क्या हमारी सौरमंडल के बाहर भी ऐसी दुनिया मौजूद है, जहां जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां हो सकती हैं? इस सवाल का जवाब तलाशने की दिशा में NASA ने एक और अहम कदम उठाया है। Nancy Grace Roman Space Telescope को 30 अगस्त 2026 को अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया है। इस मिशन की खासियत सिर्फ इसका विशाल आकार या अत्याधुनिक तकनीक नहीं है। Roman Telescope में ऐसी संवेदनशील कैमरा तकनीक और Coronagraph Instrument लगाया गया है, जो दूर मौजूद Exoplanets से आने वाली बेहद कमजोर रोशनी को पकड़ने में वैज्ञानिकों की मदद कर सकता है।
क्या हमारी सौरमंडल के बाहर भी ऐसी दुनिया मौजूद है, जहां जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां हो सकती हैं? इस सवाल का जवाब तलाशने की दिशा में NASA ने एक और अहम कदम उठाया है। Nancy Grace Roman Space Telescope को 30 अगस्त 2026 को अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया है।
इस मिशन की खासियत सिर्फ इसका विशाल आकार या अत्याधुनिक तकनीक नहीं है। Roman Telescope में ऐसी संवेदनशील कैमरा तकनीक और Coronagraph Instrument लगाया गया है, जो दूर मौजूद Exoplanets से आने वाली बेहद कमजोर रोशनी को पकड़ने में वैज्ञानिकों की मदद कर सकता है।
तारे की तेज रोशनी के बीच ग्रह की तलाश किसी Exoplanet को सीधे देखना आसान नहीं होता। इसकी वजह यह है कि अपने तारे की तुलना में इन ग्रहों की रोशनी बेहद कमजोर होती है। इसे ऐसे समझ सकते हैं जैसे किसी बेहद चमकीले बल्ब के ठीक पास मौजूद बहुत हल्की रोशनी को देखने की कोशिश करना।
Roman का Coronagraph Instrument तारे की तेज रोशनी को दबाने में मदद करेगा, ताकि उसके आसपास मौजूद कमजोर ग्रहों से आने वाली रोशनी को देखा जा सके। NASA के अनुसार, इसकी exoplanet imaging क्षमता मौजूदा space-based coronagraphs की तुलना में करीब 100 से 1,000 गुना अधिक शक्तिशाली होने की उम्मीद है।
हालांकि, यह उपकरण मुख्य रूप से नई तकनीकों के परीक्षण और प्रदर्शन के लिए मिशन का हिस्सा है। इसका एक बड़ा उद्देश्य भविष्य की exoplanet imaging तकनीक को आगे बढ़ाना भी है।
Hubble से 100 गुना बड़ा Field of View Roman Telescope की एक और बड़ी खासियत इसका विशाल Field of View है। इसका field of view Hubble Space Telescope की तुलना में करीब 100 गुना बड़ा होगा।
इसका मतलब है कि Roman एक observation में आकाश के काफी बड़े हिस्से का सर्वेक्षण कर सकेगा। इससे वैज्ञानिक बड़ी संख्या में तारों और संभावित ग्रह प्रणालियों का अध्ययन कर पाएंगे।
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जूते के डिब्बे जितनी electronic unit दूर के ग्रहों की बेहद हल्की रोशनी रिकॉर्ड करने के लिए सामान्य कैमरा पर्याप्त नहीं होगा। इसी वजह से ABB और Nüvü Cameras ने बेहद संवेदनशील camera readout system विकसित किया है।
यह electronic system आकार में लगभग जूते के डिब्बे जितना है, लेकिन इसे अंतरिक्ष के कठिन वातावरण के लिए तैयार किया गया है। इसमें ऐसे space-qualified components इस्तेमाल किए गए हैं, जो radiation और बहुत कम तापमान यानी cryogenic conditions में भी काम कर सकें।
इस technology के विकास में Canadian Space Agency के technology development programs का भी समर्थन रहा है। L2 पर होगा Roman Telescope का संचालन Roman Telescope को Lagrange Point L2 के आसपास संचालित किया जाएगा। यह अंतरिक्ष में ऐसा क्षेत्र है जहां सूर्य और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का संतुलन अंतरिक्ष यान को अपेक्षाकृत स्थिर स्थिति में रहने में मदद करता है।
यह स्थान पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से लगभग चार गुना दूर है। इतनी दूरी के कारण भविष्य में Hubble की तरह वहां जाकर servicing करना आसान नहीं होगा। इसलिए Roman के onboard systems को शुरू से ही बेहद विश्वसनीय और मजबूत बनाया जाना जरूरी है।
Habitable Worlds Observatory के लिए भी अहम Roman Telescope का काम सिर्फ मौजूदा मिशन तक सीमित नहीं है। इसकी Coronagraph technology भविष्य के Habitable Worlds Observatory (HWO) के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
HWO एक भविष्य की mission concept है, जिसका लक्ष्य ऐसे ग्रहों की तलाश करना होगा जहां जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियों या habitability के संकेत मिल सकते हैं। Roman में coronagraph technology का परीक्षण भविष्य की अधिक शक्तिशाली missions के लिए उपयोगी तकनीकी अनुभव देगा।
क्या Roman दूसरे ग्रहों पर जीवन खोज लेगा? अभी यह कहना जल्दबाजी होगी। Roman Telescope Exoplanets की खोज और imaging की क्षमता को जरूर बढ़ा सकता है, लेकिन किसी ग्रह पर जीवन की मौजूदगी साबित करना काफी जटिल प्रक्रिया है।
इसके लिए ग्रह की रोशनी, वातावरण और संभावित biosignatures जैसे कई संकेतों का अध्ययन करना पड़ सकता है। इसलिए Roman को सीधे जीवन खोजने वाली अंतिम मशीन के बजाय ऐसी महत्वपूर्ण तकनीकी सीढ़ी के रूप में देखना ज्यादा सही होगा, जो भविष्य की missions को और सक्षम बनाएगी। Roman Telescope शायद तुरंत यह जवाब न दे कि ब्रह्मांड में हम अकेले हैं या नहीं, लेकिन दूर की दुनियाओं को करीब से समझने की हमारी क्षमता को जरूर एक नई दिशा दे सकता है।
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