यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (ESC) की इस साल की बैठक में दिल की बीमारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण शोधों के नतीजे सामने आने वाले हैं। इनमें 70 साल या उससे अधिक उम्र के स्वस्थ लोगों में स्टैटिन के इस्तेमाल से जुड़े STAREE ट्रायल पर खास नजर रहेगी। इसके अलावा हार्ट अटैक, एट्रियल फिब्रिलेशन और हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी से जुड़े कई अन्य ट्रायल भी चर्चा में रहेंगे।
यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (ESC) की इस साल की बैठक में दिल की बीमारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण शोधों के नतीजे सामने आने वाले हैं। इनमें 70 साल या उससे अधिक उम्र के स्वस्थ लोगों में स्टैटिन के इस्तेमाल से जुड़े STAREE ट्रायल पर खास नजर रहेगी। इसके अलावा हार्ट अटैक, एट्रियल फिब्रिलेशन और हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी से जुड़े कई अन्य ट्रायल भी चर्चा में रहेंगे।
ESC की बैठक 28 से 31 अगस्त तक जर्मनी के म्यूनिख में होगी। इस दौरान 12 खास वैज्ञानिक सत्रों में नए शोध और क्लिनिकल ट्रायल के नतीजे पेश किए जाएंगे।
बुजुर्गों में स्टैटिन का फायदा कितना? इस बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा STAREE ट्रायल की होने की उम्मीद है। यह बड़ा ट्रायल इस सवाल का जवाब तलाश रहा है कि 70 साल और उससे अधिक उम्र के अपेक्षाकृत स्वस्थ लोगों को हृदय रोग से बचाव के लिए स्टैटिन दवाएं देना कितना फायदेमंद है।
स्टैटिन ऐसी दवाएं हैं जिनका इस्तेमाल आमतौर पर कोलेस्ट्रॉल कम करने और हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को घटाने के लिए किया जाता है। लेकिन ऐसे बुजुर्ग लोग, जिन्हें पहले से एथेरोस्क्लेरोटिक हृदय रोग नहीं है, उनमें स्टैटिन का नियमित इस्तेमाल किया जाना चाहिए या नहीं, इस सवाल पर लंबे समय से चर्चा होती रही है।
STAREE में करीब 10,000 लोगों को शामिल किया गया है। ट्रायल यह भी देख रहा है कि स्टैटिन लेने से हृदय संबंधी घटनाओं और बिना डिमेंशिया के जीवित रहने जैसे परिणामों पर क्या असर पड़ता है। हालांकि, इस खबर में STAREE के अंतिम नतीजे अभी उपलब्ध नहीं हैं। इसके परिणाम ESC बैठक में पेश किए जाने हैं।
हार्ट अटैक से जुड़े कई बड़े अध्ययन ESC बैठक में हार्ट अटैक और उसके इलाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण शोध भी पेश होंगे।
LIBREXIA ACS ट्रायल में milvexian नाम की दवा का अध्ययन किया गया। यह नई पीढ़ी की factor XIa inhibitor दवाओं की श्रेणी से जुड़ी है। इसका उद्देश्य acute coronary syndrome वाले मरीजों में हृदय संबंधी गंभीर घटनाओं के जोखिम को कम करना था। खबर के अनुसार, ट्रायल में यह लक्ष्य हासिल नहीं हुआ और अध्ययन को समय से पहले रोक दिया गया था।
इसके अलावा AMUNDSEN ट्रायल में यह देखा जा रहा है कि acute heart attack वाले मरीजों में PCI से पहले evolocumab (Repatha) देने का क्या असर होता है। PCI एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका इस्तेमाल बंद या संकरी हुई हृदय की रक्त वाहिकाओं में रक्त प्रवाह बहाल करने के लिए किया जाता है।
इमरजेंसी में हार्ट अटैक की पहचान पर भी नजर PRESC1SE-MI ट्रायल का फोकस हार्ट अटैक की जल्दी पहचान पर है। इसमें ESC के 0/1-hour troponin algorithm का मूल्यांकन किया जा रहा है।
Troponin एक ऐसा पदार्थ है जिसकी जांच से डॉक्टरों को यह पता लगाने में मदद मिलती है कि हृदय की मांसपेशियों को नुकसान हुआ है या नहीं। इमरजेंसी विभाग में इसका तेजी से आकलन करना हार्ट अटैक के मरीजों की शुरुआती जांच में महत्वपूर्ण हो सकता है।
एट्रियल फिब्रिलेशन से जुड़े भी कई अध्ययन ESC में atrial fibrillation यानी AF से जुड़े कई ट्रायल भी पेश किए जाएंगे। SINGLE-AF में ऐसे AF मरीजों में सीधे मुंह से दी जाने वाली anticoagulant दवाओं का अध्ययन किया जा रहा है, जिनमें स्ट्रोक का जोखिम मध्यम है।
वहीं PVI-SHAM-AF ट्रायल में pulmonary vein isolation नाम की प्रक्रिया की प्रभावशीलता का अध्ययन किया गया है। NEXAF में paroxysmal या persistent AF वाले लोगों के लिए 12 महीने की exercise routine के प्रभाव को देखा जा रहा है।
दिल की मांसपेशियों की बीमारी में नई उम्मीद ACACIA-HCM ट्रायल भी ESC की प्रमुख प्रस्तुतियों में शामिल है। इसमें symptomatic nonobstructive hypertrophic cardiomyopathy यानी दिल की मांसपेशियों की एक बीमारी के इलाज में aficamten का अध्ययन किया गया है।
इस बीमारी में हृदय की मांसपेशी जरूरत से ज्यादा सिकुड़ सकती है, जिससे मरीजों में लक्षण पैदा हो सकते हैं। खबर के अनुसार, इस साल वसंत में जारी शुरुआती नतीजों में aficamten ने अपने primary endpoints हासिल किए थे। इसके पूरे नतीजे ESC बैठक में पेश किए जाएंगे।
नई मेडिकल गाइडलाइंस भी होंगी जारी ESC बैठक सिर्फ नए ट्रायल तक सीमित नहीं रहेगी। यहां Fifth Universal Definition of MI भी पेश की जाएगी। इसके साथ heart failure management, cardiac rehabilitation और cardiovascular तथा chronic kidney disease के संयुक्त प्रबंधन से जुड़ी तीन नई guidelines भी सामने आएंगी।
कुल मिलाकर, इस बैठक में पेश होने वाले शोध डॉक्टरों को बुजुर्गों में स्टैटिन के इस्तेमाल, हार्ट अटैक की पहचान और उपचार, एट्रियल फिब्रिलेशन तथा हृदय की अन्य बीमारियों के इलाज से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर नई जानकारी दे सकते हैं। STAREE के नतीजों पर खास नजर रहेगी, क्योंकि यह 70 वर्ष से अधिक उम्र के स्वस्थ लोगों में प्राथमिक बचाव के लिए स्टैटिन के इस्तेमाल से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे सवाल पर महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है।
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