सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे “जेब में प्याज रखने से लू नहीं लगती” दावे को स्वास्थ्य विशेषज्ञों और फै्ट-चेक रिपोर्ट्स ने खारिज कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि हीटस्ट्रोक से बचाव के लिए पानी, छांव, हल्के कपड़े और धूप से बचना ही सबसे असरदार उपाय हैं।
देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच सोशल मीडिया पर एक पुराना “देसी नुस्खा” फिर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि अगर कोई व्यक्ति गर्मियों में अपनी जेब में प्याज रखे, तो उसे लू नहीं लगेगी। हाल ही में एक केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद इस दावे ने और ज्यादा रफ्तार पकड़ ली। वीडियो वायरल होते ही कई लोगों ने इसे पारंपरिक और भरोसेमंद उपाय मानकर अपनाना शुरू कर दिया।
हालांकि, अब डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस दावे को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स में साफ कहा गया है कि जेब में प्याज रखने का हीटस्ट्रोक या लू से बचाव से कोई वैज्ञानिक संबंध नहीं है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह सिर्फ एक पारंपरिक मान्यता है, जिसका मेडिकल साइंस में कोई प्रमाण मौजूद नहीं है। दरअसल, गर्मियों में लू लगना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या होती है। जब शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता, तब हीटस्ट्रोक की स्थिति बनती है। ऐसे में कई लोग घरेलू नुस्खों पर भरोसा करने लगते हैं। प्याज वाला दावा भी उन्हीं में से एक है, जिसे सोशल मीडिया पर “दादी-नानी के नुस्खे” के तौर पर पेश किया जा रहा है।
फैक्ट-चेक करने वाले कई प्लेटफॉर्म्स और मीडिया रिपोर्ट्स ने डॉक्टरों से बातचीत के बाद स्पष्ट किया कि शरीर के बाहर जेब में प्याज रखने से तापमान नियंत्रित नहीं होता। मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्याज में ऐसा कोई गुण नहीं है, जो शरीर की गर्मी को कम कर दे या लू से सुरक्षा दे सके। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ लोग इस बात को लेकर भ्रमित हो जाते हैं क्योंकि प्याज को खाने से शरीर को थोड़ी बहुत हाइड्रेशन और पोषण मिल सकता है। गर्मियों में सलाद या भोजन में प्याज खाने की सलाह कई जगह दी जाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि प्याज को जेब में रखने से शरीर सुरक्षित हो जाएगा। डॉक्टरों ने साफ कहा कि खाने और जेब में रखने के प्रभाव में बड़ा अंतर है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लू से बचाव के लिए वैज्ञानिक और प्रमाणित उपाय अपनाना बेहद जरूरी है। लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीना चाहिए, शरीर को हाइड्रेट रखना चाहिए और तेज धूप में लंबे समय तक बाहर निकलने से बचना चाहिए। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है, इसलिए इस दौरान बाहर जाने से बचने की सलाह दी जाती है। डॉक्टरों ने हल्के और ढीले कपड़े पहनने, सिर को कपड़े या टोपी से ढकने और लगातार इलेक्ट्रोलाइट्स लेने की भी सलाह दी है। ORS, नींबू पानी, छाछ और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। वहीं बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है क्योंकि उनमें हीटस्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है।
विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले हर घरेलू नुस्खे पर आंख बंद करके भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। कई बार लोग वैज्ञानिक इलाज और जरूरी सावधानियों की जगह अपुष्ट दावों पर निर्भर हो जाते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। फिलहाल डॉक्टरों और फैक्ट-चेक एजेंसियों की सलाह यही है कि प्याज को जेब में रखने वाला दावा केवल एक मिथक है। लू और हीटस्ट्रोक से बचने के लिए सही मेडिकल सलाह, पर्याप्त पानी, संतुलित आहार और धूप से बचाव ही सबसे प्रभावी और सुरक्षित तरीका माना जाता है।
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