राजस्थान के जैसलमेर बेसिन से 2025-26 में प्राकृतिक गैस उत्पादन एक दशक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। ओयल इंडिया और ओएनजीसी की तकनीकी सफलता से राज्य की बिजली आपूर्ति और देश की ऊर्जा सुरक्षा को बड़ा समर्थन मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान के जैसलमेर बेसिन से प्राकृतिक गैस उत्पादन ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। ओयल India Limited (OIL) ने वित्त वर्ष 2025-26 में यहां से 254.90 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (MMSCM) गैस उत्पादन दर्ज किया है, जो पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक माना जा रहा है। रेगिस्तान के कठिन और चुनौतीपूर्ण माहौल में हासिल हुई यह सफलता देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम मानी जा रही है।
जैसलमेर बेसिन लंबे समय से तेल और गैस संसाधनों के लिए संभावनाओं वाला क्षेत्र रहा है, लेकिन यहां का कठोर मौसम, तेज रेत के तूफान और दूरस्थ इलाकों की लॉजिस्टिक चुनौतियां उत्पादन बढ़ाने में बड़ी बाधा रही हैं। इसके बावजूद OIL और ONGC ने एडवांस्ड ड्रिलिंग तकनीक, आधुनिक सीज़्मिक सर्वे और ऑटोमेशन के जरिए उत्पादन क्षमता को मजबूत किया। ताजा आंकड़े बताते हैं कि इन तकनीकी निवेशों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गैस उत्पादन से राजस्थान को कई स्तरों पर फायदा मिलेगा। राज्य में गैस आधारित बिजली उत्पादन को मजबूती मिलेगी, जिससे कोयले पर निर्भरता कम हो सकती है। साथ ही सीएनजी-पीएनजी नेटवर्क, उर्वरक उद्योग और औद्योगिक इकाइयों को भी बेहतर गैस सप्लाई मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई संकट के बीच घरेलू गैस उत्पादन बढ़ना भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। इससे आयात पर निर्भरता घटेगी और विदेशी मुद्रा पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि आम लोगों को गैस कीमतों में तुरंत राहत मिलना तय नहीं माना जा रहा, क्योंकि गैस के दाम राष्ट्रीय नीति और अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी प्रभावित होते हैं। लेकिन लंबे समय में घरेलू उत्पादन बढ़ने से देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल सकती है और सरकार के पास विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि यह उपलब्धि दिखाती है कि सही तकनीक, नीति समर्थन और लंबी अवधि की योजना के साथ रेगिस्तानी क्षेत्र भी बड़े ऊर्जा हब बन सकते हैं। राजस्थान पहले ही देश के अग्रणी सोलर पावर राज्यों में शामिल है और यहां बड़े स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। ऐसे में गैस और सोलर ऊर्जा का संतुलित उपयोग भविष्य में राज्य की ऊर्जा स्थिरता को और मजबूत कर सकता है।
आने वाले समय में यदि नए कुओं और गैस क्षेत्रों का विकास जारी रहा, तो जैसलमेर बेसिन देश के ऊर्जा सेक्टर में और बड़ी भूमिका निभा सकता है। हालांकि इसके साथ पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों के संतुलित उपयोग और स्थानीय समुदायों के हितों का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी होगा।
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