राजस्थान की मोना देवी हजारों ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रही हैं। वे महिलाओं को सिलाई, खाद्य उत्पाद, हस्तशिल्प और छोटे कारोबार से जुड़ी जानकारी देने के साथ-साथ बाजार तक पहुंचने और कमाई बढ़ाने के तरीके भी सिखाती हैं। उनकी मदद से कई महिलाएं घर से ही अपना व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं और परिवार की आय में योगदान दे रही हैं। ऐसे प्रयासों से गांवों में महिलाओं की भूमिका और पहचान मजबूत हुई है। मोना देवी की कहानी बताती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं।
राजस्थान के एक कार्यक्रम में जब मोना देवी मंच पर पहुंचीं, तो वहां मौजूद लोगों ने उनकी बात बड़े ध्यान से सुनी। वजह सिर्फ उनकी सफलता नहीं थी, बल्कि वह काम था जो उन्होंने वर्षों से गांव-गांव जाकर किया है। मोना देवी उन महिलाओं में शामिल हैं जिन्होंने खुद आगे बढ़ने के साथ-साथ हजारों दूसरी महिलाओं को भी अपने पैरों पर खड़ा होने का रास्ता दिखाया है। आज कई गांवों में महिलाएं अपना छोटा कारोबार चला रही हैं, घर बैठे कमाई कर रही हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बना रही हैं। इन बदलावों के पीछे मोना देवी जैसी महिलाओं की बड़ी भूमिका है, जो लंबे समय से महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें काम से जोड़ रही हैं। मोना देवी बताती हैं कि शुरुआत आसान नहीं थी। गांवों में कई महिलाएं काम करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि शुरुआत कहां से करें। कुछ महिलाओं के पास हुनर था, लेकिन बाजार तक पहुंच नहीं थी। कई महिलाएं अच्छी सिलाई कर लेती थीं, कुछ स्वादिष्ट खाद्य उत्पाद बना सकती थीं, तो कुछ हाथ से सुंदर सामान तैयार करती थीं। लेकिन इन हुनरों से कमाई कैसे की जाए, इसकी जानकारी बहुत कम लोगों के पास थी।
यहीं से मोना देवी ने काम शुरू किया। उन्होंने महिलाओं को सिर्फ काम सिखाने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि यह भी बताया कि तैयार सामान को बेचने का तरीका क्या है, ग्राहकों तक कैसे पहुंचना है और कमाई को कैसे बढ़ाना है। धीरे-धीरे उनकी कोशिशों का असर दिखने लगा। कई महिलाओं ने घर से ही छोटे कारोबार शुरू किए। किसी ने अचार और पापड़ बनाकर बेचना शुरू किया, किसी ने सिलाई का काम बढ़ाया, तो किसी ने हस्तशिल्प का सामान तैयार करना शुरू कर दिया। कुछ महिलाओं ने स्थानीय मेलों में अपने उत्पाद बेचे, जबकि कई ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सहारा लिया। मोना देवी का कहना है कि सबसे बड़ी चुनौती महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाना होता है। कई महिलाएं शुरुआत में सोचती हैं कि वे कारोबार नहीं कर पाएंगी। उन्हें लगता है कि यह काम सिर्फ बड़े शहरों के लोगों के लिए है। लेकिन जब वे अपने जैसी किसी दूसरी महिला को सफल होते देखती हैं, तो उनका भरोसा बढ़ता है।
यही वजह है कि गांवों में एक महिला की सफलता अक्सर कई दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा बन जाती है।
राजस्थान में महिला समूहों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। कई जगह महिलाएं मिलकर काम कर रही हैं। वे एक-दूसरे का साथ देती हैं और कारोबार बढ़ाने के लिए नए तरीके सीखती हैं। इससे उनकी आय बढ़ रही है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो रही है।
Published by: Netgram Team. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.
