अमेरिका–ईरान तनाव के चलते तेल की कीमतें बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। नाकाबंदी की आशंका से सप्लाई घट सकती है, जिससे पेट्रोल-डीजल महंगे होंगे और वैश्विक महंगाई बढ़ने का खतरा है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी का असर अब सीधे वैश्विक तेल बाजार पर दिखने लगा है। हाल के दिनों में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो साल 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
विश्लेषकों के मुताबिक यह उछाल उस समय आया जब रिपोर्ट्स में सामने आया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों को ईरान पर लंबी अवधि की नाकाबंदी की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। इसका मतलब है कि ईरान के तेल निर्यात पर सख्त और लंबे समय तक नियंत्रण लगाया जा सकता है।
रिपोर्ट्स यह भी संकेत देती हैं कि अमेरिकी प्रशासन ईरान के बंदरगाहों और खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ से गुजरने वाले तेल निर्यात पर नौसैनिक दबाव बनाने की योजना पर काम कर रहा है। यह रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है।
आशंका जताई जा रही है कि इस मार्ग से सप्लाई घटकर लगभग 4 प्रतिशत तक सीमित हो सकती है, जबकि सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के बड़े हिस्से को यहीं से तेल मिलता है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो कच्चे तेल के साथ-साथ पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
वित्तीय संस्थान जैसे गोल्डमैन सैक्स और अन्य बैंकों ने भी चेतावनी दी है कि इस तरह की भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बढ़ती तेल कीमतें वैश्विक महंगाई को अस्थिर कर सकती हैं। पहले से धीमी होती विश्व अर्थव्यवस्था के बीच ईंधन महंगा होने से परिवहन, कृषि और उद्योगों की लागत बढ़ने की संभावना है।
इससे कई देशों के सामने दोहरी चुनौती खड़ी हो सकती है—या तो सरकारें सब्सिडी बढ़ाएं या फिर महंगाई का बोझ सीधे आम जनता पर पड़े। आम उपभोक्ताओं के लिए इसका सीधा असर आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के रूप में दिख सकता है, खासकर उन देशों में जो कच्चे तेल का अधिक आयात करते हैं।
ट्रांसपोर्ट महंगा होने से रोजमर्रा की चीजें जैसे खाने-पीने का सामान, बिजली उत्पादन और हवाई यात्रा भी महंगी हो सकती है। अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई की समस्या और गंभीर हो सकती है, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ने की आशंका है।
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