इस रिसर्च में पता चला कि दिमाग की immune cells (microglia) में कैल्शियम सिग्नलिंग एंग्जायटी और obsessive behaviours को कंट्रोल करती है। जब कैल्शियम लेवल बढ़ता है, तो ये व्यवहार ट्रिगर होते हैं, और chronic मामलों में यह लगातार हाई रहता है। यह खोज नए इलाज का रास्ता खोलती है, क्योंकि अगर microglia के कैल्शियम को कंट्रोल किया जाए, तो एंग्जायटी और OCSD को ज्यादा असरदार तरीके से ट्रीट किया जा सकता है।
24 अप्रैल 2026 को एक नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने दिमाग की इम्यून सेल्स (microglia) और एंग्जायटी व obsessive-compulsive behaviours के बीच एक अहम कनेक्शन खोजा है। यह स्टडी Molecular Psychiatry जर्नल में प्रकाशित हुई है और इसमें बताया गया है कि कैल्शियम सिग्नलिंग इन व्यवहारों को ट्रिगर करने में बड़ी भूमिका निभाती है।
पहले की रिसर्च में यह सामने आया था कि दिमाग की कुछ इम्यून सेल्स एंग्जायटी जैसे व्यवहार को कंट्रोल कर सकती हैं। अब University of Utah Health में Mario Capecchi की लैब के वैज्ञानिकों ने पाया कि इन सेल्स के अंदर कैल्शियम ही मुख्य सिग्नल है जो इन प्रभावों को चलाता है।
रिसर्चर Naveen Nagarajan के अनुसार, microglia सिर्फ सुरक्षा करने वाली सेल्स नहीं हैं, बल्कि ये एंग्जायटी, grooming (बार-बार खुद को साफ करना) और obsessive behaviours को भी कंट्रोल करती हैं। वैज्ञानिकों ने microglia के एक खास प्रकार—Hoxb8 microglia—पर फोकस किया।
जब इन सेल्स को जेनेटिक टूल्स और लाइट के जरिए एक्टिव किया गया, तो स्वस्थ चूहों में एंग्जायटी और grooming behaviour बढ़ गया। पहले यह साफ नहीं था कि ऐसा क्यों होता है, लेकिन अब पता चला है कि इसके पीछे कैल्शियम सिग्नलिंग जिम्मेदार है।
स्टडी में सामने आया कि microglia में कैल्शियम लेवल बढ़ने पर यह एक सिग्नल की तरह काम करता है, जो एंग्जायटी और obsessive behaviour को शुरू करता है। जब चूहे grooming या डर से freeze होते हैं, तो कैल्शियम लेवल बढ़ जाता है और व्यवहार खत्म होने पर फिर सामान्य हो जाता है।
लेकिन chronic एंग्जायटी और OCSD वाले चूहों में यह कैल्शियम लेवल लगातार हाई रहता है, जिससे समस्या बनी रहती है। वैज्ञानिकों ने genetic engineering और advanced imaging का इस्तेमाल करते हुए एक छोटा माइक्रोस्कोप लगाया, जिससे वे चल रहे चूहों के दिमाग में microglia की गतिविधि को लाइव देख सके।
जैसे ही कैल्शियम बढ़ता था, सेल्स हरे रंग का सिग्नल देती थीं, जिससे रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव हो पाई। इस रिसर्च से यह उम्मीद जगी है कि अगर microglia में कैल्शियम सिग्नलिंग को कंट्रोल करने वाली दवाएं बनाई जाएं, तो एंग्जायटी और OCSD का इलाज ज्यादा असरदार तरीके से किया जा सकता है।
अभी जो इलाज हैं, वे ज्यादातर neurons पर फोकस करते हैं और हर बार अच्छे रिजल्ट नहीं देते। लेकिन microglia को टारगेट करना ज्यादा सटीक और लंबे समय तक असर करने वाला तरीका हो सकता है।
यह रिसर्च यह भी दिखाती है कि हमारा व्यवहार सिर्फ neurons पर निर्भर नहीं है, बल्कि nervous system और immune system के आपसी संबंध पर भी आधारित है। यह खोज neuroscience, immunology और psychiatry जैसे अलग-अलग क्षेत्रों को जोड़ती है और mental health को समझने का एक नया और बेहतर मॉडल देती है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह खोज एंग्जायटी और obsessive-compulsive behaviours के इलाज को और ज्यादा targeted और effective बना सकती है।
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