UAE ने OPEC और OPEC+ से अलग होने का फैसला किया, वैश्विक तेल बाजार में हलचल
4/29/2026, 11:33:00 AM
UAE ने 1 मई 2026 से OPEC और OPEC+ छोड़ने का फैसला लिया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। इससे तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है और भारत जैसे देशों को भविष्य में सस्ते तेल का फायदा भी मिल सकता है, लेकिन मध्य पूर्व तनाव बड़ा जोखिम बना रहेगा।
वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 1 मई 2026 से OPEC और OPEC+ दोनों समूहों से अलग होने का फैसला किया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब ईरान युद्ध और होर्मुज़ संकट के कारण पहले ही अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई पर दबाव बना हुआ है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। UAE सरकार के अनुसार यह कदम देश की लंबी अवधि की आर्थिक रणनीति और बदलती ऊर्जा नीति का हिस्सा है। सरकार अब तेल उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है और 2027 तक करीब 50 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है। OPEC+ से बाहर होने के बाद UAE अब उत्पादन कोटा की सीमाओं से मुक्त होकर अपनी रणनीति के अनुसार उत्पादन बढ़ा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला OPEC की एकता और वैश्विक तेल कीमतों पर उसके प्रभाव के लिए झटका हो सकता है। UAE संगठन के प्रमुख उत्पादकों में रहा है, इसलिए इसके अलग होने से OPEC की पकड़ कमजोर पड़ सकती है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक इसका असर दो तरह से दिख सकता है।