RBI का नया Digital Payments E-mandate Framework 2026: ऑटो-डेबिट होगा आसान, लेकिन ज्यादा सुरक्षित और नियंत्रित
4/23/2026, 10:07:00 AM
RBI ने नया Digital Payments E-mandate Framework 2026 जारी किया है, जिससे ऑटो-डेबिट पेमेंट्स आसान और सुरक्षित होंगे। अब ₹15,000 तक के रिकरिंग पेमेंट पर OTP की जरूरत नहीं होगी (कुछ मामलों में ₹1 लाख तक छूट), लेकिन हर ट्रांजैक्शन से 24 घंटे पहले नोटिफिकेशन मिलेगा। साथ ही PPI नियमों को भी मजबूत किया गया है। इससे यूज़र्स को सुविधा के साथ बेहतर कंट्रोल और सुरक्षा मिलेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल पेमेंट्स को और ज्यादा सुरक्षित और यूज़र-फ्रेंडली बनाने के लिए नया ‘Digital Payments – E-mandate Framework 2026’ जारी किया है। इस फ्रेमवर्क का मकसद ऑटो-डेबिट ट्रांजैक्शंस को आसान, सुरक्षित और पूरी तरह उपभोक्ता-केंद्रित बनाना है। इस नए नियम के तहत कार्ड, UPI और प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट (PPI) के जरिए होने वाले सभी रिकरिंग पेमेंट्स (जैसे सब्सक्रिप्शन, EMI, बिल पेमेंट) के मौजूदा दिशानिर्देशों को एक साथ लाकर एक यूनिफाइड सिस्टम तैयार किया गया है। क्या हैं नए नियम? RBI के ड्राफ्ट गाइडलाइंस के मुताबिक: ई-मैंडेट के रजिस्ट्रेशन, मॉडिफिकेशन और पहली ट्रांजैक्शन पर Additional Factor Authentication (AFA) यानी OTP या समान सुरक्षा जरूरी होगी। इसके बाद की ट्रांजैक्शंस में ₹15,000 तक के भुगतान पर OTP की जरूरत नहीं होगी। खास कैटेगरी जैसे बीमा, म्यूचुअल फंड और क्रेडिट कार्ड बिल के लिए यह लिमिट बढ़ाकर ₹1,00,000 तक रखी गई है। प्री-डेबिट नोटिफिकेशन अनिवार्य अब हर ऑटो-डेबिट से 24 घ