सरकार ने साइबर फ्रॉड रोकने के लिए 3,718 मोबाइल ऐप ब्लॉक किए हैं। इसके साथ 15.75 लाख SIM कार्ड और 5.77 लाख IMEI नंबर भी ब्लॉक किए गए। लोगों को फर्जी ऐप, अनजान लिंक और OTP या बैंकिंग जानकारी शेयर करने से बचने की सलाह दी गई है।
देश में बढ़ती ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। रिपोर्ट के मुताबिक, 3,718 मोबाइल ऐप ब्लॉक किए गए हैं। इनमें कई फर्जी लोन ऐप और दूसरी संदिग्ध सेवाएं शामिल बताई गई हैं। इसके अलावा 15.75 लाख SIM कार्ड और 5.77 लाख IMEI नंबर भी ब्लॉक किए गए हैं।
इस कार्रवाई का मकसद उन ऐप और मोबाइल कनेक्शनों पर रोक लगाना है, जिनका इस्तेमाल लोगों को ऑनलाइन ठगने के लिए किया जा रहा था।
फर्जी लोन ऐप पर भी कार्रवाई आजकल मोबाइल पर ऐसे कई ऐप देखने को मिलते हैं, जो कुछ ही मिनट में लोन देने का दावा करते हैं। लेकिन हर लोन ऐप भरोसेमंद नहीं होता।
कुछ फर्जी ऐप लोन देने के नाम पर लोगों से उनके मोबाइल की निजी जानकारी मांगते हैं। इनमें कॉन्टैक्ट, फोटो, SMS और दूसरी जानकारी शामिल हो सकती है। बाद में इसी जानकारी का गलत इस्तेमाल किए जाने का खतरा रहता है।
इसी वजह से ऐसे संदिग्ध ऐप पर कार्रवाई की गई है। ब्लॉक किए गए 3,718 ऐप में फर्जी लोन ऐप भी शामिल बताए गए हैं।
लाखों SIM और IMEI नंबर भी हुए ब्लॉक सरकार ने सिर्फ मोबाइल ऐप पर ही कार्रवाई नहीं की है। रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर यानी I4C ने साइबर फ्रॉड से जुड़े संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों पर भी कार्रवाई की है। इसके तहत 15.75 लाख SIM कार्ड और 5.77 लाख IMEI नंबर ब्लॉक किए गए हैं।
SIM कार्ड का इस्तेमाल मोबाइल कनेक्शन के लिए होता है, जबकि IMEI नंबर मोबाइल डिवाइस की पहचान से जुड़ा होता है। इन दोनों पर कार्रवाई का मकसद संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों और डिवाइस के जरिए होने वाली ठगी को रोकना है।
OTP और बैंक की जानकारी को लेकर रहें सावधान साइबर ठगी के मामलों में लोगों से अक्सर OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक की जानकारी मांगी जाती है। कई बार ठग खुद को बैंक कर्मचारी या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते हैं।
ऐसे किसी भी फोन पर अपनी बैंकिंग जानकारी या OTP शेयर नहीं करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति जल्दी पैसे देने, लोन दिलाने या किसी समस्या को तुरंत ठीक करने के नाम पर जानकारी मांग रहा है, तो पहले उसकी जांच करना जरूरी है।
अनजान ऐप और लिंक से भी बचें मोबाइल पर आने वाले हर लिंक पर क्लिक करना सही नहीं है। अगर कोई अनजान लिंक किसी ऑफर, लोन या इनाम का लालच दे रहा है तो उस पर क्लिक करने से बचना चाहिए।
इसी तरह कोई ऐप जरूरत से ज्यादा निजी जानकारी मांगता है तो उसे डाउनलोड करने से पहले सावधानी बरतें। ऐप इंस्टॉल करने से पहले उसके बारे में जानकारी देखना और उसकी विश्वसनीयता जांचना जरूरी है।
सरकार की कार्रवाई से क्या फायदा होगा? फर्जी ऐप और संदिग्ध SIM-IMEI को ब्लॉक करने से साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ रास्तों को बंद करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, साइबर ठगी के तरीके लगातार बदलते रहते हैं। इसलिए सिर्फ ऐप या मोबाइल नंबर ब्लॉक करने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। लोगों को भी ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सावधानी रखनी होगी।
डिजिटल इस्तेमाल बढ़ने के साथ सावधानी भी जरूरी आज लोग मोबाइल से बैंकिंग, ऑनलाइन पेमेंट और कई दूसरी जरूरी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में मोबाइल और इंटरनेट से जुड़ी ठगी से बचना भी जरूरी हो गया है।
फर्जी लोन ऐप, नकली वेबसाइट, संदिग्ध लिंक और अनजान फोन कॉल के जरिए लोगों को ठगने की कोशिश की जा सकती है। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति या ऐप के साथ अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी शेयर करने से बचना चाहिए।
सरकार की ओर से की गई यह कार्रवाई साइबर फ्रॉड को रोकने की कोशिश का हिस्सा है। इसके साथ लोगों की सावधानी भी जरूरी है, ताकि ऑनलाइन ठगी के मामलों को कम किया जा सके।
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