सोशल मीडिया पर वायरल दावा कि दुनिया के 100 में से 95 सबसे गर्म शहर भारत में हैं, पूरी तरह सही नहीं बल्कि अधूरा सच है। असल में हीटवेव के दौरान कुछ समय के रियल-टाइम डेटा में ऐसा दिखा, लेकिन यह स्थायी या हमेशा रहने वाली स्थिति नहीं है।
देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि दुनिया के 100 में से 95 सबसे गर्म शहर भारत में हैं। कई यूजर्स, पेज और कुछ न्यूज प्लेटफॉर्म भी इस आंकड़े को शेयर कर रहे हैं, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई है।
ऐसे में इस दावे की सच्चाई समझना जरूरी हो जाता है। क्या कहता है फैक्ट चेक? जांच में सामने आया कि यह दावा पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन इसे जिस तरह पेश किया जा रहा है, वह अधूरा और भ्रामक है।
रियल-टाइम टेम्परेचर और एयर क्वालिटी डेटा देने वाले प्लेटफॉर्म AQI.in के अनुसार 24 से 27 अप्रैल 2026 के बीच कई मौकों पर दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 95 से 98 शहर भारत के रिकॉर्ड किए गए। कुछ समय पर तो टॉप 20 में से 19 सबसे गर्म लोकेशन भी भारत में ही थीं।
इन लिस्ट में दिल्ली, लखनऊ, नागपुर, अकोला, भुवनेश्वर और भोपाल जैसे शहर बार-बार शामिल होते दिखे। यानी हीटवेव के दौरान खास समय में भारत के कई शहरों ने तापमान के मामले में दुनिया में टॉप किया। भ्रम कहां से पैदा हुआ? असल गड़बड़ी तब हुई जब इस डेटा को बिना संदर्भ के पेश किया गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक AQI.in जैसी वेबसाइट्स पर रैंकिंग हर घंटे बदलती रहती है। तापमान, हवा की दिशा, बादल, नमी और स्थानीय समय जैसे कई फैक्टर इन रैंकिंग को प्रभावित करते हैं। इसका मतलब यह है कि जो डेटा किसी खास समय पर सही था, वह कुछ घंटों बाद पूरी तरह बदल सकता है।
इसलिए यह कहना कि “दुनिया के 100 में से 95 सबसे गर्म शहर हमेशा भारत में रहते हैं” पूरी तरह गलत है। एक और अहम बात यह है कि यह डेटा पूरी दुनिया के हर शहर या गांव को कवर नहीं करता। यह सिर्फ उन्हीं लोकेशंस का स्नैपशॉट होता है जहां मॉनिटरिंग सिस्टम मौजूद हैं।
इसलिए इसे पूरी दुनिया की स्थायी या आधिकारिक क्लाइमेट रैंकिंग मानना सही नहीं होगा। आखिर सच्चाई क्या है? निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि अप्रैल 2026 की हीटवेव के दौरान कुछ समय के लिए भारत के कई शहर दुनिया के सबसे गर्म शहरों में बड़ी संख्या में शामिल जरूर हुए।
लेकिन बिना संदर्भ यह दावा करना कि “दुनिया के 100 में से 95 सबसे गर्म शहर भारत में ही हैं” भ्रामक है। यह वायरल दावा “आधा सच” है। सही जानकारी यह है कि कुछ समय के रियल-टाइम डेटा में ऐसा देखा गया, लेकिन यह कोई स्थायी स्थिति या हमेशा रहने वाला रिकॉर्ड नहीं है।
यानी अधूरी जानकारी को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने से ही यह भ्रम फैला — और यही वजह है कि फैक्ट चेक करना बेहद जरूरी हो जाता है।
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