राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने जोधपुर सहित कई जिलों में हीटवेव और लू को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं कुछ इलाकों में तेज़ आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना ने मौसम को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
राजस्थान में मई की तपती गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तापमान लगातार खतरनाक स्तर के करीब पहुंच रहा है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जोधपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में हीटवेव और तेज़ गर्म हवाओं को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई जिलों में दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया जा सकता है। वहीं कुछ इलाकों में मौसम अचानक करवट लेते हुए तेज़ आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश भी ला सकता है।
मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों के साथ राजस्थान के चुनिंदा जिलों में तेज़ हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर और आसपास के इलाकों में लू का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। दोपहर के समय सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मौसम अपडेट्स और लोकल रिपोर्ट्स में भी जोधपुर क्षेत्र के लिए रेड अलर्ट का जिक्र किया गया है। कई जगहों पर सुबह से ही गर्म हवाएं चलनी शुरू हो जाती हैं और दोपहर तक हालात बेहद कठिन हो जाते हैं। गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशुओं और पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गांवों और शहरों में पानी की खपत अचानक बढ़ गई है, जबकि बिजली की मांग भी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रही है।
Continue Reading9 मई 2026
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान में हर साल गर्मी का असर पहले से अधिक खतरनाक होता जा रहा है। जलवायु परिवर्तन, सूखे हालात और बार-बार बदल रहे मौसम पैटर्न इसकी बड़ी वजह माने जा रहे हैं। कभी तेज़ गर्मी तो कभी अचानक धूलभरी आंधी और बारिश जैसी स्थिति अब आम होती जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और बदलते वायुमंडलीय दबाव के कारण इस तरह के चरम मौसम की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार धूप और गर्म हवाओं में रहने से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को है जो खुले में काम करते हैं, जैसे मजदूर, ट्रैफिक पुलिस, रिक्शा चालक, डिलीवरी कर्मचारी और किसान। अस्पतालों में गर्मी से जुड़ी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर कम निकलने की सलाह दी है। लोगों से अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने, सिर ढककर बाहर निकलने और शरीर को हाइड्रेट रखने की अपील की गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि उन पर गर्मी का असर तेजी से हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ क्षेत्रों में तेज़ आंधी और हल्की बारिश से अस्थायी राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन गर्मी का असर पूरी तरह खत्म होने की संभावना फिलहाल नहीं है। कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रह सकता है। प्रशासन ने भी जिला अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं और आपदा प्रबंधन टीमों को संभावित आपात स्थितियों के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
Continue Reading12 मई 2026
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में राजस्थान जैसे रेगिस्तानी राज्यों में हीटवेव की घटनाएं और अधिक गंभीर हो सकती हैं। यही वजह है कि अब केवल मौसम अपडेट ही नहीं, बल्कि लंबे समय की जलवायु तैयारी और जल संरक्षण जैसी रणनीतियों पर भी जोर दिया जा रहा है। फिलहाल राजस्थान के लोग भीषण गर्मी, लू और बदलते मौसम के दोहरे असर का सामना कर रहे हैं।
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11 मई 2026