NEET-UG परीक्षा में सामने आ रही गड़बड़ियों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर चिंता जताई है। पेपर लीक मामले में CBI ने फिजिक्स लेक्चरर मनीषा संजय हवालदार को गिरफ्तार कर छह दिन की कस्टडी में लिया है। दूसरी ओर, कई अदालतों में पुनः परीक्षा और ग्रेस मार्क्स को लेकर याचिकाएं दायर की गई हैं। छात्रों और अभिभावकों के बीच परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है।
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। परीक्षा में सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने कहा है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में बार-बार गड़बड़ियां सामने आना पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है और ऐसी स्थिति को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
इसी बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने NEET-UG पेपर लीक मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने फिजिक्स लेक्चरर मनीषा संजय हवालदार को गिरफ्तार कर अदालत से छह दिन की कस्टडी हासिल की है। आरोप है कि उन्होंने कथित पेपर लीक नेटवर्क की मदद की और परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेज गलत हाथों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।
देशभर में इस मामले को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ती जा रही है। लाखों छात्र हर साल NEET परीक्षा की तैयारी में कई साल लगाते हैं और बड़ी आर्थिक लागत भी उठाते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने से छात्रों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। दिल्ली हाईकोर्ट समेत कई अदालतों में भी NEET से जुड़े मामलों पर सुनवाई चल रही है। कुछ छात्रों ने दोबारा परीक्षा कराने, ग्रेस मार्क्स और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर याचिकाएं दायर की हैं। इन मामलों ने परीक्षा एजेंसियों और सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस को और तेज कर दिया है।
ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों में इस मामले को लेकर ज्यादा नाराजगी देखी जा रही है। कई छात्रों और अभिभावकों को लगता है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया सुरक्षित नहीं रही तो मेहनत करने वाले उम्मीदवारों के साथ अन्याय हो सकता है। कोचिंग, रहने और पढ़ाई पर खर्च होने वाली बड़ी रकम भी परिवारों के लिए चिंता का कारण बन रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में डिजिटल और फिजिकल सुरक्षा दोनों स्तरों पर सुधार की जरूरत है। पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज जैसे हर चरण में निगरानी मजबूत करने की मांग उठ रही है। QR आधारित ट्रैकिंग और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसे उपायों पर भी चर्चा हो रही है ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए परीक्षा के बाद सिक्योरिटी ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने और शिकायतों के लिए सुरक्षित व्हिसलब्लोअर सिस्टम तैयार करने की मांग भी सामने आ रही है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों का कहना है कि NEET जैसी हाई-स्टेक परीक्षा में भरोसा बनाए रखने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था जरूरी है।
फिलहाल CBI मामले की जांच में जुटी हुई है और विभिन्न राज्यों में जुड़े नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि जांच एजेंसियां और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाएं आगे क्या कदम उठाती हैं।
NEET NEETUG SupremeCourt CBI NEETPaperLeak EducationNews NEETExam ExamScam MedicalEntrance IndiaNews Students NTA NetGramNews
Published by: Ishrat. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.