दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने यात्रियों की सुविधा के लिए अपनी पिंक लाइन पर 'रियल-टाइम कोच ऑक्यूपेंसी डिस्प्ले सिस्टम' शुरू कर दिया है। इस आधुनिक तकनीक की मदद से यात्री प्लेटफॉर्म पर लगी स्क्रीन के जरिए ट्रेन आने से पहले ही जान सकेंगे कि किस कोच में कितनी भीड़ है। यह सुविधा पहले से मजेंटा लाइन पर चल रही थी और अब पिंक लाइन पर भी लागू हो गई है।
दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन कही जाने वाली दिल्ली मेट्रो में रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान मेट्रो के डिब्बों में होने वाली भारी धक्का-मुक्की और भीड़ से अब यात्रियों को काफी हद तक निजात मिल सकेगी।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने अपने नेटवर्क की सबसे व्यस्त और लंबी लाइनों में शुमार पिंक लाइन (Pink Line) पर 'रियल-टाइम कोच ऑक्यूपेंसी डिस्प्ले सिस्टम' को औपचारिक रूप से लागू कर दिया है।
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इस नई व्यवस्था के तहत, प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के रुकने से पहले ही यात्रियों को स्क्रीन पर यह जानकारी मिल जाएगी कि आने वाली मेट्रो का कौन सा डिब्बा भरा हुआ है और किस डिब्बे में जगह खाली है। इससे यात्री पहले से ही कम भीड़ वाले डिब्बे के सामने जाकर खड़े हो सकेंगे।
डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर इस नए तकनीकी विस्तार की घोषणा की। डीएमआरसी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "मजेंटा लाइन पर रियल-टाइम कार ऑक्यूपेंसी सिस्टम के सफल संचालन के बाद, अब डीएमआरसी ने आने वाली ट्रेनों के कोच-वार भीड़ की स्थिति दिखाने वाले इस डिस्प्ले सिस्टम को पिंक लाइन के सभी स्टेशनों तक बढ़ा दिया है।"
गौरतलब है कि डीएमआरसी ने इस तकनीक की शुरुआत सबसे पहले साल 2022 में अपनी मजेंटा लाइन (बॉटनिकल गार्डन से जनकपुरी पश्चिम) पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की थी। वहां यात्रियों से मिले बेहतरीन फीडबैक और ट्रेन के डिब्बों में भीड़ के बेहतर संतुलन को देखते हुए अब इसे पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार) पर भी चालू कर दिया गया है।
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अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि ट्रेन के अंदर झांके बिना सिस्टम को कैसे पता चलता है कि किस कोच में कितने यात्री सवार हैं? डीएमआरसी ने इसकी पूरी कार्यप्रणाली साझा की है:
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यात्री स्क्रीन पर देखकर आसानी से समझ जाते हैं कि C1 से लेकर C6 तक किस कोच में सबसे कम यात्री हैं और वे उसी कोच के गेट के सामने जाकर लाइन लगा सकते हैं।
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इस तकनीक के पिंक लाइन पर शुरू होने से दैनिक यात्रियों को कई स्तरों पर सीधा फायदा मिलेगा:
दिल्ली मेट्रो का यह कदम तकनीक के सहारे यात्रियों के सफर को आरामदायक और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बेहद असरदार प्रयास माना जा रहा है।
FREQUENTLY ASKED QUESTIONS — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल 1: दिल्ली मेट्रो के किस नए रूट पर कोच में भीड़ दिखाने वाला सिस्टम शुरू हुआ है?
जवाब: डीएमआरसी ने यह रियल-टाइम कोच ऑक्यूपेंसी डिस्प्ले सिस्टम अब पिंक लाइन (मजलिस पार्क से शिव विहार रूट) पर शुरू किया है।
सवाल 2: क्या यह सुविधा दिल्ली मेट्रो में पहले से किसी अन्य लाइन पर मौजूद है?
जवाब: हां, यह व्यवस्था सबसे पहले साल 2022 में मजेंटा लाइन पर सफलतापूर्वक शुरू की गई थी।
सवाल 3: सिस्टम को ट्रेन के डिब्बों में मौजूद भीड़ का पता कैसे चलता है?
जवाब: यह सिस्टम मेट्रो के डिब्बों में लगे स्पेशल लोड सेंसर्स के जरिए काम करता है, जो कोच के वजन की गणना करके यात्रियों की संख्या और भीड़ का सटीक अनुमान लगाते हैं।
सवाल 4: प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी कहां और कैसे दिखाई देती है?
जवाब: ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से कुछ देर पहले पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले सिस्टम (PIDS) स्क्रीन पर छह कोचों (C1 से C6) की ऑक्यूपेंसी स्थिति लाइव प्रदर्शित होती है।
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