‘यूनिवर्सल’ नज़ल स्प्रे वैक्सीन क्या बदल देगी बीमारियों से लड़ने का तरीका?
4/27/2026, 12:27:00 PM
Stanford Medicine की नज़ल स्प्रे वैक्सीन कई वायरस, बैक्टीरिया और एलर्जी से एक साथ सुरक्षा दे सकती है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है और अभी शुरुआती टेस्टिंग में है। अगर सफल रही, तो 2 डोज़ से लंबे समय तक सुरक्षा मिल सकती है, लेकिन आम लोगों तक पहुंचने में 5–7 साल लग सकते हैं।
Stanford Medicine के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी प्रयोगात्मक नज़ल स्प्रे वैक्सीन पर काम किया है, जो एक साथ कई तरह के श्वसन वायरस, बैक्टीरिया और यहां तक कि एलर्जी से भी सुरक्षा देने का दावा करती है। फिलहाल यह वैक्सीन चूहों पर किए गए प्रयोगों के स्तर पर है, लेकिन अगर यह इंसानों पर भी सफल होती है, तो COVID-19, फ्लू, निमोनिया और एलर्जी जैसी बीमारियों के खिलाफ एक “सिंगल शील्ड” बन सकती है। इस वैक्सीन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी एक खास वायरस को निशाना नहीं बनाती। इसके बजाय यह फेफड़ों की प्राकृतिक इम्यून सिस्टम को “सुपरचार्ज” करती है, ताकि शरीर अलग-अलग तरह के संक्रमणों से पहले से ही लड़ने के लिए तैयार रहे। रिसर्च के अनुसार, चूहों पर किए गए परीक्षणों में इस नज़ल स्प्रे ने वायरल लोड को काफी हद तक कम किया, गंभीर बीमारी को रोका और कुछ मामलों में एलर्जिक रिएक्शन को भी ब्लॉक कर दिया। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगर यह वैक्सीन इंसानों में भी सुरक्षित और असरदार साबित होती है, तो सिर्फ दो डोज़ लेने से