भारत को ग्लोबल क्लाउड और AI हब बनाने की दिशा में बजट का बड़ा दांव

2/2/2026, 12:00:00 AM

बजट में भारत को ग्लोबल क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर का अहम केंद्र बनाने पर जोर दिया गया है। विदेशी क्लाउड कंपनियों को 2047 तक टैक्स हॉलिडे, डेटा सेंटर सर्विसेज़ के लिए सेफ हार्बर और ट्रांसफर प्राइसिंग में सर्टेनिटी जैसे कदम निवेश को बढ़ावा देंगे। इससे क्लाउड, डेटा सेंटर और IT सर्विस सेक्टर में लंबे समय की ग्रोथ और AI को गवर्नेंस, एग्रीकल्चर व अन्य सेक्टर्स में तेजी से अपनाने की राह खुलेगी।

बजट में भारत को ग्लोबल क्लाउड वर्कलोड्स का बड़ा हब बनाने की साफ़ मंशा दिखाई देती है। इसी मकसद से विदेशी कंपनियों को बड़ा टैक्स हॉलिडे देने का ऐलान किया गया है। 2047 तक जो विदेशी कंपनियां भारतीय डेटा सेंटर्स का इस्तेमाल करके दुनिया भर के ग्राहकों को क्लाउड सर्विस देंगी, उन्हें टैक्स में छूट मिलेगी। हालांकि, भारत के अंदर ग्राहकों को सर्विस देने के लिए उन्हें किसी इंडियन रीसेलर एंटिटी के ज़रिये ही काम करना होगा। यह पॉलिसी भारत को सिर्फ घरेलू डेटा सेंटर मार्केट तक सीमित रखने के बजाय, ग्लोबल क्लाउड डिमांड के लिए एक स्ट्रैटेजिक बेस के तौर पर उभारने में मदद करेगी। इससे कोलोकेशन, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइबर कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में बड़े और लंबे समय के निवेश आने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स का मानना है कि भारत का पब्लिक क्लाउड सर्विसेज़ मार्केट 2029 तक बढ़कर 30.4 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसमें सालाना करीब 22.6% की ग्रोथ होगी। डेटा सेंटर सर्विसेज़ के लिए 15% का सेफ हार्बर प्रस्तावित किया