, "आज का दिन भारतीय रक्षा बलों और हमारे अग्निवीरों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। कैबिनेट ने सभी अग्निवीरों के लिए भारतीय सेना में समाहित होने का एक नया मार्ग प्रशस्त कर दिया है।"
उन्होंने याद दिलाया कि 14 जून 2022 को जब अग्निपथ योजना शुरू की गई थी, तब यह स्पष्ट कहा गया था कि अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन होगा और समय-समय पर योजना की समीक्षा की जाएगी। पिछले चार वर्षों के दौरान मिले सकारात्मक फीडबैक और प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निपथ के तहत अग्निवीरों के लिए दो साल के ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को मंजूरी दी है। यह फैसला उन सभी इच्छुक अग्निवीरों को 4 या 6 साल के कार्यकाल के बाद नियमित सैनिक के रूप में नामांकित होने का अवसर देगा, जो चयन मानदंडों को पूरा करेंगे।
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि यह निर्णय रक्षा बलों में दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना को अधिक युवा, फिट, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार बनाना है। उन्होंने जोर दिया कि यह महज एक भर्ती नीति नहीं है, बल्कि आधुनिक युद्ध शैली के बदलते स्वरूप के अनुसार भारतीय सेना को सशक्त करने की दूरगामी रणनीति है।
गौरतलब है कि जून 2022 में सेनाओं के सर्विस एक्ट के तहत चार साल के कार्यकाल के लिए अग्निपथ योजना लागू की गई थी। इसका उद्देश्य सशस्त्र बलों की औसत आयु को कम कर उन्हें अधिक गतिशील और तकनीकी रूप से दक्ष बनाना था। हालांकि, 4 साल की अल्पकालिक सेवा अवधि को लेकर देश के कई हिस्सों में चिंताएं जताई गई थीं।
इसके चलते उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों ने चार साल बाद लौटने वाले अग्निवीरों के लिए पुलिस भर्ती और अन्य सरकारी नौकरियों में आरक्षण की घोषणा की थी।
केंद्र सरकार के इस ताजा फैसले से न सिर्फ अग्निवीरों का सैन्य सेवा में रहने का समय बढ़ेगा, बल्कि उनके नियमित सैनिक बनने की संभावनाएं भी काफी मजबूत होंगी।
प्रश्न 1: अग्निवीरों की सेवा अवधि में क्या बदलाव किया गया है?
उत्तर: केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अग्निवीरों के सेवाकाल को दो साल और बढ़ा दिया गया है। अब चार साल पूरे होने के बाद बाहर होने वाले 75% अग्निवीरों को दो अतिरिक्त साल (सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी) तक सेवा का विकल्प मिलेगा।
प्रश्न 2: क्या दो साल के विस्तार के बाद अग्निवीर सेना में परमानेंट हो सकते हैं?
उत्तर: हां, अतिरिक्त दो साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद जो अग्निवीर सेना में बने रहना चाहेंगे, उन्हें तय चयन मानदंडों और मेरिट के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में सेना में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।
प्रश्न 3: 25% नियमित भर्ती वाले नियम का क्या हुआ?
उत्तर: चार साल के कार्यकाल के बाद मेरिट के आधार पर 25% अग्निवीरों को नियमित बलों में शामिल करने का प्रावधान पहले की तरह लागू रहेगा, जबकि बाकी 75% को 2 साल का अतिरिक्त सेवाकाल मिलेगा।
प्रश्न 4: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस फैसले पर क्या कहा?
उत्तर: रक्षा मंत्री ने कहा कि यह फैसला सेना के दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों का हिस्सा है, जिससे सेना को युवा, फिट, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य के युद्धों के अनुकूल तैयार किया जा सके।
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