शेन्जेन की रोबोटिक्स कंपनी LimX Dynamics ने ह्युमनॉइड रोबोट्स का एक चौंकाने वाला प्रदर्शन किया है। कंपनी के 18 ‘ओली’ रोबोट्स बिना किसी इंसानी दखल के शिपिंग कंटेनरों से बाहर निकलकर कदमताल करते हुए एक लाइन में खड़े हो गए। यह संभव हो पाया कंपनी के नए ऑपरेटिंग सिस्टम COSA की वजह से, जो रोबोट्स को इंसानों की तरह सोचने और उसी के साथ काम करने की क्षमता देता है। इस तकनीक को भविष्य की फैक्ट्रियों और औद्योगिक क्षेत्रों में रोबोट्स की बड़े स्तर पर तैनाती की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
चीन की रोबोटिक्स दुनिया में एक बार फिर बड़ा और चौंकाने वाला कदम देखने को मिला है। शेन्जेन की रोबोटिक्स कंपनी LimX Dynamics ने अपने ह्युमनॉइड रोबोट्स का ऐसा प्रदर्शन दिखाया है, जिसने टेक जगत को हैरान कर दिया है।
कंपनी द्वारा जारी वीडियो में देखा गया कि ‘ओली’ नाम के 18 रोबोट्स बिना किसी इंसानी मदद के शिपिंग कंटेनरों से बाहर निकलते हैं और पूरी तरह अनुशासित तरीके से कदमताल करते हुए एक लाइन में खड़े हो जाते हैं। यह नजारा किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लगता है, लेकिन यह पूरी तरह असली है।
सबसे खास बात यह रही कि यह पूरा प्रोसेस ऑटोनॉमस था, यानी इसमें किसी भी इंसान का दखल नहीं था। कंटेनर खुलते ही रोबोट्स खुद रास्ता समझते हैं, एक-दूसरे से टकराते नहीं हैं और सीमित जगह में भी सही फॉर्मेशन बना लेते हैं।
इससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले समय में फैक्ट्रियों और इंडस्ट्रियल एरिया में रोबोट्स की पूरी-की-पूरी टीमें एक साथ तैनात की जा सकेंगी। इस तकनीक के पीछे LimX Dynamics का नया ऑपरेटिंग सिस्टम COSA (Cognitive OS of Agents) है।
यह सिस्टम रोबोट्स को इंसानों की तरह सोचने और उसी सोच के साथ काम करने की क्षमता देता है। पहले रोबोट्स के लिए सोच और एक्शन अलग-अलग प्रोसेस थे, लेकिन COSA ने दोनों को जोड़ दिया है। इतना ही नहीं, रोबोट्स में एक तरह की “मेमोरी” भी है, जिससे वे अपने पुराने अनुभव याद रख सकते हैं।
इसी वजह से वे सीढ़ियां चढ़ने, अस्थिर रास्तों पर चलने या मुश्किल हालात में बेहतर फैसले ले पाते हैं। टेक एक्सपर्ट्स इस प्रदर्शन को सिर्फ एक डेमो नहीं, बल्कि औद्योगिक क्रांति के अगले चरण के तौर पर देख रहे हैं।
LimX Dynamics का मानना है कि एम्बेडेड इंटेलिजेंस वाली यह तकनीक रोबोट्स को लैब से निकालकर रियल वर्ल्ड के कठिन कामों के लिए तैयार कर रही है। COSA सिस्टम में बुनियादी इमोशनल स्टेट्स भी शामिल हैं, जिससे समय के साथ रोबोट्स का व्यवहार और ज्यादा स्मार्ट और बेहतर होता जाएगा।
कुल मिलाकर, यह उपलब्धि चीन को रोबोटिक्स के क्षेत्र में और मजबूत बनाती है और अब वह अमेरिका की Boston Dynamics जैसी दिग्गज कंपनियों को सीधी टक्कर देने की स्थिति में नजर आ रहा है।
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