वजन घटाने और डायबिटीज कंट्रोल के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं, खासकर सेमाग्लूटाइड (Ozempic, Wegovy) को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों “Ozempic blindness” शब्द काफी चर्चा में है। हालांकि, नई मेडिकल स्टडीज तस्वीर को ज्यादा सावधानी से समझने की जरूरत बताती हैं। उपलब्ध शोध के अनुसार सेमाग्लूटाइड से आंखों की बीमारियों या डायबेटिक रेटिनोपैथी का कुल जोखिम स्पष्ट रूप से बढ़ता हुआ नहीं दिखता, लेकिन एक दुर्लभ आंखों की बीमारी NAION के साथ संभावित संबंध जरूर सामने आया है।
वजन घटाने और डायबिटीज कंट्रोल के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं, खासकर सेमाग्लूटाइड (Ozempic, Wegovy) को लेकर सोशल मीडिया पर इन दिनों “Ozempic blindness” शब्द काफी चर्चा में है। हालांकि, नई मेडिकल स्टडीज तस्वीर को ज्यादा सावधानी से समझने की जरूरत बताती हैं। उपलब्ध शोध के अनुसार सेमाग्लूटाइड से आंखों की बीमारियों या डायबेटिक रेटिनोपैथी का कुल जोखिम स्पष्ट रूप से बढ़ता हुआ नहीं दिखता, लेकिन एक दुर्लभ आंखों की बीमारी NAION के साथ संभावित संबंध जरूर सामने आया है।
यानी अभी यह कहना सही नहीं होगा कि Ozempic या सेमाग्लूटाइड लेने से आंखों की रोशनी जाना आम खतरा है। दूसरी ओर, इस संभावित जोखिम को पूरी तरह नजरअंदाज करना भी सही नहीं होगा, क्योंकि कुछ नई स्टडीज में ऑप्टिक नर्व से जुड़े दुर्लभ विकारों का जोखिम थोड़ा अधिक पाया गया है।
क्या है ‘Ozempic Blindness’? “Ozempic blindness” कोई आधिकारिक मेडिकल बीमारी का नाम नहीं है। यह शब्द सोशल मीडिया पर सेमाग्लूटाइड जैसी दवाओं और आंखों से जुड़ी समस्याओं के बीच संभावित संबंध को बताने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
इन दवाओं का इस्तेमाल मुख्य रूप से डायबिटीज कंट्रोल और वजन घटाने के लिए किया जाता है। इनके बढ़ते इस्तेमाल के साथ इनके संभावित साइड इफेक्ट्स को लेकर भी शोध बढ़ रहा है। आंखों से जुड़ी चिंताओं में खास तौर पर NAION (Non-Arteritic Anterior Ischemic Optic Neuropathy) का नाम सामने आया है। यह एक दुर्लभ स्थिति है, जिसमें ऑप्टिक नर्व तक रक्त की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
JAMA Ophthalmology की स्टडी में क्या मिला? JAMA Ophthalmology में प्रकाशित एक सिस्टमेटिक रिव्यू में सेमाग्लूटाइड से जुड़े 78 ट्रायल्स का विश्लेषण किया गया। इसमें कुल 73,640 प्रतिभागियों के डेटा को शामिल किया गया और सेमाग्लूटाइड की तुलना प्लेसीबो या दूसरी दवाओं से की गई।
इस विश्लेषण में सभी प्रकार के आंखों के विकारों का ऑड्स रेश्यो करीब 1.01 और डायबेटिक रेटिनोपैथी का ऑड्स रेश्यो करीब 1.04 पाया गया। इन आंकड़ों से आंखों के रोगों या डायबेटिक रेटिनोपैथी के कुल जोखिम में कोई स्पष्ट बढ़ोतरी नहीं दिखी।
Disclaimer
Disclaimer :
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI. अस्वीकरण: तस्वीरों का इस्तेमाल केवल उदाहरण या सांकेतिक उद्देश्य के लिए किया गया है। कुछ तस्वीरों में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बदलाव किए गए हैं।
Published by: Zoya. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.
