प्रीडायबिटीज की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए वजन घटाने का एक नया और असरदार तरीका सामने आया है। जर्नल नर्सिंग रिसर्च में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन के अनुसार, रात को जल्दी सोना वजन कम करने में सीधा मददगार साबित हो सकता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि सोने के समय में प्रति एक घंटे की पहले शिफ्टिंग से आठ हफ्तों में लगभग 0.73 किलोग्राम तक वजन कम करने में मदद मिली।
अगर आप प्रीडायबिटीज की स्थिति में हैं और बढ़ता वजन आपकी चिंता का सबब बना हुआ है, तो अब केवल खान-पान और एक्सरसाइज ही नहीं, बल्कि आपके सोने का समय भी इस जंग में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में यह पाया गया है कि रात में जल्दी सोने की आदत प्रीडायबिटीज से पीड़ित वयस्कों में वजन घटाने से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। यह शोध संकेत देता है कि सिर्फ कितने घंटे सो रहे हैं यह जरूरी नहीं है, बल्कि किस समय सो रहे हैं (Sleep Timing), यह वजन कम करने का एक नया और अनदेखा माध्यम बन सकता है।
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यह शोध प्रसिद्ध मेडिकल पत्रिका 'नर्सिंग रिसर्च' (Nursing Research) में प्रकाशित हुआ है। इस स्टडी के लिए करीब 200 ऐसे प्रीडायबिटिक वयस्कों को शामिल किया गया जो रात में 6.5 घंटे से कम की नींद लेते थे। प्रतिभागियों को दो अलग-अलग समूहों में बांटा गया:
अध्ययन में शामिल सभी प्रतिभागियों को स्लीप डायरी दी गई और उनके ग्लूकोज स्तर को लगातार मॉनिटर करने के लिए कंटीन्यूअस ग्लूकोज मॉनिटर तथा नींद को ट्रैक करने के लिए रिसर्च-ग्रेड रिस्ट मॉनिटर (एक्टिग्राफ) पहनाए गए।
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अध्ययन की प्रमुख लेखिका और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ नर्सिंग की असिस्टेंट प्रोफेसर सुसान कोह्ल मालोन के अनुसार, "हम किस समय सोने जाते हैं—न केवल यह कि हम कितनी देर सोते हैं—वजन घटाने और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए एक बेहद अहम लेकिन नजरअंदाज किया गया कारक है।"
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शोधकर्ताओं ने विश्लेषण के बाद यह बेहद चौंकाने वाला परिणाम देखा कि वजन घटने का सीधा संबंध कुल नींद की अवधि में बदलाव से नहीं, बल्कि सोने के समय को जल्दी करने (Earlier Sleep Onset) से था। प्रतिभागियों ने सोने का समय जितना पहले किया, हर एक घंटे पहले सोने पर आठ सप्ताह में करीब 1.3 पाउंड (लगभग 0.73 किलोग्राम) वजन कम दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, खराब नींद और देर रात तक जागने से शरीर पर कई गंभीर नकारात्मक असर पड़ते हैं:
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इसके विपरीत, जल्दी सोने से लेट-नाइट ईटिंग की आदत पर रोक लगती है और शरीर का मेटाबॉलिक चक्र अपनी प्राकृतिक लय (बायोलॉजिकल क्लॉक) के साथ बेहतर तालमेल बिठा पाता है। साथ ही कृत्रिम रोशनी का संपर्क कम होने से सिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम को शांति मिलती है।
1. प्रीडायबिटीज में जल्दी सोने से वजन कैसे घटता है?
जल्दी सोने से देर रात खाने (Late-Night Snacking) की आदत रुकती है, कोर्टिसोल और घ्रेलिन जैसे हार्मोन नियंत्रित रहते हैं और शरीर का मेटाबॉलिज्म सही समय पर काम करता है।
2. रिसर्च के मुताबिक सोने के समय में 1 घंटे के बदलाव से कितना वजन कम हुआ?
अध्ययन में पाया गया कि सामान्य समय से प्रति 1 घंटा पहले सोने पर 8 हफ्तों के दौरान औसतन 0.73 किलोग्राम (1.3 पाउंड) अतिरिक्त वजन घटा।
3. क्या जल्दी सोने से ब्लड शुगर लेवल में तुरंत बदलाव आया?
8 सप्ताह के इस कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के ब्लड शुगर स्तर में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया, लेकिन नींद की गुणवत्ता में सुधार और वजन में साफ कमी दर्ज की गई।
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