भारत में H1N1 के मामले बढ़ने के बीच Northern Hemisphere की पसंदीदा फ्लू वैक्सीन की कमी हो गई है। ICMR ने कहा है कि इसके उपलब्ध होने तक Southern Hemisphere की फ्लू वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा सकता है। दिल्ली में 20 अगस्त तक 2,602 मौसमी फ्लू के मामले सामने आए थे, जिनमें 1,777 H1N1 के थे।
देश में मौसमी फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं और दिल्ली में इस साल H1N1 वायरस सबसे ज्यादा फैलने वाला इन्फ्लुएंजा स्ट्रेन बना हुआ है। इसी बीच उस फ्लू वैक्सीन की कमी हो गई है, जो इस समय भारत में फैल रहे वायरस से सबसे बेहतर तरीके से मेल खाती है। इसे देखते हुए ICMR यानी भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने फिलहाल एक दूसरी उपलब्ध फ्लू वैक्सीन इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
ICMR के मुताबिक, इस साल Northern Hemisphere (NH) के लिए WHO की ओर से सुझाई गई फ्लू वैक्सीन भारत में अभी फैल रहे इन्फ्लुएंजा वायरस से ज्यादा मेल खाती है। लेकिन इस वैक्सीन की सप्लाई फिलहाल कम है। ऐसे में भारत में उपलब्ध Southern Hemisphere (SH) फ्लू वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा सकता है, जब तक कि पसंदीदा वैक्सीन दोबारा उपलब्ध नहीं हो जाती।
दोनों वैक्सीन में क्या अंतर है? Northern Hemisphere और Southern Hemisphere की फ्लू वैक्सीन में वायरस के स्ट्रेन का मिश्रण अलग होता है। इसका कारण यह है कि दोनों क्षेत्रों में फ्लू के वायरस अलग-अलग समय और अलग-अलग पैटर्न में फैल सकते हैं। इस साल Northern Hemisphere के लिए WHO द्वारा सुझाई गई वैक्सीन में ऐसे स्ट्रेन शामिल हैं, जो भारत में ICMR द्वारा देखे जा रहे वायरस से ज्यादा मेल खाते हैं।
वहीं Southern Hemisphere वैक्सीन में वायरस के स्ट्रेन का मिश्रण अलग है। हालांकि, यह वैक्सीन भी भारत में फैल रहे कई इन्फ्लुएंजा वायरस से सुरक्षा देने में सक्षम है। इसी वजह से ICMR ने इसे फिलहाल एक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने की बात कही है।
दिल्ली में H1N1 के मामले ज्यादा वैक्सीन को लेकर यह सलाह ऐसे समय आई है जब दिल्ली में H1N1 के मामले तेजी से बढ़े हैं। 20 अगस्त तक दिल्ली में मौसमी इन्फ्लुएंजा के कुल 2,602 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें 1,777 मामले H1N1 के थे। यानी दिल्ली में सामने आए मौसमी फ्लू के मामलों में H1N1 की संख्या काफी ज्यादा रही।
ऐसे समय में फ्लू से बचाव को लेकर वैक्सीन की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है। ICMR की सलाह का उद्देश्य यही है कि पसंदीदा वैक्सीन की कमी के दौरान उपलब्ध विकल्प का इस्तेमाल किया जा सके।
क्या उपलब्ध वैक्सीन को छोड़ देना चाहिए? ICMR की सलाह के अनुसार, Southern Hemisphere की उपलब्ध फ्लू वैक्सीन को तब तक इस्तेमाल किया जा सकता है, जब तक Northern Hemisphere की पसंदीदा वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो जाती। हालांकि, कौन-सी वैक्सीन लगवानी है, यह व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और अन्य परिस्थितियों पर भी निर्भर कर सकता है। इसलिए वैक्सीन लेने से पहले डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच वैक्सीन की कमी के कारण सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज न किया जाए। ICMR ने उपलब्ध Southern Hemisphere वैक्सीन को अंतरिम विकल्प के रूप में स्वीकार किया है।
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