हालांकि, NAION के मामले में ऑड्स रेश्यो करीब 3.92 पाया गया। लेकिन इस बीमारी से जुड़े मामले और सैंपल साइज कम होने के कारण शोधकर्ताओं ने इसे पक्का निष्कर्ष मानने के लिए पर्याप्त नहीं माना। इस संबंध को बेहतर तरीके से समझने के लिए आगे और रिसर्च की जरूरत बताई गई।
15 लाख से ज्यादा मरीजों की स्टडी में क्या सामने आया? JAMA Network Open में प्रकाशित एक कोहोर्ट स्टडी में 15 लाख से ज्यादा मरीजों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इसमें सेमाग्लूटाइड या तिर्ज़ेपाटाइड लेने वाले मरीजों की तुलना दूसरे ग्रुप से की गई। इस स्टडी में NAION के मामले सेमाग्लूटाइड या तिर्ज़ेपाटाइड लेने वाले ग्रुप में करीब 0.04% थे, जबकि तुलना वाले ग्रुप में यह आंकड़ा करीब 0.02% था।
इस आधार पर हाजर्ड रेश्यो 1.
76 रहा। यानी दोनों समूहों की तुलना में जोखिम बढ़ा हुआ पाया गया। लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कुल मरीजों की संख्या की तुलना में NAION के मामले अभी भी बहुत कम प्रतिशत में थे। इसलिए इन आंकड़ों को यह कहने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता कि सेमाग्लूटाइड लेने वाले ज्यादातर लोगों को आंखों की रोशनी से जुड़ी गंभीर समस्या होगी। क्या ब्लरी विजन भी हो सकता है?
GLP-1 दवाओं के इस्तेमाल के दौरान कुछ मरीजों में शुरुआती समय में ब्लरी विजन यानी धुंधला दिखाई देना जैसी शिकायतें हो सकती हैं। वजन और ब्लड शुगर में तेजी से बदलाव आंखों की लेंस की शेप और ब्लड वेसल्स पर असर डाल सकते हैं। इसी वजह से इलाज के शुरुआती दौर में विजन में बदलाव महसूस हो सकता है।
हालांकि, हर तरह का धुंधला दिखाई देना NAION या किसी गंभीर ऑप्टिक नर्व समस्या का संकेत नहीं होता। आंखों में बदलाव होने पर इसकी वजह जानने के लिए डॉक्टर या नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है। विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं? American Academy of Ophthalmology और Texas Retina जैसे विशेषज्ञ संस्थानों की ओर से मौजूदा जानकारी के आधार पर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
जो मरीज इन दवाओं से लाभ पा रहे हैं, उन्हें डॉक्टर से अपने इलाज और संभावित जोखिमों के बारे में चर्चा करनी चाहिए। अगर अचानक आंखों की रोशनी में बदलाव हो, ग्रे स्पॉट दिखाई दे या रंगों को देखने में परेशानी महसूस हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है। सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही “Ozempic blindness” जैसी हेडलाइन देखकर दवा को खुद से बंद करना सही तरीका नहीं है। दवा को जारी रखने या बंद करने का फैसला डॉक्टर से सलाह के बाद ही किया जाना चाहिए।
क्या मरीजों को Ozempic से डरना चाहिए? मौजूदा आंकड़ों के आधार पर केवल आंखों से जुड़े दुर्लभ संभावित जोखिम की वजह से हर मरीज को Ozempic या सेमाग्लूटाइड से डरने की जरूरत नहीं बताई गई है। इन दवाओं के डायबिटीज कंट्रोल और वजन घटाने में फायदे भी हैं। लेकिन इसका यह मतलब भी नहीं है कि संभावित जोखिम को नजरअंदाज किया जाए। खास तौर पर अचानक विजन में बदलाव होने पर तुरंत मेडिकल जांच जरूरी है।
