ऑनलाइन टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़े और अनधिकृत एजेंटों पर लगाम लगाने के लिए IRCTC ने 3.03 करोड़ से ज्यादा संदिग्ध यूज़र आईडी डिएक्टिवेट कर दी हैं। कंपनी ने 6 करोड़ से अधिक अन्य खातों को भी सत्यापन प्रक्रिया के लिए चिन्हित किया है।
भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकटिंग सेवा संचालित करने वाली IRCTC ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाते हुए 3.03 करोड़ से अधिक यूज़र आईडी को डिएक्टिवेट कर दिया है। कंपनी के अनुसार यह कार्रवाई उन खातों के खिलाफ की गई है जिनमें टिकट बुकिंग पैटर्न, लॉगिन गतिविधियों या अन्य तकनीकी संकेतकों के आधार पर अनियमितता की आशंका पाई गई।
इसके साथ ही IRCTC ने 6 करोड़ से अधिक अतिरिक्त खातों को सत्यापन के लिए चिन्हित किया है। इन खातों की जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्लेटफॉर्म का उपयोग वास्तविक यात्रियों द्वारा किया जा रहा है और टिकट बुकिंग प्रणाली का दुरुपयोग नहीं हो रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में रेलवे की ऑनलाइन टिकटिंग सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ा है। बड़ी संख्या में यात्री अब टिकट बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों पर निर्भर हैं। इसी बढ़ते उपयोग के बीच कुछ अनधिकृत एजेंटों और तकनीकी स्क्रिप्ट या बॉट्स का इस्तेमाल करने वाले नेटवर्क पर भी निगरानी बढ़ी है। रेलवे और IRCTC का मानना है कि ऐसे तत्व कई बार सामान्य यात्रियों से पहले टिकट बुक कर लेते हैं और बाद में उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की कोशिश करते हैं।
Continue Reading5 जून 2026
कंपनी के मुताबिक टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। इसके तहत एल्गोरिदमिक मॉनिटरिंग और पैटर्न डिटेक्शन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो असामान्य लॉगिन व्यवहार, बहुत तेज बुकिंग गतिविधि और एक ही खाते से कई डिवाइसों के उपयोग जैसे संकेतों की पहचान कर सकता है।
IRCTC का कहना है कि किसी खाते पर संदेह होने की स्थिति में उसे तुरंत स्थायी रूप से बंद नहीं किया जाता। पहले ऐसे प्रोफाइल की गतिविधियों की समीक्षा की जाती है और जरूरत पड़ने पर खाते को सीमित किया जाता है। जांच में अनियमितता की पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई की जाती है।
Continue Reading4 जून 2026
इस अभियान का सीधा असर टिकट उपलब्धता पर पड़ सकता है। विशेष रूप से तत्काल टिकट और छुट्टियों या त्योहारों के दौरान होने वाली भारी बुकिंग में यात्रियों को लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता रहा है। रेलवे से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि यदि फर्जी और एजेंट-नियंत्रित खातों की संख्या कम होती है तो वास्तविक यात्रियों को टिकट मिलने की संभावना बेहतर हो सकती है।
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान वास्तविक उपयोगकर्ताओं को भी अपने खाते की जानकारी अपडेट करने की आवश्यकता पड़ सकती है। कंपनी ने बताया है कि खातों की पुष्टि के लिए OTP, KYC दस्तावेज और ईमेल सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं का उपयोग किया जा रहा है। जिन उपयोगकर्ताओं के खाते जांच के दायरे में आए हैं, उन्हें आवश्यक दस्तावेज जमा करने और पहचान सत्यापित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।
Continue Reading4 जून 2026
डिजिटल गवर्नेंस और ऑनलाइन सेवाओं की सुरक्षा को लेकर रेलवे लगातार तकनीकी उपायों पर जोर दे रहा है। टिकटिंग प्लेटफॉर्म पर की गई यह कार्रवाई उसी व्यापक प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है, जिसका लक्ष्य पारदर्शिता बढ़ाना, अनधिकृत गतिविधियों को रोकना और यात्रियों के लिए बेहतर ऑनलाइन अनुभव सुनिश्चित करना है।
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4 जून 2026