13 जून 2026
13 जून 2026
12 जून 2026
मोना देवी जैसे प्रशिक्षक सिर्फ प्रशिक्षण देकर अपना काम खत्म नहीं करते। वे महिलाओं के साथ लगातार जुड़े रहते हैं। अगर किसी महिला को बाजार तक पहुंचने में दिक्कत होती है तो उसकी मदद की जाती है। अगर किसी को उत्पाद की कीमत तय करने में परेशानी होती है तो उसे समझाया जाता है।
यही वजह है कि कई महिलाएं प्रशिक्षण के बाद भी उनसे सलाह लेती रहती हैं।
Continue Reading13 जून 2026
राजस्थान उत्सव और अन्य कार्यक्रमों में भी ऐसी महिलाओं को मंच दिया जा रहा है जिन्होंने अपने दम पर पहचान बनाई है। इन कार्यक्रमों में लोग उनकी कहानी सुनते हैं और समझते हैं कि छोटे गांवों में भी बड़े बदलाव हो सकते हैं।
शहरों के लोग जब इन महिलाओं की सफलता की कहानी सुनते हैं, तो उन्हें एहसास होता है कि सीमित साधनों के बावजूद किस तरह मेहनत और सही मार्गदर्शन से नई शुरुआत की जा सकती है।
कई महिलाओं ने बहुत कम पैसों से अपना काम शुरू किया था। शुरुआत में उन्हें छोटे ऑर्डर मिले। धीरे-धीरे ग्राहक बढ़े और कारोबार भी बढ़ता गया। आज कुछ महिलाएं अपने साथ दूसरी महिलाओं को भी काम दे रही हैं। इस बदलाव का असर सिर्फ आय तक सीमित नहीं है।
जब किसी घर की महिला कमाई करने लगती है, तो पूरे परिवार की सोच बदलती है। बच्चों की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। परिवार की जरूरतें बेहतर तरीके से पूरी होती हैं। कई मामलों में महिलाओं की राय को भी पहले से ज्यादा महत्व मिलने लगता है।
गांवों में भी लोगों का नजरिया बदल रहा है। पहले जहां महिलाओं को सिर्फ घर के काम तक सीमित समझा जाता था, वहीं अब उन्हें परिवार की कमाई में भागीदार के रूप में देखा जाने लगा है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और समाज में उनकी भूमिका भी मजबूत हुई है। कई परिवारों में पुरुष सदस्य भी अब महिलाओं के कारोबार में मदद कर रहे हैं। कोई सामान पहुंचाने में सहयोग करता है तो कोई ऑनलाइन ऑर्डर संभालता है। इससे परिवार के भीतर सहयोग का माहौल बन रहा है।
Continue Reading13 जून 2026
मोना देवी का मानना है कि आज के समय में मोबाइल फोन और इंटरनेट ने महिलाओं के लिए नए अवसर खोले हैं। पहले गांव की महिला का बाजार उसके आसपास के कुछ गांवों तक सीमित होता था। अब वह अपने उत्पाद दूर-दूर तक बेच सकती है।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया ने छोटे कारोबारों को नई पहचान दी है। कई महिलाएं अपने उत्पादों की तस्वीरें साझा करके ग्राहकों तक पहुंच रही हैं। इससे उनकी बिक्री बढ़ी है और आय में भी सुधार हुआ है।
हालांकि चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं। कई ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को पूंजी की कमी का सामना करना पड़ता है। कई बार उन्हें कारोबार बढ़ाने के लिए जरूरी धन नहीं मिल पाता। कुछ महिलाओं को बाजार की जानकारी की भी जरूरत होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महिलाओं को आसान ऋण, बेहतर प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की सुविधा मिले, तो वे और तेजी से आगे बढ़ सकती हैं।
सरकारी योजनाएं और महिला समूह भी इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इनके जरिए महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय जानकारी और नए अवसरों की जानकारी दी जा रही है। मोना देवी जैसी महिलाएं इस पूरे बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बन गई हैं। वे सरकार, महिला समूहों और गांवों के बीच संपर्क का काम करती हैं। उनकी वजह से कई महिलाओं तक नई जानकारी और अवसर पहुंच रहे हैं।
Continue Reading12 जून 2026
सबसे खास बात यह है कि यह बदलाव सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। राजस्थान के छोटे गांवों में भी महिलाएं अपने सपनों को नया आकार दे रही हैं।
आज कई महिलाएं ऐसी हैं जो कुछ साल पहले घर से बाहर निकलने में भी झिझकती थीं। अब वही महिलाएं अपना कारोबार चला रही हैं, ग्राहकों से बात कर रही हैं और अपने परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मोना देवी की कहानी केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी नहीं है। यह उन हजारों महिलाओं की कहानी है जिन्होंने अपने जीवन में बदलाव लाने का फैसला किया और मेहनत के दम पर नई पहचान बनाई।
राजस्थान के गांवों में हो रहे ये छोटे-छोटे बदलाव मिलकर एक बड़ी तस्वीर बना रहे हैं। ऐसी तस्वीर जिसमें महिलाएं सिर्फ जिम्मेदारियां निभाने वाली सदस्य नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में सामने आ रही हैं।
यही वजह है कि आज मोना देवी जैसी महिलाओं को लोग सिर्फ प्रशिक्षक नहीं, बल्कि बदलाव की मिसाल के रूप में देखते हैं। उनकी कोशिशों ने यह दिखाया है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और अवसर मिलने पर गांव की महिलाएं भी बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं।
राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से निकल रही ऐसी कहानियां यह साबित कर रही हैं कि बदलाव के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। कई बार एक व्यक्ति की पहल हजारों लोगों की जिंदगी बदल सकती है। मोना देवी और उनके साथ काम करने वाली महिलाओं की कहानी इसी बदलाव की एक मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है।
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
MonaDevi WomenEmpowerment NariShakti RuralWomen WomenEntrepreneur SelfReliantWomen AtmanirbharNari Rajasthan RajasthanWomen VillageSuccessStory NetGramNews
13 जून 2026