तेलंगाना के हुस्नाबाद में येल्लम्मा चेरुवु झील पर राज्य का पहला हार्ट-शेप्ड ग्लास ब्रिज तैयार किया गया है। करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से बने इस 150 मीटर लंबे ब्रिज से पर्यटक 20 फीट की ऊंचाई से झील का नजारा देख सकेंगे। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद इसे आम लोगों के लिए खोला जाएगा।
तेलंगाना के सिद्दिपेट जिले में पर्यटन को नया आकर्षण देने की तैयारी पूरी हो रही है। हुस्नाबाद कस्बे की येल्लम्मा चेरुवु झील पर राज्य का पहला ग्लास ब्रिज तैयार किया गया है। इसकी सबसे खास पहचान इसका दिल के आकार का डिजाइन है। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद इस ब्रिज को आम पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस ग्लास ब्रिज की लंबाई लगभग 150 मीटर है, जबकि इसकी चौड़ाई करीब 1.5 मीटर यानी 5 फीट है। ब्रिज को झील की पानी की सतह से करीब 20 फीट की ऊंचाई पर बनाया गया है। इसमें मजबूत पारदर्शी ग्लास पैनल लगाए गए हैं, जिनसे ब्रिज पर चलते समय नीचे झील का पानी साफ दिखाई देगा।
येल्लम्मा चेरुवु झील के विकास और सौंदर्यीकरण की योजना के तहत तैयार किए गए इस ब्रिज को क्षेत्र में पर्यटन बढ़ाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इसका डिजाइन और झील के ऊपर इसकी स्थिति पर्यटकों को एक अलग अनुभव देने के लिए तैयार की गई है।
दिल के आकार का डिजाइन बनेगा खास आकर्षण इस ग्लास ब्रिज की सबसे अलग बात इसका हार्ट-शेप्ड डिजाइन है। सामान्य पुलों से अलग इसका आकार इसे पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बना सकता है।
ब्रिज की पारदर्शी सतह से नीचे पानी दिखाई देगा। करीब 20 फीट की ऊंचाई पर बने इस पुल पर पैदल चलते हुए पर्यटकों को झील का नजारा ऊपर से देखने का मौका मिलेगा। ब्रिज की करीब 150 मीटर लंबाई इसे झील के विकास प्रोजेक्ट का एक प्रमुख हिस्सा बनाती है।
पर्यटन परियोजना में आधुनिक सुविधाओं को झील के प्राकृतिक वातावरण के साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इसी वजह से ग्लास ब्रिज के साथ आसपास के क्षेत्र को भी व्यवस्थित तरीके से विकसित किया जा रहा है।
झील के आसपास बन रही हैं कई सुविधाएं येल्लम्मा चेरुवु को केवल ग्लास ब्रिज तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। झील के आसपास पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए कई सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
इनमें वॉक-वे, बथुकम्मा घाट, लैंडस्केप गार्डन, बच्चों के खेलने का क्षेत्र और ओपन जिम शामिल हैं। इन सुविधाओं के तैयार होने के बाद लोगों को झील के आसपास घूमने और समय बिताने के लिए बेहतर जगह मिल सकेगी।
झील के विकास कार्यों को हैदराबाद के टैंक बंड और सिद्दिपेट के कोमटी चेरुवु की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य येल्लम्मा चेरुवु को हुस्नाबाद के एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना है।
5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ ब्रिज इस परियोजना में ग्लास ब्रिज के निर्माण पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। ब्रिज की लंबाई लगभग 150 मीटर और चौड़ाई करीब 1.5 मीटर है।
ब्रिज को पानी की सतह से करीब 20 फीट ऊपर रखा गया है। इसकी फर्श में पारदर्शी ग्लास पैनल इस्तेमाल किए गए हैं। इससे पर्यटक पुल पर चलते हुए सीधे नीचे झील का पानी देख सकेंगे।
हालांकि, आम लोगों के लिए इसे खोलने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच पूरी की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पर्यटकों के प्रवेश से पहले ब्रिज सुरक्षा परीक्षण में निर्धारित मानकों पर खरा उतरे।
सुरक्षा जांच के बाद आम लोगों के लिए खुलेगा फिलहाल स्थानीय प्रशासन और इंजीनियरों की टीम ब्रिज के सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है। इसके साथ ही अंतिम चरण का काम भी पूरा किया जा रहा है।
सुरक्षा परीक्षण पूरा होने के बाद ब्रिज को औपचारिक रूप से आम जनता और पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी है। यानी फिलहाल पर्यटकों को ब्रिज के उद्घाटन और सार्वजनिक प्रवेश की आधिकारिक अनुमति का इंतजार करना होगा।
ब्रिज के शुरू होने के बाद येल्लम्मा चेरुवु झील में पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण जुड़ जाएगा। खास डिजाइन और झील के ऊपर बने इस पैदल पुल के कारण यहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
येल्लम्मा चेरुवु से बनेगा टूरिज्म सर्किट प्रशासन की योजना येल्लम्मा चेरुवु को आसपास के दूसरे पर्यटन स्थलों से जोड़कर एक पूरा टूरिज्म सर्किट विकसित करने की भी है। इसके तहत झील के साथ आसपास मौजूद ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को एक पर्यटन मार्ग से जोड़ने की योजना है।
इस प्रस्तावित सर्किट में भैरव स्वामी मंदिर, रायकल जलप्रपात और सरदार सर्वई पापन्ना गौड़ किले जैसे स्थल शामिल किए जाने की योजना है।
अगर यह पर्यटन सर्किट विकसित होता है तो हुस्नाबाद आने वाले पर्यटक एक ही क्षेत्र में झील, प्राकृतिक स्थल, धार्मिक स्थान और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े स्थानों को देख सकेंगे। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
स्थानीय कारोबार और रोजगार को भी फायदा मिलने की उम्मीद हुस्नाबाद में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार का असर केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर स्थानीय दुकानों, छोटे कारोबार और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को फायदा मिल सकता है।
इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की भी उम्मीद है। झील के आसपास विकसित की जा रही सुविधाएं स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी क्षेत्र को ज्यादा आकर्षक बना सकती हैं।
येल्लम्मा चेरुवु के विकास की पूरी योजना में ग्लास ब्रिज को एक प्रमुख आकर्षण के रूप में देखा जा रहा है। अब सुरक्षा परीक्षण पूरा होने के बाद इसके आम लोगों के लिए खुलने का इंतजार है। इसके शुरू होने के साथ हुस्नाबाद के पर्यटन मानचित्र पर एक नया आकर्षण जुड़ जाएगा।
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