राजस्थान के अजमेर RTO कार्यालय को ईमेल के जरिए सात TDX और सायनाइड गैस बम लगाए जाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस, डॉग स्क्वॉड और CID ने कई घंटे तक तलाशी ली, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। शुरुआती जांच में धमकी फर्जी पाई गई, जबकि पुलिस ईमेल भेजने वाले की तलाश में जुटी है।
राजस्थान के अजमेर में स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद गुरुवार को पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। RTO के आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया, जिसमें दावा किया गया कि कार्यालय परिसर में सात TDX और सायनाइड गैस बम लगाए गए हैं। ईमेल में यह भी कहा गया था कि सभी बम तय समय पर विस्फोट कर दिए जाएंगे।
सुबह आया ईमेल, दोपहर में चला पता जानकारी के अनुसार यह ईमेल सुबह करीब 5 बजे RTO के आधिकारिक ईमेल पर भेजा गया था। हालांकि, रोजमर्रा के कामकाज के कारण अधिकारियों ने सुबह ईमेल नहीं देखा। करीब दोपहर 2 बजे जब ईमेल पर नजर पड़ी, तब धमकी की जानकारी सामने आई। इसके तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
कार्यालय खाली कराया गया धमकी मिलने के बाद पुलिस ने बिना कोई जोखिम उठाए RTO कार्यालय को तुरंत खाली करा दिया। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और काम से आए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कुछ समय के लिए कार्यालय का पूरा कामकाज रोक दिया गया, जिससे लोगों को भी काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। पुलिस, डॉग स्क्वॉड और CID ने चलाया सर्च ऑपरेशन सूचना मिलते ही सिविल लाइंस थाना पुलिस, डॉग स्क्वॉड, CID और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। बम निरोधक टीम ने पूरे परिसर की बारीकी से जांच की। कार्यालय के हर कमरे, रिकॉर्ड रूम, पार्किंग और आसपास के क्षेत्र की तलाशी ली गई। यह सर्च ऑपरेशन करीब शाम 5 बजे तक चलता रहा।
जांच में नहीं मिला कोई बम कई घंटे तक चली जांच के बाद सुरक्षा एजेंसियों को परिसर में कोई भी बम, विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली और शुरुआती जांच में इस धमकी को फर्जी (Hoax) माना गया। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी धमकी को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए हर सूचना पर पूरी कार्रवाई की जाती है।
ईमेल में लिखा था 1:10 बजे होगा धमाका धमकी भरे ईमेल में दावा किया गया था कि दोपहर 1:10 बजे बम विस्फोट होगा। लेकिन यह ईमेल अधिकारियों की नजर में उस समय आया, जब ईमेल में बताए गए समय से भी काफी देर हो चुकी थी। इसके बावजूद पुलिस ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पूरे परिसर की जांच कराई।
पिछले आठ महीनों में कई सरकारी कार्यालयों को मिल चुकी हैं धमकियां सूत्रों के अनुसार, पिछले आठ महीनों में अजमेर के कई सरकारी कार्यालयों को इसी तरह के धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं। इन मामलों में अब तक पांच एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इससे साफ है कि पुलिस इस पूरे मामले को साइबर एंगल से भी जांच रही है।
पुलिस कर रही ईमेल भेजने वाले की तलाश अब पुलिस और साइबर विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि धमकी भरा ईमेल किसने और कहां से भेजा। ईमेल की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
निष्कर्ष अजमेर RTO को बम से उड़ाने की धमकी ने कुछ घंटों के लिए प्रशासन और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी। हालांकि लंबी जांच के बाद कोई विस्फोटक नहीं मिला और धमकी फर्जी साबित हुई, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर सरकारी संस्थानों की सुरक्षा और साइबर माध्यम से भेजी जा रही धमकियों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता को उजागर कर दिया। पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
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