राजस्थान में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां हवा की रफ्तार 40–60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। 8 मई तक 15 से ज्यादा जिलों में ऐसा मौसम बना रह सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आई है लेकिन फसलों और बिजली ढांचे को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग के अपडेट फॉलो करने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाओं से हादसों की संभावना बनी हुई है।
राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जयपुर स्थित भारतीय मौसम विभाग (IMD) केंद्र ने सोमवार देर रात तत्काल चेतावनी जारी करते हुए बताया कि जयपुर, अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक और करौली समेत कई जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान तेज धूलभरी आंधी, बारिश और मेघगर्जन की संभावना है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिसे देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में येलो वार्निंग दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्यभर में मौसम अस्थिर बना हुआ है। एक अलग रिपोर्ट में कहा गया है कि 8 मई तक राजस्थान के 15 से अधिक जिलों में अलग-अलग समय पर तेज अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रह सकता है। इस बदलते मौसम के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है। हाल ही में राज्य के पश्चिमी हिस्सों जैसे बाड़मेर, जैसलमेर और फलोदी में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। लेकिन अब लगातार आंधी और हल्की बारिश के कारण कई जगहों पर अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक नीचे आ गया है। इस मौसम का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे सकता है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, पुराने होर्डिंग्स और कच्ची दीवारों के टूटने, और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर खुले स्थानों में खड़े वाहनों और टिन शेड के नीचे खड़े होने से बचने के लिए कहा गया है। किसानों के लिए यह मौसम मिलाजुला असर लेकर आया है। जहां जिन इलाकों में रबी फसल कट चुकी है, वहां बारिश से थोड़ी राहत मिल सकती है, वहीं जिन खेतों में अभी भी फसल खड़ी है या कटाई के बाद खुले में रखी है, वहां ओलावृष्टि और तेज हवा से भारी नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि 6 से 8 मई तक गर्मी से राहत का यह दौर जारी रह सकता है, लेकिन इसके बाद फिर से तापमान बढ़ने और लू जैसी स्थिति बनने की संभावना है। ऐसे में नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे IMD के आधिकारिक अपडेट, SMS अलर्ट और स्थानीय खबरों पर नजर बनाए रखें और समय-समय पर जरूरी सावधानियां अपनाएं।
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6 मई 2026