चीन के वैज्ञानिकों ने Chang’e-5 मिशन से लाए गए चंद्र नमूनों में दो नए rare-earth खनिज—magnesiochangesite-(Y) और changesite-(Ce)—की खोज की, जिन्हें आधिकारिक मान्यता भी मिल चुकी है। ये खनिज चंद्रमा की संरचना, उसके विकास और rare-earth संसाधनों को समझने में अहम साबित होंगे। यह खोज इसलिए खास है क्योंकि इससे AI और एडवांस टेक्नोलॉजी की मदद से बेहद छोटे कणों का विश्लेषण किया गया, और भविष्य में इन खनिजों का इस्तेमाल LED जैसी टेक्नोलॉजी में भी हो सकता है।
चीन के वैज्ञानिकों ने चंद्रमा से लाए गए नमूनों में दो नए और पहले कभी न देखे गए खनिजों की खोज की है। ये नमूने Chang’e-5 मिशन के जरिए लाए गए थे, जिसमें कुल 1,731 ग्राम चंद्र मिट्टी शामिल थी।
इस खोज की घोषणा 11वें China Space Day के उद्घाटन समारोह में की गई और इन खनिजों को इंटरनेशनल मिनरलॉजिकल एसोसिएशन ने आधिकारिक तौर पर मान्यता भी दे दी है। इनका नाम magnesiochangesite-(Y) और changesite-(Ce) रखा गया है। यह खोज इसलिए खास है क्योंकि इससे पहले 2022 में चीन ने changesite-(Y) नाम का पहला चंद्र खनिज खोजा था।
अब ये दोनों नए खनिज मिलाकर कुल मिलाकर दुनिया के 7वें और 8वें चंद्र खनिज बन गए हैं। ये दोनों खनिज “rare-earth phosphate” कैटेगरी के हैं और चंद्रमा की धूल में पाए गए हैं। इनके क्रिस्टल स्ट्रक्चर पृथ्वी पर मिलने वाले किसी भी खनिज से अलग हैं।
ये merrillite group का हिस्सा हैं, जो चंद्रमा, मंगल और एस्टेरॉयड्स में पाए जाते हैं, लेकिन हर जगह उनकी संरचना अलग-अलग होती है। magnesiochangesite-(Y) को बीजिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक ली ज़ियिंग की टीम ने खोजा।
यह बहुत छोटे (2 से 30 माइक्रोमीटर) कॉलम जैसे क्रिस्टल के रूप में मिलता है और चंद्रमा के बेसाल्ट हिस्सों में पाया गया। इसकी खास बात यह है कि इसमें मैग्नीशियम की मात्रा ज्यादा होती है और यह इंसानी बाल से भी कई गुना छोटा होता है, इसलिए इसे देखना बहुत मुश्किल है।
इसे पहचानने के लिए वैज्ञानिकों ने हजारों पार्टिकल्स का बार-बार विश्लेषण किया और आखिर में सिर्फ एक सही क्रिस्टल मिला। इस छोटे से क्रिस्टल को संभालना भी बहुत मुश्किल था—वैज्ञानिकों ने इसे माइक्रो-सर्जरी जैसी सावधानी से खास मशीनों की मदद से निकाला।
दूसरा खनिज changesite-(Ce) चीनी एकेडमी ऑफ जियोलॉजिकल साइंसेज के वैज्ञानिक हौ ज़ेंगकियान की टीम ने खोजा। यह खनिज चंद्रमा के सैंपल और चीन में मिले एक उल्कापिंड (meteorite) दोनों में पाया गया। इसमें cerium नाम का rare-earth एलिमेंट ज्यादा मात्रा में होता है और यह इसे एक “planetary fingerprint” जैसा बनाता है।
वैज्ञानिकों ने बताया कि Apollo मिशन के सैंपल्स में भारी rare-earth एलिमेंट्स ज्यादा थे, जबकि Chang’e-5 के सैंपल्स में हल्के rare-earth एलिमेंट्स ज्यादा मिले। इससे पता चलता है कि चंद्रमा के अंदर के मैग्मा में समय के साथ बदलाव हुआ है।
इस खनिज की पहचान करने के लिए वैज्ञानिकों ने कई एडवांस तकनीकों का इस्तेमाल किया, जैसे electron microscopy, Raman spectroscopy और X-ray diffraction। यह प्रक्रिया बहुत जटिल थी लेकिन इससे इस नए खनिज की पुष्टि हो पाई।
changesite-(Ce) की एक खास बात यह भी है कि इसमें चमक (luminescence) होती है, जिससे भविष्य में LED लाइट जैसे प्रोडक्ट्स बनाने में इसका इस्तेमाल हो सकता है।
यह खोज न सिर्फ चंद्रमा के बनने और उसकी संरचना को समझने में मदद करेगी, बल्कि यह भी बताएगी कि वहां rare-earth resources कितने हैं और भविष्य में उनका उपयोग कैसे किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, यह खोज अंतरिक्ष विज्ञान में एक बड़ी उपलब्धि है, जो यह दिखाती है कि चंद्रमा सिर्फ एक बंजर सतह नहीं, बल्कि संसाधनों से भरी एक जटिल और रहस्यमयी दुनिया है।
Disclaimer
Disclaimer:
Images are for illustrative purposes only and some editing of images done by using AI.
Published by: Netgram Team. For newsroom standards, byline transparency, and correction requests, review our editorial standards and corrections policy.
Need to contact the newsroom directly? Email netgramnews@gmail.com or visit the team page.