भारत में बढ़ता डायबिटीज संकट: विशेषज्ञों ने दी चेतावनी और समाधान

4/27/2026, 12:40:00 PM

Dr. Sanjay Reddy के अनुसार भारत में डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है और लाखों लोग बिना जांच के इससे अनजान हैं। खराब लाइफस्टाइल, मोटापा और कम फिजिकल एक्टिविटी इसके मुख्य कारण हैं, और अब यह युवाओं में भी तेजी से फैल रही है। बचाव के लिए सही खान-पान, नियमित व्यायाम, वजन कंट्रोल और समय-समय पर जांच जरूरी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत को इस समस्या से निपटने के लिए एक मजबूत नेशनल प्रिवेंशन प्रोग्राम की जरूरत है।

भारत समेत पूरी दुनिया में डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है और यह अब एक बड़ा पब्लिक हेल्थ चैलेंज बन चुका है। एक इंटरव्यू में Dr. Sanjay Reddy ने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए भारत को तुरंत एक मजबूत नेशनल डायबिटीज प्रिवेंशन प्रोग्राम की जरूरत है। भारत और दुनिया में डायबिटीज की स्थिति इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार, 2025 तक दुनिया में लगभग 583 मिलियन लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। भारत में यह संख्या 101 मिलियन से ज्यादा है और करीब 11.7% आबादी इससे प्रभावित है। चिंता की बात यह है कि जितने लोग डायबिटीज से ग्रस्त हैं, उतने ही लोग बिना जांच के अनजान रहते हैं। भारत में करीब 120 मिलियन लोग प्रीडायबिटिक हैं, यानी उन्हें भविष्य में डायबिटीज होने का खतरा ज्यादा है। डायबिटीज बढ़ने के कारण डायबिटीज के बढ़ने के पीछे कई कारण हैं— जेनेटिक फैक्टर (परिवार में इतिहास) खराब लाइफस्टाइल कम फिजिकल एक्टिविटी ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला खाना मोटापा और शहरी जीवन आजकल बच्चे भी कम खेलते हैं और ज्यादा स्क्रीन टाइम