जोधपुर के मंडोर गार्डन में बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए SBI ने Golf Cart सेवा शुरू की है। इससे अब लोगों को गार्डन के अंदर आने-जाने में काफी राहत मिलेगी और वे बिना ज्यादा थकान के आराम से घूम सकेंगे। यह पहल सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि शहर को ज्यादा संवेदनशील और सभी के लिए अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे छोटे बदलाव आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना देते हैं।
जोधपुर के ऐतिहासिक मंडोर गार्डन में अब बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए घूमना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। शहर में एक सराहनीय पहल के तहत SBI बैंक ने यहां आने वाले बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों के लिए Golf Cart सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे उन्हें लंबी दूरी पैदल तय करने की परेशानी से राहत मिलेगी।
मंडोर गार्डन जोधपुर के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां का परिसर काफी बड़ा और फैला हुआ है, जिसके कारण बुजुर्गों, दिव्यांगों और चलने-फिरने में दिक्कत महसूस करने वाले लोगों को परेशानी होती थी। कई लोग थकान और लंबी दूरी की वजह से यहां आने से बचते थे।
अब Golf Cart सुविधा शुरू होने के बाद मुख्य प्रवेश द्वार से अंदर तक आने-जाने में आसानी होगी। स्थानीय प्रबंधन की व्यवस्था के अनुसार यह सुविधा मुफ्त या बेहद कम शुल्क पर उपलब्ध कराई जा सकती है।
इस पहल से अब परिवार अपने बुजुर्ग सदस्यों और व्हीलचेयर इस्तेमाल करने वाले रिश्तेदारों के साथ ज्यादा आराम से मंडोर गार्डन घूम सकेंगे। यह सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट सुविधा नहीं, बल्कि शहर की संवेदनशील सोच और समावेशी विकास का उदाहरण माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे छोटे बदलाव आम लोगों की जिंदगी में बड़ा फर्क लाते हैं। अब वे लोग भी ऐतिहासिक स्थल का आनंद ले सकेंगे जो पहले दूरी और थकान के कारण यहां आने से हिचकिचाते थे।
यह पहल कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) का भी अच्छा उदाहरण मानी जा रही है। अक्सर CSR गतिविधियां सिर्फ औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रह जाती हैं, लेकिन यहां ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर दिया गया है जिसका रोजाना इस्तेमाल होगा और लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दूसरे संस्थान भी इसी तरह शहरों में अस्पताल शटल, सुरक्षित स्कूल रास्ते, रैंप और दिव्यांग-अनुकूल सुविधाओं पर काम करें, तो शहर सिर्फ “स्मार्ट” ही नहीं बल्कि ज्यादा “मानवीय” भी बन सकते हैं।
🌟 शहर की संवेदनशीलता की नई पहचान जोधपुरवासियों के लिए यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि यह दिखाती है कि छोटे कदम भी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ी राहत दे सकते हैं। आने वाले समय में यह सुविधा मंडोर गार्डन आने वाले हजारों पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए मददगार साबित हो सकती है।
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