प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बैंक खातों में जमा करीब ₹440.42 करोड़ की राशि फ्रीज कर दी है। ED का आरोप है कि पार्टी के फंड का इस्तेमाल संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और विमान-हेलीकॉप्टर खरीद में हुआ, जबकि TMC ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई को राजनीतिक बताया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बैंक खातों में जमा करीब ₹440.42 करोड़ की राशि को फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। ED का कहना है कि यह कदम संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और धन के कथित दुरुपयोग की जांच के दौरान उठाया गया है।
मामला कैसे शुरू हुआ? ED की जांच पश्चिम बंगाल के बिधाननगर साइबर पुलिस द्वारा दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ बैंक खातों के जरिए संदिग्ध तरीके से धन का लेन-देन किया गया और पैसों को अलग-अलग कंपनियों तक पहुंचाया गया। इसके बाद ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की।
पांच जगहों पर छापेमारी जांच के दौरान ED ने कोलकाता और आसपास के पांच ठिकानों पर छापेमारी की। ये स्थान केयरवेल ग्रुप (Carewell Group) की कंपनियों से जुड़े बताए गए हैं, जो एविएशन सेक्टर में काम करती हैं। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर एजेंसी ने TMC के तीन बैंक खातों में जमा ₹440.42 करोड़ की राशि फ्रीज कर दी।
ED का क्या आरोप है? ED का दावा है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच TMC के बैंक खातों से करीब ₹160 करोड़ की राशि Carewell Aviation India Pvt. Ltd.
और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी को ट्रांसफर की गई। जांच में यह भी सामने आया कि इन कंपनियों ने बाद में एक Embraer Legacy 600 विमान और Agusta 109 Grand New हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए धन का इस्तेमाल किया। इन खरीद पर लगभग ₹112 करोड़ खर्च किए गए। इसके अलावा हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए केमैन आइलैंड्स स्थित एक संस्था से 17 लाख अमेरिकी डॉलर का असुरक्षित ऋण लेने का भी आरोप है।
विमान और हेलीकॉप्टर को लेकर क्या दावा? ED के अनुसार, जिन पैसों से विमान और हेलीकॉप्टर खरीदे गए, बाद में वही विमान और हेलीकॉप्टर तृणमूल कांग्रेस को ही किराये पर दिए गए। एजेंसी का कहना है कि इसके बाद विमान इस्तेमाल करने के नाम पर फिर से बड़ी रकम का भुगतान किया गया। ED इस पूरे वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है कि इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था और इससे किसे लाभ मिला।
TMC ने आरोपों को बताया राजनीतिक तृणमूल कांग्रेस ने ED की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि उसके सभी फंड पूरी तरह वैध हैं और उनकी जानकारी समय-समय पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) तथा आयकर विभाग को दी जाती रही है। TMC ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।
हाईकोर्ट से मिली राहत मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने TMC को आंशिक राहत दी। अदालत ने पार्टी को तीनों खातों से रोजमर्रा के जरूरी खर्च करने की अनुमति दी, लेकिन इसके लिए सख्त निगरानी की व्यवस्था की गई। हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस सुब्रत तालुकदार को विशेष अधिकारी नियुक्त किया है, जिनकी निगरानी में हर चेक और भुगतान की जांच होगी।
जांच अभी जारी ED का कहना है कि यह जांच अभी जारी है और सभी वित्तीय लेन-देन की विस्तार से जांच की जा रही है। दूसरी ओर, TMC ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उसने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया और वह कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखेगी।
निष्कर्ष ₹440 करोड़ के बैंक खाते फ्रीज होने का मामला देश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ ED इसे संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस इसे राजनीतिक कार्रवाई करार दे रही है। फिलहाल हाईकोर्ट ने पार्टी को सीमित राहत दी है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच और अदालत की आगे की कार्यवाही के बाद ही सामने आएगा।
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