देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी है। IMD ने राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ समेत कई क्षेत्रों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विदर्भ के ब्रह्मपुरी में तापमान 47.2 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि कई शहरों में पारा 45 डिग्री के ऊपर दर्ज हो रहा है। बढ़ती गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली मांग और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 29 मई के बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से कुछ इलाकों में तापमान 6–8 डिग्री तक गिर सकता है, लेकिन पश्चिमी राजस्थान में गर्मी बनी रहने की संभावना है।
उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत इस समय भीषण गर्मी की चपेट में हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 मई के लिए देश के कई हिस्सों में हीटवेव और गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट लागू हैं। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के ब्रह्मपुरी में अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले दो दिनों तक गर्मी का असर बना रह सकता है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कई शहरों में दोपहर के समय सड़कें अपेक्षाकृत खाली दिखाई दे रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और नागपुर जैसे बड़े शहरों में गर्मी का असर साफ महसूस किया जा रहा है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक धूप में रहने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
IMD के मुताबिक पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। राजस्थान के कई शहरों में तापमान 45 से 47 डिग्री के बीच पहुंच रहा है। मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में भी गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। कई इलाकों में रात का तापमान भी सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही।
तेज गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कई शहरों में अस्पतालों में हीट से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, कमजोरी और हीट एक्सॉशन जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय और डॉक्टरों ने लोगों से लगातार पानी पीने और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देने की सलाह दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप का असर सबसे ज्यादा रहता है। ऐसे समय में बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर ढककर निकलें और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें। डॉक्टरों ने ORS, नींबू पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाने की सलाह भी दी है। गर्मी का असर सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। देश के कई हिस्सों में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों के लगातार इस्तेमाल के कारण बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ा है। कुछ राज्यों में लोकल बिजली कटौती और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ऊर्जा विभाग लगातार बिजली आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।
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बाहरी काम करने वाले लोगों के लिए हालात ज्यादा मुश्किल बने हुए हैं। मजदूर, रिक्शा चालक, डिलीवरी पार्टनर और निर्माण कार्य से जुड़े लोग लगातार गर्म हवाओं में काम करने को मजबूर हैं। कई जगहों पर काम के घंटे बदलने और दोपहर में काम सीमित करने जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं।
कुछ राज्यों में स्कूलों के समय में बदलाव किए गए हैं। गर्मी को देखते हुए सुबह की शिफ्ट में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जबकि कुछ परीक्षाओं के समय में भी बदलाव किया गया है। सरकारी कार्यालयों में भी कुछ जगह समर टाइम व्यवस्था लागू करने पर चर्चा हो रही है ताकि कर्मचारियों को दोपहर की तेज गर्मी से राहत मिल सके।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौजूदा गर्मी का बड़ा कारण उत्तर-पश्चिम भारत में सूखी और गर्म हवाओं का लगातार सक्रिय रहना है। पश्चिमी राजस्थान और आसपास के इलाकों में नमी कम होने के कारण गर्मी और ज्यादा तीखी महसूस हो रही है। साफ आसमान और तेज धूप के चलते जमीन का तापमान तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि मौसम विभाग ने राहत की भी संभावना जताई है। IMD के मुताबिक 29 मई के बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान में 6 से 8 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। केंद्रीय और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में 2 से 4 डिग्री तक तापमान कम होने का अनुमान है। इससे गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इसके बावजूद मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी सामान्य से ऊपर बनी रह सकती है। इसलिए आने वाले दिनों में भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अपडेट जारी कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि देश में बार-बार आने वाली ऐसी हीटवेव घटनाएं अब ज्यादा आम होती जा रही हैं। शहरों में बढ़ती गर्मी, कंक्रीट का विस्तार और हरित क्षेत्रों की कमी भी तापमान बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं। कई राज्यों में हीट एक्शन प्लान लागू किए गए हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को गर्मी से बचाने के लिए समय रहते चेतावनी और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। फिलहाल मौसम विभाग और स्वास्थ्य एजेंसियों ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां अपनाने की अपील की है। खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को दोपहर में धूप से बचने की सलाह दी गई है। पर्याप्त पानी पीने और शरीर को ठंडा रखने पर जोर दिया गया है ताकि गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचा जा सके।
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