मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के खगोलविदों ने 'Lumina' नाम का एक अत्याधुनिक कंप्यूटर सिमुलेशन विकसित किया है। यह मॉडल ब्रह्मांड के शुरुआती 2 अरब वर्षों के इतिहास को बेहद स्पष्टता के साथ दिखाता है। यह सिमुलेशन पुराने मॉडल्स के मुकाबले 100 गुना बड़ा और 30 गुना अधिक स्पष्ट है, जो शुरुआती तारों, आकाशगंगाओं और डार्क मैटर के निर्माण को प्रदर्शित करता है।
कैम्ब्रिज / सैन जोस:
ब्रह्मांड की उत्पत्ति और शुरुआती तारों के जन्म को लेकर विज्ञान जगत को एक बड़ी कामयाबी मिली है। मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मिलकर एक अभूतपूर्व कंप्यूटर सिमुलेशन तैयार किया है, जिसका नाम 'लुमिना' (Lumina) रखा गया है।
यह मॉडल अनिवार्य रूप से एक कॉस्मिक टाइम मशीन की तरह काम करता है, जो शोधकर्ताओं को ब्रह्मांड के शुरुआती 2 अरब वर्षों का सटीक और विस्तृत दृश्य उपलब्ध कराता है।
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एमआईटी की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, Lumina पिछले सभी सिमुलेशन मॉडल्स की तुलना में लगभग 100 गुना बड़े आयतन को कवर करता है और 30 गुना अधिक तेज व शार्प (स्पष्ट) है।
अध्ययन के लेखक और एमआईटी में भौतिकी के प्रोफेसर मार्क वोगल्सबर्गर ने बताया, "Lumina छोटे स्तर पर तारों और आकाशगंगाओं के निर्माण से लेकर बड़े पैमाने पर हाइड्रोजन और हीलियम के रीआयनाइजेशन (Reionization) तक सब कुछ ट्रैक करता है। इसका वॉल्यूम पिछले सर्वश्रेष्ठ सिमुलेशन से 100 गुना बड़ा है।"
यह मॉडल यह भी स्पष्ट करता है कि प्रारंभिक तारों ने हाइड्रोजन के रीआयनाइजेशन को प्रेरित किया, जबकि सुपरमैसिव ब्लैक होल्स ने हीलियम के रीआयनाइजेशन को ऊर्जा दी।
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इस विशाल सिमुलेशन को प्रोसेस करने के लिए शोधकर्ताओं ने दुनिया के सबसे तेज सुपरकंप्यूटर्स में शामिल 'फ्रंटियर' (Frontier) का उपयोग किया। इसके लिए 1 लाख से अधिक कंप्यूटर प्रोसेसर्स (CPUs) और 15,000 से अधिक ग्राफिक्स चिप्स (GPUs) को आपस में जोड़ा गया।
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इस सुपरकंप्यूटर नेटवर्क ने गैस, डार्क मैटर और प्रकाश के लगभग आधा ट्रिलियन (500 अरब) छोटे कणों को सफलतापूर्वक ट्रैक किया। इसकी बदौलत वैज्ञानिक अंतरिक्ष के विशाल हिस्सों का अध्ययन करने के साथ-साथ एक अकेली बनती हुई आकाशगंगा पर भी बारीकी से ज़ूम इन कर सकते हैं।
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शोध दल ने Lumina को दुनिया भर के खगोलविदों और वैज्ञानिकों के लिए साझा कर दिया है। अब वैज्ञानिक इस कंप्यूटर मॉडल द्वारा की गई भविष्यवाणियों का मिलान आधुनिक स्पेस टेलीस्कोप (जैसे जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप) द्वारा ली गई वास्तविक तस्वीरों के साथ कर सकेंगे। दोनों आंकड़ों की तुलना करके खगोलविद इस रहस्य को सुलझाने की उम्मीद कर रहे हैं कि हमारे ब्रह्मांड का प्रारंभिक स्वरूप कैसा था और आकाशगंगाओं का विकास कैसे हुआ।
Q1: 'Lumina' क्या है और इसे किसने विकसित किया है?
उत्तर: Lumina एक उन्नत कंप्यूटर सिमुलेशन मॉडल है जो ब्रह्मांड के शुरुआती 2 अरब वर्षों के इतिहास को दिखाता है। इसे MIT और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने तैयार किया है।
Q2: Lumina पुराने सिमुलेशन मॉडल्स से किस प्रकार अलग है?
उत्तर: यह मॉडल पुराने सिमुलेशन की तुलना में 100 गुना बड़े अंतरिक्ष क्षेत्र को कवर करता है और 30 गुना अधिक स्पष्ट (शार्प) तस्वीरें व डेटा प्रदान करता है।
Q3: इस मॉडल को चलाने के लिए किस सुपरकंप्यूटर का इस्तेमाल किया गया?
उत्तर: शोधकर्ताओं ने इस सिमुलेशन को चलाने के लिए विश्व के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटरों में से एक 'Frontier' का इस्तेमाल किया, जिसमें 1 लाख से ज्यादा प्रोसेसर और 15,000 जीपीयू शामिल थे।
Q4: यह सिमुलेशन ब्रह्मांड के बारे में क्या महत्वपूर्ण जानकारी देता है?
उत्तर: Lumina दिखाता है कि शुरुआती ब्रह्मांड में हाइड्रोजन रीआयनाइजेशन को शुरुआती तारों ने और हीलियम रीआयनाइजेशन को ब्लैक होल्स ने गति दी थी। साथ ही यह डार्क मैटर और आकाशगंगाओं के निर्माण का विस्तृत डेटा देता है।
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