गूगल (Google) ने लाखों Android TV और Google TV बॉक्सेज़ में गुप्त रूप से स्थापित किए गए एक खतरनाक मैलवेयर बैकडोर (Malware Backdoor) पर निर्णायक कार्रवाई करते हुए उसके पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को बंद कर दिया है। टेक दिग्गज ने प्रमाणित डिवाइस बनाने वाली कंपनी 'वीडियोस्ट्रॉन्ग' (Videostrong) के साथ अपने सभी कारोबारी संबंध समाप्त कर दिए हैं। जांच में सामने आया कि यह कंपनी अपने डिवाइसेज में सुनियोजित तरीके से बैकडोर लगा रही थी, जिससे XCPE बॉटनेट और मैलवेयर फैलाए जा रहे थे।
स्मार्ट टीवी और स्ट्रीमिंग डिवाइस के बाजार में सुरक्षा को लेकर गूगल ने एक बेहद कड़ा कदम उठाया है। गूगल ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि सर्टिफाइड एंड्रॉयड टीवी डिवाइसेज बनाने वाली कंपनी 'वीडियोस्ट्रॉन्ग' (Videostrong) ने अपने तैयार किए गए कई उत्पादों में चोरी-छिपे मैलवेयर बैकडोर लगा रखा था।
इस गंभीर सुरक्षा उल्लंघन के सामने आते ही गूगल ने वीडियोस्ट्रॉन्ग के साथ अपने सभी व्यावसायिक रिश्ते तुरंत प्रभाव से खत्म कर दिए हैं।
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गूगल ने कड़ा कानूनी रुख अपनाते हुए उन सभी डोमेन्स और सर्वर्स को ब्लॉक कर दिया है, जिनके जरिए वीडियोस्ट्रॉन्ग XCPE बॉटनेट (XCPE botnet) और हानिकारक मैलवेयर मॉड्यूल्स को नियंत्रित कर रही थी। इसके अलावा, गूगल ने वीडियोस्ट्रॉन्ग और उसकी सभी सहयोगी कंपनियों पर भविष्य में कोई भी प्रमाणित एंड्रॉयड डिवाइस (Certified Android Devices) बेचने या किसी अन्य सर्टिफाइड वेंडर को सॉफ्टवेयर सप्लाई करने पर पूर्ण प्रतिबंध (Permanent Ban) लगा दिया है।
गूगल के विस्तृत विश्लेषण के अनुसार, यह कोई सामान्य तकनीकी गड़बड़ी या किसी एक कर्मचारी की लापरवाही नहीं थी, बल्कि यह लंबे समय से सोची-समझी रणनीति के तहत चलाया जा रहा एक संगठित दुर्भावनापूर्ण अभियान था।
गूगल ने अपने आधिकारिक बयान में कहा:
"हमने पाया कि यह दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर कई वर्षों के दौरान विभिन्न डिवाइस मॉडलों और ब्रांडों में सीधे तौर पर इनबिल्ट किया गया था। इसे सुरक्षा जांच से बचाने और सहयोगियों को प्रबंधित करने के लिए एक समर्पित बुनियादी ढांचा और लगातार विकसित होने वाले कॉन्फ़िगरेशन तैयार किए गए थे। हमारा मानना है कि यह अभियान कोई सामान्य मानवीय भूल या अकेला मामला नहीं था। नतीजतन, गूगल ने वीडियोस्ट्रॉन्ग से संबंध तोड़ दिए हैं और प्रीलोडेड गूगल ऐप्स के साथ डिवाइस बनाने पर रोक लगा दी है।"
साइबर सुरक्षा रिसर्च फर्म सिंथिएंट (Synthient) की एक रिपोर्ट (द हैकर न्यूज के माध्यम से) के अनुसार, इस पूरे मामले में सबसे प्रमुख रूप से प्रभावित ब्रांड मीकूल (Mecool) रहा है। मीकूल पिछले काफी समय से बाजार में लोकप्रिय एंड्रॉयड टीवी और गूगल टीवी बॉक्स बेच रही थी। इस बड़े खुलासे के बाद बाजार में मीकूल के संचालन पूरी तरह बंद होने की खबरें भी सामने आ रही हैं।
इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि ये सभी टीवी बॉक्स खुले बाजार में 'गूगल सर्टिफाइड' (Google Certified) का टैग लगाकर बेचे जा रहे थे। इस वजह से आम उपभोक्ताओं को पूरा विश्वास था कि वे एक पूरी तरह सुरक्षित और जांची-परखी डिवाइस खरीद रहे हैं।
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गूगल ने भी स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि यह उसके सुरक्षा जांच तंत्र की एक विफलता थी। कंपनी के अनुसार, इन धोखेबाजों ने गूगल की लैब टेस्टिंग प्रक्रिया में मौजूद एक सूक्ष्म तकनीकी गैप का फायदा उठाया:
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गूगल ने दोहराया है कि किसी अधिकृत हार्डवेयर निर्माता द्वारा जानबूझकर अपने ही उपभोक्ताओं को मैलवेयर से संक्रमित करना "विश्वास का पूरी तरह अस्वीकार्य उल्लंघन" (Unacceptable Breach of Trust) है। कंपनी अब अपने पूरे ऐप और डिवाइस रिव्यू प्रोटोकॉल को नए सिरे से अपग्रेड कर रही है।
गूगल द्वारा मैलवेयर फैलाने वाले कमांड एंड कंट्रोल (C2) सर्वर्स और डोमेन्स को ध्वस्त किए जाने के बाद वर्तमान में मौजूद टीवी बॉक्सेज को अब सुरक्षा के लिहाज से निष्क्रिय कर दिया गया है।
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गूगल के अनुसार:
हालांकि, तकनीकी और साइबर सुरक्षा विश्लेषकों का सुझाव है कि भले ही गूगल ने बैकडोर सर्वर्स को कानूनी और तकनीकी रूप से ऑफलाइन कर दिया हो, लेकिन जिन उपयोगकर्ताओं के पास प्रभावित ब्रांड्स (विशेष रूप से मीकूल या वीडियोस्ट्रॉन्ग से जुड़े हार्डवेयर) हैं, उन्हें पूर्ण साइबर सुरक्षा के लिए किसी प्रतिष्ठित और विश्वसनीय ब्रांड के स्ट्रीमिंग विकल्प को अपनाने पर विचार करना चाहिए।
Q1: गूगल ने किस कंपनी और ब्रांड के खिलाफ प्रतिबंध लगाया है?
उत्तर: गूगल ने हार्डवेयर निर्माता कंपनी 'वीडियोस्ट्रॉन्ग' (Videostrong) और उससे जुड़े लोकप्रिय स्ट्रीमिंग ब्रांड मीकूल (Mecool) पर अपने सर्टिफाइड डिवाइसेज में मैलवेयर बैकडोर पाए जाने के कारण पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
Q2: यह मैलवेयर बैकडोर टीवी बॉक्स में किस तरह काम करता था?
उत्तर: यह बैकडोर टेस्टिंग के समय छिपा रहता था और उपयोगकर्ता द्वारा डिवाइस को पहली बार चालू (First Boot) करने के बाद इंटरनेट के जरिए सक्रिय होकर XCPE बॉटनेट और दुर्भावनापूर्ण कोड लोड करता था।
Q3: क्या प्रभावित एंड्रॉयड और गूगल टीवी बॉक्स अब इस्तेमाल के लिए सुरक्षित हैं?
उत्तर: गूगल ने इसके कंट्रोल सर्वर्स और डोमेन्स को ब्लॉक कर दिया है जिससे 1 करोड़ से अधिक उपकरणों का संपर्क टूट गया है और हैकर्स नए आदेश नहीं भेज सकते। फिर भी विशेषज्ञ पूर्ण सुरक्षा के लिए डिवाइस बदलने की सलाह देते हैं।
Q4: गूगल अपनी भविष्य की सुरक्षा प्रणाली में क्या सुधार कर रहा है?
उत्तर: गूगल अपने डिवाइस सर्टिफिकेशन और टेस्टिंग रिव्यू प्रोसेस को कड़ा कर रहा है ताकि बूट के बाद लोड होने वाले हिडन कोड्स और बैकडोर मैकेनिज्म को तुरंत पकड़ा जा सके।
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