AI का असर: भारतीय IT सेक्टर में बड़ा बदलाव, पारंपरिक मॉडल पर दबाव
4/27/2026, 11:53:00 AM
AI के बढ़ते इस्तेमाल से भारतीय IT सेक्टर में बड़ा बदलाव आ रहा है। इससे कंपनियों की productivity बढ़ रही है, लेकिन पारंपरिक घंटे-आधारित सर्विस मॉडल पर दबाव पड़ रहा है और रेवेन्यू में 2–3% तक गिरावट आ सकती है। वहीं दूसरी तरफ AI नए मौके भी दे रहा है, जैसे जनरेटिव AI, क्लाउड और डेटा से जुड़े काम, जिनमें बड़ा ग्लोबल मार्केट बन रहा है। अब IT प्रोफेशनल्स के लिए नई स्किल्स सीखना जरूरी हो गया है, क्योंकि यही भविष्य में ग्रोथ और जॉब के अवसर तय करेगा।
भारतीय IT सेक्टर तेजी से एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ नई तकनीक नहीं, बल्कि पूरे बिजनेस मॉडल को बदलने वाली ताकत बन चुका है। हाल ही में देश की टॉप IT कंपनियों – TCS, Infosys, HCLTech, Wipro और Tech Mahindra – के FY26 नतीजों से यह साफ हो गया है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से इंडस्ट्री का ढांचा बदल रहा है। AI की मदद से कंपनियों की productivity तो बढ़ रही है, लेकिन इसका सीधा असर पारंपरिक effort-based (घंटों पर आधारित) सर्विस मॉडल पर पड़ रहा है। पहले जहां ज्यादा घंटे काम करने पर ज्यादा बिलिंग होती थी, अब वही काम कम समय और कम लोगों से हो रहा है, जिससे इस मॉडल पर दबाव बढ़ता जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में AI पारंपरिक IT सेवाओं के रेवेन्यू में हर साल 2–3% तक की गिरावट (deflation) ला सकता है। यानी कंपनियों को पहले जितना पैसा मिलता था, अब उसी काम के लिए कम रेवेन्यू मिल सकता है। हालांकि, यह बदलाव पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। AI नए अवसर