नई तकनीक से हार्ट की छुपी हुई बीमारी का जल्दी पता: CT स्कैन से भविष्य का खतरा भी होगा साफ
4/23/2026, 11:27:00 AM
जापान की कुमामोटो यूनिवर्सिटी की स्टडी में पाया गया कि एडवांस कार्डियक CT स्कैन से दिल की छुपी हुई खराबी और भविष्य में हार्ट फेलियर या मौत के खतरे का पता लगाया जा सकता है। LIE और ECV नाम के दो मार्कर मिलाकर देखने से जोखिम की सटीक पहचान होती है। यह तरीका MRI का आसान और तेज विकल्प बन सकता है और समय रहते इलाज में मदद करेगा।
जापान की कुमामोटो यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने एक अहम खोज की है, जिससे हार्ट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का पहले ही पता लगाया जा सकता है। इस नई स्टडी के अनुसार, अगर कार्डियक CT स्कैन में दो खास तकनीकों को मिलाकर इस्तेमाल किया जाए, तो यह भविष्य में हार्ट फेलियर और मौत के खतरे का काफी सटीक अनुमान लगा सकता है। क्या है नई खोज? अब तक कार्डियक CT स्कैन का इस्तेमाल मुख्य रूप से दिल की धमनियों (coronary arteries) में ब्लॉकेज पता करने के लिए किया जाता था। लेकिन इस नई रिसर्च में पाया गया कि यह स्कैन दिल की मांसपेशियों में छुपे हुए नुकसान (invisible damage) को भी पहचान सकता है। इसके लिए स्कैन में एक “delayed phase” जोड़ा गया, जिससे दो अहम संकेत (markers) मापे गए: Late Iodine Enhancement (LIE): यह दिल के किसी खास हिस्से में हुए दाग या स्कार को दिखाता है। Extracellular Volume (ECV): यह दिल की मांसपेशियों में फैले हुए सूक्ष्म नुकसान को पहचानता है। स्टडी में क्या सामने आया? इस रिसर्च में 1,207 मरीजों को शा