जोधपुर के कांकाणी ग्रिड सब-स्टेशन को 765 केवी तक अपग्रेड करने की मंजूरी मिल गई है। इससे पश्चिमी राजस्थान में बिजली सप्लाई मजबूत होगी और इंडस्ट्री व सोलर प्रोजेक्ट्स को बड़ा फायदा मिलेगा।
जोधपुर से जुड़ी एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है, जहां कांकाणी ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) को 765 केवी लेवल तक अपग्रेड करने की मंजूरी मिल गई है। इस फैसले को क्षेत्र के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अपग्रेड का मुख्य उद्देश्य कांकाणी GSS को पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख पावर हब बनाना है, ताकि बढ़ती बिजली मांग को आसानी से संभाला जा सके।
दरअसल, पिछले कुछ सालों में जोधपुर और आसपास के इलाकों में बिजली की डिमांड तेजी से बढ़ी है। इसके पीछे शहरी विस्तार, इंडस्ट्रियल ग्रोथ और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स का बड़ा रोल है। खासकर सोलर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स की बढ़ती संख्या ने ट्रांसमिशन सिस्टम पर दबाव बढ़ा दिया है।
मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर कई बार इस बढ़ती मांग को पूरी तरह सपोर्ट नहीं कर पा रहा था, जिससे भविष्य में बिजली सप्लाई पर असर पड़ने का खतरा बना हुआ था।
इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए कांकाणी GSS को 765 केवी तक अपग्रेड करने का फैसला लिया गया है। इस अपग्रेड के बाद स्टेशन की पावर ट्रांसमिशन क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे बड़ी मात्रा में बिजली को दूर-दराज के इलाकों तक बिना रुकावट पहुंचाया जा सकेगा। यह न सिर्फ जोधपुर, बल्कि पूरे पश्चिमी राजस्थान के लिए फायदेमंद साबित होगा।
इस प्रोजेक्ट से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा। राजस्थान पहले से ही सोलर और विंड एनर्जी के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में है, और इस तरह का मजबूत ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर इन प्रोजेक्ट्स से बनने वाली बिजली को नेशनल ग्रिड तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता आएगी।
इसके अलावा, बेहतर पावर सप्लाई से इंडस्ट्री, बिजनेस और आम लोगों को भी सीधा फायदा मिलेगा। बिजली की कटौती कम होगी, वोल्टेज स्टेबिलिटी बेहतर होगी और नए निवेश के रास्ते खुलेंगे। यह प्रोजेक्ट क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति देने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर, कांकाणी GSS का 765 केवी अपग्रेड पश्चिमी राजस्थान के लिए एक रणनीतिक कदम है, जो भविष्य की बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे न सिर्फ पावर सप्लाई मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र को एक मजबूत ऊर्जा केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।
Jodhpur Rajasthan PowerUpdate Electricity Energy SolarEnergy InfraDevelopment IndiaGrowth SmartInfrastructure NetGramNews
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
Published by: Ishrat. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.