फिलहाल उपलब्ध शोध यह संकेत देता है कि सेमाग्लूटाइड और सामान्य आंखों के विकारों या डायबेटिक रेटिनोपैथी के बीच कोई स्पष्ट बढ़ा हुआ कुल जोखिम नहीं दिख रहा है। वहीं NAION के साथ संभावित संबंध पर आगे रिसर्च की जरूरत है। फैक्ट-चेक: ‘Ozempic blindness’ का दावा कितना सही? दावा: Ozempic और सेमाग्लूटाइड लेने से आंखों की रोशनी जाने का खतरा बढ़ जाता है।
फैक्ट-चेक: यह दावा बहुत व्यापक रूप में पेश किया गया है। उपलब्ध स्टडीज में सेमाग्लूटाइड से आंखों के सभी रोगों या डायबेटिक रेटिनोपैथी का कुल जोखिम स्पष्ट रूप से बढ़ा हुआ नहीं मिला। हालांकि, कुछ शोधों में दुर्लभ बीमारी NAION के साथ संभावित संबंध और जोखिम में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है। इसलिए फिलहाल इसे यह कहने का आधार नहीं माना जा सकता कि सेमाग्लूटाइड लेने से आम तौर पर अंधेपन का खतरा होता है। इस संभावित संबंध को समझने के लिए आगे बड़े और बेहतर अध्ययनों की जरूरत है।
मरीजों के लिए क्या जरूरी है? अगर कोई व्यक्ति Ozempic, Wegovy या इसी तरह की दवा ले रहा है, तो उसे अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवा का इस्तेमाल करना चाहिए। अचानक धुंधला दिखाई देना, विजन में ग्रे स्पॉट आना या रंगों को देखने में परेशानी होना जैसे बदलाव नजर आएं तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में जल्द से जल्द नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोशल मीडिया की किसी पोस्ट या वायरल हेडलाइन के आधार पर खुद से दवा बंद या जारी करने का फैसला न लिया जाए।
निष्कर्ष “Ozempic blindness” को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा के बीच नई स्टडीज एक ज्यादा संतुलित तस्वीर सामने रखती हैं। सेमाग्लूटाइड से आंखों के सामान्य रोगों या डायबेटिक रेटिनोपैथी का कुल जोखिम बढ़ने का स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है, लेकिन NAION जैसी दुर्लभ ऑप्टिक नर्व समस्या के साथ संभावित संबंध पर वैज्ञानिकों की नजर है।
कुल मिलाकर, यह एक ऐसा संभावित जोखिम है जिसे डॉक्टर और मरीज ध्यान में रख सकते हैं, लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर इसे सेमाग्लूटाइड लेने वाले हर व्यक्ति में अंधेपन के सामान्य खतरे के रूप में पेश करना सही नहीं होगा। दवा के फायदे और संभावित जोखिम दोनों को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह लेना सबसे जरूरी है।
Ozempic blindness, Ozempic, सेमाग्लूटाइड, Wegovy, आंखों की रोशनी, आंखों पर असर, NAION, डायबिटिक रेटिनोपैथी, वजन घटाने की दवा, डायबिटीज की दवा, आंखों की बीमारी, हेल्थ फैक्ट चेक
Ozempic blindness, semaglutide, Wegovy, aankhon ki roshni, aankhon par asar, NAION, diabetic retinopathy, weight loss dawa, diabetes ki dawa, aankhon ki bimari, health fact check
क्या Ozempic से आंखों की रोशनी जा सकती है, Ozempic blindness fact check, semaglutide and NAION risk, क्या सेमाग्लूटाइड से आंखों पर असर पड़ता है, Ozempic और diabetic retinopathy का खतरा, Wegovy और आंखों की रोशनी, semaglutide eye problems latest studies
Ozempic, सेमाग्लूटाइड, Wegovy, हेल्थ, आंखों की सेहत, NAION, डायबिटीज, वजन घटाना, मेडिकल रिसर्च, फैक्ट चेक, NetGramNews, NetGram News