सोशल मीडिया पर वायरल खतरनाक चैलेंजेस जैसे फायर-ब्रीदिंग, ब्लैकआउट और ड्रग-आधारित ट्रेंड्स बच्चों और किशोरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। 2020 से 2024 के बीच ऐसे कई मामले सामने आए और 2026 में भी नए केस रिपोर्ट हुए हैं। इन ट्रेंड्स से अब तक 100 से ज्यादा मौतें और हजारों अस्पताल केस दर्ज हो चुके हैं। एक्सपर्ट्स पेरेंट्स और स्कूलों को बच्चों को इन खतरों के बारे में जागरूक करने की सलाह दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज़ की होड़ अब भी बच्चों और किशोरों के लिए बड़ा खतरा बनी हुई है। 2026 में भी कई देशों में ऐसे खतरनाक ऑनलाइन चैलेंजेस के नए मामले सामने आए, जिसमें “फायर–ब्रीदिंग चैलेंज”, ड्रग–आधारित ट्रेंड्स और “ब्लैकआउट” जैसे स्टंट शामिल हैं।
हाल की सेफ्टी रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन ट्रेंड्स के कारण अब तक 100 से ज्यादा मौतें और हजारों इमरजेंसी अस्पताल केस दर्ज हो चुके हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये चैलेंजेस बार-बार अलग-अलग रूप में लौटते रहते हैं, जिससे इन्हें रोकना और भी मुश्किल हो जाता है।
“Benadryl चैलेंज” की शुरुआत 2020 के आसपास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म TikTok पर हुई थी, जहां किशोर ज्यादा मात्रा में एंटी-हिस्टेमिन दवा लेकर हैलुसिनेशन और वीडियो बनाने की कोशिश करते थे। डॉक्टरों ने शुरू से ही चेतावनी दी थी कि इसका ओवरडोज़ दिल की धड़कन बिगाड़ सकता है, दौरे ला सकता है और जानलेवा भी हो सकता है। इसके बावजूद, 2020 से 2024 के बीच अलग-अलग समय पर इसके केस बार-बार सामने आते रहे, जिससे साफ है कि यह ट्रेंड पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
Continue Reading6 मई 2026
इसी तरह “ब्लैकआउट चैलेंज” भी बेहद खतरनाक साबित हुआ, जिसमें लोग जानबूझकर सांस रोकने या गला दबाने जैसे स्टंट करते हैं और वीडियो बनाते हैं। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, इससे दिमाग में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है और स्थायी नुकसान या अचानक मौत का खतरा रहता है।
सेफ्टी संगठनों की रिपोर्ट बताती है कि ऐसे कई चैलेंजेस—जैसे Nyquil चिकन, No–Budge वॉक, Superman चैलेंज और फायर–ब्रीदिंग स्टंट—समय-समय पर वायरल होते रहे हैं। 2026 में भी फायर–ब्रीदिंग चैलेंज से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया, जिसमें एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिससे यह साफ हुआ कि यह खतरा अभी भी खत्म नहीं हुआ है।
Continue Reading7 मई 2026
कुल मिलाकर, विशेषज्ञ मानते हैं कि ये डिजिटल ट्रेंड्स बहुत तेजी से फैलते हैं लेकिन उनकी रोकथाम उतनी तेज नहीं होती। इसलिए पेरेंट्स और स्कूलों को बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए और उन्हें समझाना चाहिए कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले ऐसे स्टंट असली जिंदगी में बेहद खतरनाक हो सकते हैं।
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7 मई 2026